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हैदराबाद में AIMPLB की अहम बैठक, ट्रिपल तलाक को लेकर निकाहनामे में हो सकता है बदलाव

लोकसभा में ट्रिपल तलाक से जुड़ा बिल पास हो गया। वहीं, राज्यसभा में बिल अभी पेडिंग में है।

Danik Bhaskar

Feb 09, 2018, 11:36 AM IST
बैठक में AIMPLB में सभी मेंबर भाग ले रहे हैं। फाइल बैठक में AIMPLB में सभी मेंबर भाग ले रहे हैं। फाइल

लखनऊ. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की तीन दिवसीस बैठक आज से हैदराबाद में शुरू हो रही है। 11 फरवरी तक चलने वाली AIMPLB इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में सबसे अहम तीन तलाक का मामला है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मॉडल निकाहनामे में संशोधन किया जा सकता है।


-बैठक में रवाना होने से पहले बोर्ड के मेंबर मौलाना ख़ालिद रशीद फिरंगी ने बताया कि इस बैठक में मॉडल निकाहनामे में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निकाहनामा पढ़ते वक्त निकाहनामे में एक प्वाइंट ऐड किया जाएगा। जिसमें एक साथ तीन तलाक नहीं देने का वायदा किया जाएगा और सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट पर पूरी तरह से अमल हो किया जाएगा।
- उन्होंने बताया कि बैठक में सभी काजियों को बताया जाएगा कि अब निकाहनामा पढ़ाते वक्‍त मियां और बीवी दोनों ट्रिपल तलाक इन वन सिटिंग का इस्‍तेमाल नहीं करेंगे।

- आपको बता दें कि केन्द्र के द्वारा लाए गए ट्रपल तलाक बिल के मसौदे पर पहले ही AIMPLB अपनी आपत्ति दर्ज करा चुका है। AIMPLB ने जहां तीन तलाक को धर्म से जुड़ा मामला बताया था वहीं, सरकार की तरफ से कहा गया था कि यह बिल किसी धर्म से नहीं जुड़ा बल्कि महिलाओं के हित के लिए है।

ये है पूरा मामला...

- हालांकि बोर्ड एक साथ तीन तलाक को सामाजिक बुराई मानता है और इस पर सामाजिक स्तर पर ही पाबंदी लगाने के पक्ष में है। बता दें कि बोर्ड पहले ही तलाक के मामले में कोड ऑफ कंडक्ट जारी कर एक साथ तीन तलाक देने वाले का सामाजिक बहिष्कार करने का एलान कर चुका है।
-AIMPLB के प्रवक्ता फिरंगी महली ने कहा- एक ही वक्त में तीन तलाक से कई बार परिवार बिखर जाते हैं, लेकिन कई मौकों पर ये महिलाओं के हित में रहता है और वे खुद एक ही वक्त में तलाक चाहती हैं।
-महिलाओं और परिवार के हित को ध्यान मे रख कर बोर्ड ने मॉडल निकाहनामे में एक लाइन जोड़ी है, जिसमें शौहर ये वादा करेगा कि वो भविष्य में एक ही वक्त में तीन तलाक नहीं कहेगा। तलाक जरूरी होने पर वो एक वक्त में एक ही तलाक देगा ताकि परिवार टूटने की गुंजाइश न बने।


लोकसभा में पास हो चुका है बिल
- लोकसभा में ट्रिपल तलाक से जुड़ा बिल पास हो गया। वहीं, राज्यसभा में बिल अभी पेडिंग में है।
- बता दें कि यह बिल लोकसभा के पटल में 28 दिसंबर, 2017 को रखा गया था। बिना किसी संशोधन के 1400 साल पुराने ट्रिपल तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के खिलाफ बिल लोकसभा में 7 घंटे के भीतर पास हो गया था।

मौलाना खालिद फिरंगी महली ने कहा कि बैठक में निकाहनामे के बदलाव पर चर्चा होगी। फाइल मौलाना खालिद फिरंगी महली ने कहा कि बैठक में निकाहनामे के बदलाव पर चर्चा होगी। फाइल
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