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BBAU में रोक के बावजूद नियुक्तियों को मिली हरी झंडी, लगी थी रोक

BBAU में रोक के बाद भी नियुक्ति करने का अारोप है।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 07:15 PM IST
allegiance to BBAU for joining members in university

लखनऊ. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन( यूजीसी) की रोक के बावजूद बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर(बीबीएयू) में गैर शैक्षणिक पदों( मीडिया सेंटर) पर भर्ती करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी के वीसी ने अपने चहेते को लाभ पहुंचाने के मकसद से रजिस्ट्रार के बेटे को नियमों के ताक पर कैमरामैन अपाॅइन्ट कर दिया। मामले के सामने आने के बाद से भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए है।

ये है पूरा मामला...

- बीबीएयू में 2016-17 में आरक्षण नीति को ताक पर रखते हुए वीसी आरसी सोबती पर टीचर्स की मनमानी नियुक्तियां करने का आरोप लगा था। जिसके बाद बीबीएयू के टीचर्स ने इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में कंप्लेन कर दिया था।
- इस मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने सचिव, मानव मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) और अध्यक्ष, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) को बीबीएयू के वीसी को भर्ती करने पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया था।

सांसद ने उठाया था मुद्दा
- बीजेपी की सांसद अंजू बाला ने लोकसभा में बीबीएयू में हुई अवैध नियुक्तियों का मुद्दा उठाया था। जिस पर जवाब देते हुए समाजिक न्याय और अधिकारिता ने मंत्री विजय सांपला ने जवाब देते हुए बताया था, ''हां, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने सचिव, मानव मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) और अध्यक्ष, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन( यूजीसी) को बीबीएयू के वीसी को भर्ती करने पर रोक लगाने की सिफारिश किया है।''
- ''आयोग ने बीबीएयू वीसी को बिना यूजीसी और एचआरडी के अनुमोदन के भर्ती नहीं करने का निर्देश दिया है। आयोग ने ये भी सिफारिश किया है कि बीबीएयू वीसी तब तक चयन समिति की सिफारिशों वाले लिफाफे ना खोलें।''
- ''इसके वावजूद बीबीएयू के वीसी प्रो. आरसी सोबती ने मंगलवार को न केवल नियुक्तियों को हरी झंडी दिखा दी बल्कि रजिस्ट्रार के बेटे अनुराग को कैमरामैन की अपोइन्टमेंट लेटर थमा दिया।''

बीबीएयू वीसी पर लगे ये आरोप
- बीबीएयू के टीचर्स ने नाम न छापने की शर्त पर वीसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीबीएयू में कैमरामैन जैसे पदों में जहां तकनीकी (स्किल) परीक्षा होनी चाहिए थी, उसके बावजूद बिना तकनीकी (स्किल) परीक्षा कराये गुपचुप तरीके से ज्वाइनिंग लेटर जारी कर दिए गए।
- वीसी आर.सी.सोबती का कार्यकाल अगले कुछ दिनों में ही समाप्त होने वाला है, लेकिन इसके बावजूद नियमों को को ताख पर रखकर नियुक्तियों में लगातार धांधली और भ्रष्टाचार जारी है।

कार्य परिषद की सदस्य ने भी उठाया था सवाल
- बता दें, बीते दिनों यूनिवर्सिटी में सीबीआई ने छापा मारकर एक प्रोफेसर व एक अन्य कर्मचारी को 50 हजार रुपए नकद लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
- इस पर कार्यपरिषद की सदस्य व सांसद सावित्री बाई फूले ने कहा था कि, ''चूंकि वीसी का कार्यकाल मात्र कुछ दिन ही बाकी रह गया है और इन नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की शिकायत की जा चुकी है, ऐसे में इन नियुक्तियों को जारी नहीं किया जाना चाहिए था।''
- ''वह इस मामले की लिखित शिकायत एमएचआरडी डिपार्टमेन्ट को करेंगी।''
- बीबीएयू वीसी प्रो. आरसी सोबती ने कहा, ''यूनिवर्सिटी के अंदर अभी तक जो भी नियुक्तियां हुई है। वे सभी नियमों के तहत की गई है। अवैध नियुक्तियों का आरोप निराधार है।''

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