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मायावती से मिलने उनके घर पहुंचे अखिलेश यादव, जीत की दी बधाई

फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव बसपा ने सपा कैंडिडेट का समर्थन किया था।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Mar 14, 2018, 07:53 PM IST

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Akhilesh Yadav meet BSP Chief Mayawati in Lucknow
मायावती से मुलाकात करने के बाद अखिलेश ने मीडिया से बात नहीं की।

लखनऊ.   गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में जीत के बाद बुधवार शाम को अखिलेश यादव ने मायावती से मुलाकात की। 18 साल के राजनीतिक करियर में यह पहला मौका है जब अखिलेश बीएसपी सुप्रीमो के घर पहुंचे। वे 2000 में कन्नौज सीट पर उपचुनाव जीतकर सांसद बने थे। दोनों के बीच करीब 40 मिनट मुलाकात हुई। उपचुनाव के लिए दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने 4 मार्च को सपा को समर्थन देने का एलान किया था। किसी बड़े नेता ने इसकी जानकारी नहीं दी थी। बता दें कि इससे पहले 1993 में काशीराम और मुलायम सिंह ने गठबंधन किया था, लेकिन दोनों के बीच दोस्ती सिर्फ 2 साल चली और 1995 में टूट गई थी। 

 

 

मायावती से क्यों मिलने पहुंचे अखिलेश? 

- समाजवादी पार्टी  के सूत्रों ने DainikBhaskar.com को इसकी 3  वजहें बताईंं। 

पहली:  इस जीत के बाद अखिलेश ने भविष्य में साथ आने के लिए मायावती के रोल की अहमियत को जताने की कोशिश की।

दूसरी: राज्यसभा में बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर का समर्थन देने का भरोसा दिलाया। नरेश अग्रवाल और नितिन अग्रवाल के बीजेपी में शामिल होने के बाद राज्यसभा के लिए सपा के 9 विधायक बचे थे। ऐसे में कहा जा रहा है कि सपा के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। 

तीसरी: 2019 के चुनाव पर भी चर्चा हुई। 

- इससे पहले अखिलेश ने पार्टी कार्यालय में अपने विधायकों के साथ मीटिंग की।

 

कौन-कितने वोट से जीता?
फूलपुर
: सपा के नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल को 3,42,796 और बीजेपी के कौशलेंद्र सिंह पटेल को 2,83,183 वोट मिले। नागेंद्र पटेल 59,613 वोटों से जीते।
गोरखपुर: सपा के प्रवीण निषाद को 4,56,513 वोट मिले। बीजेपी कैंडिडेट उपेंद्र शुक्ल को 4,34,632 वोट मिले। निषाद 21,881 वोटों से जीते।

 

जीत के बाद अखिलेश ने दी थी मायावती को बधाई?

- जीत के बाद अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती को सबसे पहले धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि देश की महत्वपूर्ण लड़ाई में उनका सहयोग मिला। दोनों लोकसभा के लाखों लोगों ने हमें जिताया है। उनका भी धन्यवाद।

 

कैसे हुआ गठबंधन ?

- एसपी और बीएसपी के बीच इन चुनावों के लिए 4 मार्च को गठबंधन का एलान किया गया। इसके लिए दोनों पार्टी ने एक रणनीति के तहत जिला प्रभारियों की मीटिंग कराई और उन्हें ही एलान करने की जिम्मेदारी दी गई। 

Akhilesh Yadav meet BSP Chief Mayawati in Lucknow
अखिलेश और मायावती की मीटिंग में आजम खान भी मौजूद थे।
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1993 में काशीराम और मुलायम सिंह ने गठबंधन किया था।
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