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'इस देश को हिंदू न मुसलमान चाहिए, हर मजहब जिसको प्यार वो इंसान चाहिए'

कासगंज में भड़की ह‍ि‍ंसा से लगातार तीसरे द‍िन भी यहां तनाव बना हुआ है।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 02:44 PM IST

कासगंज (यूपी). कासगंज में भड़की ह‍ि‍ंसा से लगातार तीसरे द‍िन भी यहां तनाव बना हुआ है। सोशल मीड‍िया से लेकर पॉल‍िट‍िकल पार्टी के नेता अपनी अलग-अलग प्रत‍िक्र‍िया दे रहे हैं। वहीं, कासगंज मामले को लेकर सपा संरक्षक मुलायम स‍ि‍ंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने भी ट्वीट क‍िया है। उन्होंने ल‍िखा है, 'इस देश को हिंदू न मुसलमान चाहिए, हर मजहब जिसको प्यार वो इंसान चाहिए'। आगे पढ़‍िए क्या है पूरा मामला...

(आगे की स्लाइड्स में इन्फो के जर‍िये पढ़‍िए नेताओं के बयान)

-26 जनवरी को कासगंज जिले के कोतवाली इलाके में बिलराम गेट चौराहे पर तिरंगा यात्रा के तहत विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से रैली निकाल रहे थे।

- इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई। तकरार में दोनों तरफ से फायरिंग, पत्थरबाजी हुई, जिसमें तिरंगा यात्रा में शामिल एक युवक चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई। दूसरे पक्ष के एक शख्स को भी गोली लगी है।

घटना के तीसरे द‍िन भी जारी है तनाव

-उपद्रवियों ने घटना के तीसरे द‍िन रविवार को भी नदरई गेट इलाके में बांकनेर के पास स्थित एक ऑटो पार्ट की दुकान को आग के हवाले कर दिया। साथ ही एक कार को आग लगाकर बनाया निशाना। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।

-बता दें, 27 जनवरी को उपद्रवियों ने बारहद्वारी इलाके में तोड़फोड़ और 4 दुकानों में आगजनी की घटना को अंजाम दिया। समुदाय विशेष के दो शख्स लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में अब तक 50 लोगों को अरेस्ट और 60 से 70 को हिरासत में लिया है। पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। उधर, 26 जनवरी की हिंसा में मारे गए चंदन (22) का शनिवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है।

क्या कहते हैं अध‍िकारी

- अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा के मुताबिक, करीब 12 बजे शांति समिति की एक बैठक बुलाई गई है। इसमें दोनों समुदाय के जिम्मेदारों की एक बैठक कराकर शांति की अपील की योजना है।''
- ''मामले में अबतक 50 लोगों को अरेस्ट किया गया है। वहीं, 60-70 लोगों को हिरासत में लिया गया है।''

- डीजीपी ओपी सिंह के मुताबिक, ''चूक किसकी हुई है इसकी जांच करेंगे, लेकिन अभी लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में लिप्त लोगों को बख्सा नहीं जाएगी। अगर इसमें रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) भी लगाना पड़ा तो वो भी लगाएंगे। अभी हमारी प्राथमिकता लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन रखना है।''