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'योगी के लखनऊ से जाते ही CM ऑफिस गए थे मौर्या, लगाई थी अपनी नेमप्लेट'

फूलपुर सीट से बीजेपी की हार में अखिलेश यादव की बेहतरीन पॉलिटिक्स वजह रही।

Danik Bhaskar

Mar 14, 2018, 05:25 PM IST

इलाहाबाद. फूलपुर सीट से बीजेपी की हार में अखिलेश यादव की बेहतरीन पॉलिटिक्स वजह रही। उन्होंने सपा की कैंपेनिंग के दौरान ऐसी दमदार बातें कहीं, जो फूलपुर की जनता को इमोशनल कर गईं और वोट उनकी तरफ झुक गए।

मौर्या को कहा था बैकवर्ड, दिखाई थी योगी के साथ लड़ाई

- फूलपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कई चोट करने वाली बातें कही थीं। उन्होंने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या पर तो निशाना साधा ही था, साथ ही एक ऐसे वाकये का जिक्र किया था, जिससे योगी-मौर्या में फूट नजर आए।
- अखिलेश यादव का बयान कुछ इस प्रकार से था, "ये तो डिप्टी सीएम का गढ़ है। पोस्ट मिलने के बाद उनकी भाषा कैसी हो गई। वो चुनाव से पहले भी बैकवर्ड थे और जीतने के बाद भी बैकवर्ड रह गए। आपने सुना होगा, एक बार सीएम लखनऊ में नहीं थे। तब इन्हीं डिप्टी सीएम ने शास्त्री भवन पर कब्जा कर लिया था। अपनी नेम प्लेट लगवा दी थी और उच्चाधिकारियों की मीटिंग तक कर ली थी। जब मीटिंग के बारे में सीएम को पता चला तो उन्होंने कुर्सी भी छीन ली और नेम प्लेट भी निकलवाकर डस्टबिन में फिकवा दिया। ये हैसियत है डिप्टी सीएम की। मेरी बात गलत हो तो एक वोट मत देना मौर्या समाज के लोगों।"

क्या था असली मामला

- दरअसल, जब सरकार बनी तो केशव मौर्य ने एनेक्सी, जोकि सीएम ऑफिस है, वहां डिप्टी सीएम की नेम प्लेट लगवा दिया था। तब योगी दिल्ली गए थे। उस विजिट के बाद ही उनका नाम सीएम पद के लिए अनाउंस हुआ था। तब कहा गया था कि योगी नए लोकभवन में बैठेंगे।

- जब योगी लोकभवन में नहीं बैठे तो मौर्या का नेम प्लेट हटाकर योगी की नेमप्लेट लगाई गयी थी।
- ऐसी चर्चाएं थी कि बीजेपी की जीत के वक्त अध्यक्ष रहे केशव प्रसाद मौर्या ने काफी मेहनत की थी। उनकी जगह योगी को सीएम बनाए जाने पर वे नाराज थे, जिसके बाद उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया।
- दोनों डिप्टी सीएम विधानसभा में बैठते हैं।

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