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जिनकी तीन पीढ़ियां मंदिर नहीं गईं वो आज मंदिर-मंदिर भटक रहे हैं, राहुल गांधी पर योगी का तंज

सीएम योगी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अधिवेशन में शिरकत की।

Danik Bhaskar

Jan 22, 2018, 04:40 PM IST
ABVP के प्रांतीय सम्मेलन में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ। ABVP के प्रांतीय सम्मेलन में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ।

लखनऊ. सीएम योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अधिवेशन में शिरकत की। यहां उन्होंने कहा कि इस देश के निर्माण में (ABVP) का अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी समाज में मुसीबत आती है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उसका सामने करने के लिए आगे आता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हम सबका साथ-सबका विकास बिना किसी भेदभाव के साथ कर रहे हैं।

-सीएम योगी ने कहा कि एक युवा के सोचने का नजरिया बेहतर होना चाहिए। दृढ़ इच्छा शक्ति से युवा को आगे बढ़ना चाहिए। छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति में बदलने के लिए एबीवीपी की स्थापना हुई। एक मिशन राष्ट्रवाद, एक धर्म राष्ट्रधर्म को आगे बढ़ाना है। यही एबीवीपी के उद्देश्य हैं।
-देश की समस्याओं पर अगर किसी छात्र संगठन ने काम किया है। वह है एबीवीपी। देश की सीमाओं और स्वदेशी की बात होती तो विद्यार्थी परिषद सामने आता है।

राहुल पर किया हमला

-राहुल गांधी जनेऊ धारी हिन्दू की बात पर बोले जिसकी चौथी पीढ़ी बोलने लगी मैं एक जनेऊ धारी हिन्दू है। यह साबित करता है की देश की मूल परम्परा पर वापसी हो रही है।
-जो लोग मंदिरों में जाने से संकोच करते थे। आज वह मंदिर-मंदिर भटक रहे हैं। आज उनको मंदिर की जरूरत पड़ गई है। अब उनको लगता है कि उनकी दो और तीन पीढ़ी ने गलत किया था।
बहुत से छात्र संगठन देश विरोधी नारे लगाते हैं। हमारी छात्र शक्ति नेशन पावर को बढाने की ताकत है।

बुधवार तक चलेगा सम्मेलन

-संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का तीन दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन सोमवार से शुरू हुआ है। अधिवेशन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें शिरकत की। सम्मेलन बुधवार तक चलेगा। इस दौरान एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर भी मौजूद रहेंगे।

-इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ यूपी हिंदी संस्थान के कार्यक्रम में कहा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बंगाल, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, कश्मीर व देश के अन्य क्षेत्रों से भी साहित्यकार यहां पर आए हैं। यानि पूरे भारत को समेटने का जो प्रयास इस सम्मान समारोह के माध्यम से हुआ है, वास्तव में यही भूमिका हिंदी की होनी चाहिए।

छात्र शक्ति को बताया राष्ट्र निर्माण के लिए अहम । छात्र शक्ति को बताया राष्ट्र निर्माण के लिए अहम ।
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