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हाईकोर्ट न्यूज: फर्जी पासपोर्ट के मामले में निरुद्ध अभियुक्त 3 दिन के रिमांड पर

लखनऊ. अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी रिमांड की यह अवधि 6 जनवरी की सुबह 11 बजे से शुरू होगी।

Dainik Bhaskar

Jan 05, 2018, 07:59 PM IST
फाइल। फाइल।

लखनऊ. विशेष सीजेएम छवि अस्थाना ने फर्जी पासपोर्ट बनवाने व बनाने आदि के मामले में निरुद्ध अभियुक्त अहसान अहमद और युसूफ अली उर्फ नजरुल को तीन दिन के लिए एटीएस की कस्टडी में सौंपने का आदेश दिया है। अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी रिमांड की यह अवधि 6 जनवरी की सुबह 11 बजे से शुरू होगी। उन्होंने यह आदेश इस मामले के विवेचक और एटीएस बरेली के निरीक्षक वीर सिंह की अर्जी पर दिया है।

-विवेचक का कहना था कि अभियुक्तों के कब्जे से फर्जी पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र विभिन्न नाम-पते के बरामद हुए हैं।

-इनके पास से फर्जी अभिलेख तैयार करने में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण व अभिलेखीय सामग्री आदि भी बरामद हुई है।

-इन्होंने अपने बयान में यह भी कहा है कि इस कार्य में उनकी साठगांठ अन्य व्यक्तियों से भी है।

-लिहाजा मुल्जिमों के जरिए उनके नेटवर्क में शामिल सदस्यों की पहचान करके उनकी गिरफ्तारी करने, राजस्व और अन्य राजकीय विभागों में इनके मददगार लोगों की पहचान स्थापित करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बिन्दूओं पर इनसे सघन पूछताछ करने के लिए इन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी में दिया जाए।

-शुक्रवार को इस अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह दोनों अभियुक्त जेल से अदालत में हाजिर थे।

2. मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार के खिलाफ एक अवमानना नोटस जारी किया है। कोर्ट ने यह आदेश आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की अवमानना याचिका पर जारी किया है। कोर्ट ने राजीव कुमार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।


-याची की अधिवक्ता नूतन ठाकुर ने बताया कि हाईकोर्ट ने 1 अगस्त 2017 को मुख्य सचिव को अमिताभ ठाकुर की एक शिकायत को देखने का आदेश दिया था।

-उक्त शिकायत में अमिताभ ठाकुर ने पूर्व मुख्य सचिव अलोक रंजन व अन्य पर उनके सेवा सम्बन्धी मामलों में फर्जी अभिलेख बना कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

-याची की अधिवक्ता के अनुसार अब तक 1 अगस्त 2017 के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है। जिस पर न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की एकल सदस्यीय पीठ ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

आगे की स्लाइड्स में पढ़‍िए एक वोटर लिस्ट से सभी चुनाव कराने की मांग पर कोर्ट ने मांगा जवाब...



स‍िम्बोल‍िक। स‍िम्बोल‍िक।

एक वोटर लिस्ट से सभी चुनाव कराने की मांग पर कोर्ट ने मांगा जवाब

 

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक वेाटर लिस्ट से सभी चुनाव कराने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर केंद्रीय चुनाव आयोग राज्य चुनाव आयोग समेत केंद्र व राज्य सरकार से उनका पक्ष मांगा है। कोर्ट ने सभी विपक्ष‍ियों को तीन हफ्ते में प्रति शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही याची को एक हपते का समय प्रतिउत्तर शपथपत्र दाखिल करने के लिए प्रदान किया है। मामले की अगली सुनवायी चार हपते बाद होगी।

 


-यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ एवं जस्टिस अब्दुल मोईन की बेंच ने एक पूर्व सभासद अवधेश मिश्रा की ओर से दायर जनहित याचिका पर पारित किया।

-याची के वकील बी के सिंह का कहना था कि चुनाव आयेाग प्रत्येक चुनाव के लिए अलग अलग वेाटर लिस्ट बनवाता है जिसमें काफी समय व संसाधन का व्यय होता है और इससे कोई लाभ भी नहीं होता।

-याची की मांग थी कि चुनाव आयोग एक वेाटर लिस्ट बनाए और समय समय पर उसे अपडेट करता रहे जिससे समय व संसाधन तो बचेगा ही और साथ ही लेागेां को बार बार अपना वेाटर लिस्ट में जोड़वाने की चिन्ता से भी दो चार नहीं हेागा पड़ेगा।
-सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले पर जवाब देने के लिए सभी विपक्षीगणों को तीन हफ्ते का समय दे दिया।

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फाइल।फाइल।
स‍िम्बोल‍िक।स‍िम्बोल‍िक।
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