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गन्ना किसानों को लेकर योगी सरकार ने लिए ये बड़े फैसले, बढ़ाई गई कई मिलों की क्षमता

कई मिलों में पावर प्लांट भी लगाया जा रहा है।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 11:19 AM IST
योगी आदित्यनाथ (फाइल) । योगी आदित्यनाथ (फाइल) ।

लखनऊ. यूपी में गन्ना किसानों को लेकर योगी सरकार ने कोटा पर्ची से लेकर जीरो टॉलरेंस समेत कई ऐसे परिवर्तन कर किसानों की आए दोगुनी करने का प्रयास किया है जो प्रदेश में पहली बार हुआ। फार्मर डे पर हम आपको ऐसे बिन्दुओ के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे प्रदेश के 33 लाख गन्ना किसान अपनी आर्थिक स्थित मजबूत कर रहे हैं। अपर गन्ना आयुक्त वाईएस मालिक बताते है- "पहली बार गन्ना किसानों की समस्याओं के निपटारे के लिये तीन महीने पहले टोल फ्री नंबर 18001213203 जारी किया गया हैं जिसमें हर दिन 40 से 50 शिकायतें दर्ज की जा रही हैं।"


यूपी में गन्ना किसानों के लिए ये हुए बदलाव


-अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ला के अनुसार, "प्रदेश में 33 लाख गन्ना किसान हैं जिनमें से 28 लाख 76 हजार किसानों के खाते में उनके गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है।"
-उनका दावा है गन्ना व्यवसायी को चिन्हित कर उनको मिली पर्चियों के अनुसार मील तक पहुंचाए गए गन्ना का भुगतान 14 दिन के अंदर पहली बार हुआ है।
-गन्ना मील मालिकों द्वारा किसानों के गन्ना मूल्यों के रूपए रोकने वालों के लिए (esro) स्कीम के तहत भुगतान करने की पहली बार शुरुआत की गई है।
-इसरो खातों के जरिये मील मालिकों को अब चीनी बिक्री का 85 प्रतिशत खाते में जमा करना होगा ताकि किसानों के भुगतान में कोई समस्या न हो सके।
-गन्ना किसानों को अब पहले के मुकाबले प्रति हेक्टेयर 3 पर्ची अधिक दी जा रही है जिससे किसानों के नुकसान की भरपाई की जा सके।
-प्रदेश के 6 लाख छोटे गन्ना किसानों को चिंहत किया गया है। ताकि बीते तीन सालों में उनके गन्ना उत्पादन को देखते हुए पर्चियां दी जा सके।
-अब तक साढ़े तीन लाख ऐसे छोटे गन्ना किसानों को पर्चियां दी जा चुकी हैं, जो पहली बार ऐसा हो रहा हैं।
-गन्ना किसानों को होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए इस साल सरकार ने बंद हो चुकी तीन चीनी मिलों को चालू करा दिया।
-जबकि दो नई चीनी मिल खोलने की तैयारी भी कर ली गई है। ये चीनी मिलें गोरखपुर के पिपराईच और बस्ती के मुंडेरवा में खुलेंगी।

कुछ मिलों की क्षमता बढ़ाई गई


-गन्ना किसानों की आए दोगुनी करने के लिए कई चीनी मिलों की क्षमता बढ़ाई गई हैं। कई मिलों में पावर प्लांट भी लगाया जा रहा है ताकि उत्पादन में किसी प्रकार की दिक्कत न सके।
-गन्ना किसानों को समय समय पर गन्ना सम्बन्धित जानकारी देने के लिए उन्हें भारत सरकार के एम किसान पोर्टल से जोड़ दिया गया है ताकि किसानों को घर बैठे उन्हें जानकारी मुहैया कराई जा सके।
-गन्ना की तुलाई में होने वाली घटतौली रोकने के लिए सरकार ने लॉटरी सिस्टम शुरू किया है। लॉटरी के जरिये तौल बाबू को समित का आवंटन होता है जिससे घटतौली में कमी आ सकेगी।

27 लाख बने मृदा कार्ड, जमीन के हिसाब से मिलेगी खाद


-अपर गन्ना आयुक्त विकास आरपी यादव ने बताया- "खेत को और अधिक उपजाऊ बनाने के लिए गन्ना किसानों को मृदा संरक्षण कार्ड मुहैया कराए गए हैं। अब तक 33 लाख गन्ना किसानों में 27 लाख किसानों को मृदा कार्ड मिल चुके हैं। जिसके जरिये उन्हें इस बात की भी जानकारी दी गई उनके खेतों में क्या कमी है और उसे कैसे दूर किया जाए।"

18 कर्मचारियों पर कार्यवाही


-सयुंक्त गन्ना आयुक्त बीबी सिंह ने बताया- "5400 कर्मचारियों वाली गन्ना की 169 समितियों में से गन्ना किसानों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए अब तक गन्ना विभाग के 18 कर्मचारियों पर निलंबन की भी कार्यवाही की जा चुकी है।"
-सरकारी जमीनों की पहली बार मैपिंग कराई जा रही है। ताकि गन्ना विभाग की समितियों की बंधक की चुकी जमीन से कब्जा हटाया जा सके।
-इस दौरान अब तक 16 हेक्टेयर कृषि भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है। इस अभियान के दौरान जमीनों को रेड, येलो और ग्रीन कैटेगरी में बांटा गया है।

आज़ादी के बाद पहली बार मिला सड़क के लिए रूपए


-गन्ना विभाग के मुख्य अभियंता राकेश श्रीवास्तव ने बताया- "गन्ना विभाग आजादी के बाद पहली बार सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों के अभियान से जुड़ सका। 2002 किलोमीटर की गन्ना विभाग की सड़क बनाने का अधिकार है जिसमें से विभाग ने बरसात से पहले 546 किलोमीटर गड्डा मुक्त किया गया तो 77 किमी बरसात के अब तक कुल 623 किमी सड़क की मरम्मत करा चुका है।"
-बाकायदा सरकार की तरफ से इसके लिए बजट भी दिया गया, अभी तक गन्ना विभाग अपने ही खर्च से सड़क मरम्मत का काम करता आया है।

फाइल । फाइल ।