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AICTE इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए शुरू करेगा ये खास प्रोग्राम, 3 हफ्ते होगी एक्सट्रा एक्टिविटीज

एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे एकेटीयू के 15वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ आए थे।

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 05:29 PM IST
एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे। एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे।

लखनऊ. ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के चेयरमैन डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे मंगलवार को राजधानी के डॉ. अब्दुल कलम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के 15वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। उन्होंने dainikbhaskar.com से बातचीच में अपने एजुकेशन के फिल्ड में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, एआईसीटीई इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए एक खास प्रोग्राम शुरू करेगा। इसके ल‍िए 3 हफ्ते एक्सट्रा कर‍िकुलम एक्टिविटीज होगी। आगे पढ़‍िए और क्या बोले एआईसीटीई के चेयरमैन...

-डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने बताया, हिंदी मीडियम के छात्रों को बीटेक या अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज में एडमिशन लेने पर इंग्लिश या अन्य लैंग्वेज के छात्रों और फैकल्टीज के साथ तालमेल बैठाने में थोड़ा समय लगता है।

-छात्रों की इसी प्रॉब्लम को ध्यान में रखते हुए एआईसीटीई देश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में ‘स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम’ शुरू करने जा रहा है। इस प्रोग्राम को सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में करना जरूरी होगा।

-इस प्रोग्राम के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों का फर्स्ट सेशन शुरू होने पर 3 हफ्ते तक शुरुआत में केवल एक्सट्रा करिकुलम एक्टिविटीज होंगी।

-सत्र की शुरुआत में लैंग्वेज के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद दोपहर में डिफरेंट आर्ट फॉर्म बताए जाएंगे। फिर कई एक्टिविटीज होंगी और शाम को छात्रों को फिल्म दिखाई जाएगी।

-ऐसा गुरु-शिष्य परंपरा को बरकरार रखने के लिए किया जाएगा। टीचर-स्टूडेंट में फ्रेंडली टर्म्स जरूरी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम किया जाएगा।

टीचर्स ट्रेनिंग के ल‍िए बनेगा पाठ्यक्रम

-टीचर्स की ट्रेनिंग के लिए पाठ्यक्रम बनाया जाएगा और वे भोपाल, चंडीगढ़, चेन्नई और कोलकाता स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण लेंगे। इसके अलावा वे मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ‘स्वयं’ प्लेटफॉर्म से भी प्रशिक्षण ले सकेंगे।

-आईआईटी की तरह एआईसीटीई के संस्थानों में भी छात्रों के दाखिले से पूर्व विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें छात्र अपने शिक्षकों और सहयोगी छात्रों से परिचित होंगे और एक-दूसरे से संवाद करेंगे।

-इस शिविर में 25 छात्रों का एक बैच होगा, जिसपर एक शिक्षक नियुक्त होंगे। इसमें छात्र अपनी भाषाई झिझक को भी दूर करेंगे और अंग्रेजी आदि भी सीखेंगे। ताकि दाखिले के बाद भाषा को लेकर कोई समस्या नहीं हो।

फीस की लिमिट तय करने की हो रही कोश‍िश

-डॉ. सहस्त्रबुद्धे ने बताया, तकनीकि संस्थानों की फीस की अपर लिमिट को तय कर दी गई है, लेकिन लोअर लिमिट अभी तय होना बाकी है।

-इसको लेकर भी एआईसीटीई जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकता है, ताकि निजी इंजीनियरिंग कॉलेज मनमाने ढंग से छात्रों से फीस नहीं वसूल पाएं।

टीचर्स की ट्रेनिंग होगी कंपल्सरी

-सहस्त्रबुद्धे के मुताबिक, टेक्निकल इंस्टीट्यूट में 30-35 परसेंट टीचर्स के पद खाली हैं, जिन्हें भरने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों के लिए 3 महीने का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसके लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं जिसके तहत शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा।

-एआईसीटीई से करीब 10 हजार शिक्षण संस्थान मान्यता प्राप्त है। इन सभी संस्थानों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से जुड़े एवं विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एक्स वीसी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।