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सबसे पहले मोदी जी गुजरात में बनाए थे संसदीय सचिव, इस्तीफा उनका मांगना चाहिए: संजय सिंह

केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा- मोदी सरकार लोकतंत्र की हत्या करने में जुटी है।

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 02:08 PM IST

लखनऊ. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार बनने के बाद पहली बार यूपी आए संजय सिंह ने लखनऊ में मीडिया से बात की । केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा- मोदी सरकार लोकतंत्र की हत्या करने में जुटी है। चुनाव आयोग ने कानून और नियमों को ताक पर रखकर फैसला लिया। सुप्रीम कोर्ट के जजों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहना पड़ा रहा है- संविधान खतरे में हैं। एकतरफा फैसला किया गया...


- संजय सिंह ने कहा- "आप विधायकों को लेकर किया गया फैसला एकतरफा है। पार्लियामेंट्री सेकेट्री की नियुक्ति पत्र में साफ लिखा है कि ये कोई लाभ का पद नहीं हैं।"
-"2006 में दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार ने 19 विधायकों को लाभ का पद दिया था। झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी संसदीय सचिव पर विधायको की नियुक्ति दी गयी। हरियाणा में 4 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया है। बंगाल में विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया। पंजाब में संसदीय सचिव बनाया गया। हिमाचल प्रदेश में 11 संसदीय सचिव को लाभ का पद दिया गया। हाई कोर्ट ने ससदीय सचिवों की नियुक्ति को रद्द किया, लेकिन किसी विधायक की सदस्यता रद्द नहीं हुई। इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ने एकतरफा फैसला दिया।
-"बीजेपी के एजेंट के रूप में चुनाव आयोग ने फैसला दिया है। आप पार्टी इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएगा। देश के दूसरे राज्यो का हवाला कोर्ट में आम आदमी की पार्टी रखेगी। दिल्ली के विधायकों के साथ चुनाव आयोग ने गलत हुआ।

-संजय सिंह ने कहा- "अगर मनोज तिवारी जी को इस्तीफा मांगना है, तो पहले पीएम का इस्तीफा मांगना चाहिए। सबसे पहले गुजरात में उनके समय में ही संसदीय सचिव बनाये गए, जिन्हें उप-मंत्री का दर्जा दिया गया और सारी सुविधाएं दी गई।"

-कांग्रेस के साथ उत्तराखंड और गोवा में गलत हुआ। कांग्रेस अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मांग रही है। देश के दूसरे राज्य में हाई कोर्ट ने संसदीय सचिवों के पद को रद्द किया है,लेकिन चुनाव आयोग ने कभी भी कोई सदस्यता रद्द नही हुई। सोमवार को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में पार्टी को राहत मिलेगी।