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BHU के स्टूडेंट्स-प्रोफेसरों ने बनाई महिलाओं की ग्रीन ब्रिगेड, 10 गांवों की 150 महिलाएं शामिल; मकसद- महिला हिंसा रोकना

उत्तर प्रदेश के बनारस और मिर्जापुर में काम कर रही महिलाओं की ग्रीन ब्रिगेड, 2 साल की ट्रेनिंग के बाद हुईं तैयार

Bhaskar News| Last Modified - Feb 12, 2018, 05:59 AM IST

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BHU students-Professors made women s green brigade
कराटे ट्रेनिंग लेतीं ग्रीन ब्रिगेड की महिलाएं।

लखनऊ. बुंदेलखंड के गुलाबी गैंग और लखनऊ की रेड ब्रिगेड के बाद अब उत्तर प्रदेश के ही बनारस और मिर्जापुर में महिलाओं की ग्रीन ब्रिगेड तैयार है। गुलाबी गैंग और रेड ब्रिगेड को महिलाओं ने ही मिलकर तैयार किया था। वहीं ग्रीन ब्रिगेड को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के छात्रों और प्रोफेसर के सहयोग से बनी होप संस्था ने तैयार किया है। इसका मकसद है- नशाखोरी और महिला हिंसा को रोकना। साथ ही लोगों में इसके खिलाफ जागरुकता फैलाना।

 

- ग्रीन ब्रिगेड उप्र के नक्सल प्रभावित मिर्जापुर के राजगढ़ ब्लॉक के 10 गांवों में सक्रिय है। इन 10 गांवों की हर टीम में 15-15 महिलाएं हैं, जो अपने-अपने गांवों में नशा मुक्ति, घरेलू हिंसा पर रोक लगाने के अलावा आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस को सूचित करती हैं।

- ग्रीन ब्रिगेड की महिलाओं को ट्रेनिंग देने वाले होप वेलफेयर ट्रस्ट ने 2 साल पहले वाराणसी के पांच गांवों से इसकी शुरुआत की थी। तब से ट्रेनिंग जारी है।

- मिर्जापुर के श्यामाकांत सुमन के मुताबिक हरी साड़ी पहनी हुई महिलाएं आम महिला नहीं हैं। 


- ये महिलाएं जिधर से चलती हैं, उधर नशा करने वालों, जुआ खेलने वालों में एक तरह डर पैदा हो जाता है। यही इनकी कामयाबी है। मिर्जापुर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड से सटा है।

- सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां के 107 गांवों में नक्सवादियों का असर है। जिनमें से 57 गांव तो मड़िहान में ही है। जहां ग्रीन ब्रिगेड ने काम शुरू किया है। 18 गांव लालगंज, 17 गांव अहरौरा, 11 जमालपुर थाना क्षेत्र व 3 गांव हलिया में है।

ग्रीन ब्रिगेड की महिलाओं को पुलिस मित्र का पहचान पत्र

- मिर्जापुर के ये 10 नक्सल प्रभावित गांव विकास से काफी दूर हैं। जिले के एसपी आशीष तिवारी और मड़िहान के विधायक रमाशंकर सिंह पटेल को अब ग्रीन ब्रिगेड से उम्मीदें है। ब्रिगेड की सभी सदस्यों को पुलिस मित्र का पहचान पत्र भी दिया गया है।

- इस ब्रिगेड में 2001 में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 16 नक्सलियों के परिवार की कुछ महिलाएं भी शामिल है। मिर्जापुर में नक्सलियों की गतिविधियां अब पूरी तरह नियंत्रित है।

 

 

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बनारस के 5 गांवों से इस ब्रिगेड की ट्रेनिंग शुरू हुई थी; नशे के खिलाफ भी चला रहीं अभियान। - फाइल
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