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बीजेपी ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया, नहीं तो BSP के और मेयर जीत होती: मायावती

डॉ. भीमराव अंबेडकर को बौद्ध धर्म की दीक्षा देने वाले बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानंद का निधन 30 नवंबर को हुआ था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 02, 2017, 10:02 AM IST

    • VIDEO: मायावती बोलीं- बीजेपी ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया, नहीं तो और हमारे और मेयर होते।

      लखनऊ.यूपी निकाय चुनाव नतीजों पर मायावती ने शनिवार को कहा कि बीजेपी ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया, नहीं तो बीएसपी के और मेयर जीतते। अगर 2019 का लोकसभा चुनाव बैलट पेपर से कराएं तो दावे के साथ कह सकती हूं कि बीजेपी हार होगी। वहीं, सपा नेता आजम खान ने कहा कि चुनाव में कोई टेम्परिंग नहीं, सेटिंग हुई है। जहां ईवीएम थी बीजेपी जीती और जहां बैलट पेपर से वोट डाले गए सपा की जीत हुई। शुक्रवार को निकाय चुनाव के नतीजे आए थे। यूपी के 16 नगर निगमों में हुए चुनाव में बीजेपी को 14 और दो सीटों पर बीएसपी को जीत मिली। इससे पहले 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीएसपी का खाता नहीं खुला था, जबकि विधानसभा चुनाव में उसे सिर्फ 19 सीट मिली थीं।

      BJP को लोकतंत्र में भरोसा है तो बैलट पेपर से चुनाव कराए

      - बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को कहा, ''अगर बीजेपी ये दावा कर रही है कि उन्हें बहुमत मिला और देश की जनता उनके साथ है तो ईवीएम को हटाओ और बैटल पेपर से चुनाव कराओ। मैं भरोसे के साथ कहती हूं कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में बैलट पेपर का इस्तेमाल किया जाए तो बीजेपी की हार होगी।''

      - "अगर बीजेपी ईमानदार है और उसका लोकतंत्र में भरोसा है तो उसे ईवीएम खत्म कर बैलट पेपर से चुनाव कराना चाहिए।''

      - ''हमने शहरी निकाय में पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ा। मुझे खुशी है कि इसमें दलित और पिछड़ों के साथ ऊंची जाति, मुस्लिमों ने भी बीएसपी को भारी संख्या में वोट दिए।''
      - अपोजिशन पार्टियों के अलायंस के सवाल पर मायावती ने कहा, ''बीएसपी चाहती है कि सर्व समाज- दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक (मुस्लिम) और ऊंची जाति के बीच भाईचारा हो। क्या इससे बड़ा कोई गठजोड़ हो सकता है?''

      मायावती ने बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानंद को श्रद्धांजलि दी

      - शनिवार को बीएसपी सुप्रीमो बौद्ध भिक्षु डॉ. प्रज्ञानंद को लखनऊ में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर को 1956 में बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलाई थी।

      - लंबी बीमारी के बाद 30 नवंबर को प्रज्ञानंद का निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। 26 नवंबर को उन्हें गंभीर हालत में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के भर्ती कराया गया था।

      कौन थे भिक्षु प्रज्ञानंद
      -बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानंद का जन्म श्रीलंका में हुआ था। 1942 में डॉ प्रज्ञानंद भारत आ गए थे। प्रज्ञानन्द ने 14 अप्रैल, 1956 को नागपुर में सात भिक्षुओं के साथ डॉ. भीम राव अम्बेडकर को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी थी।

      हिन्दू धर्म छोड़ बौद्ध की शरण में गए थे बाबा साहेब
      -बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने हिंदू धर्म को छोड़कर बौद्ध धर्म स्वीकार किया था। 1950 से 1956 के बीच उन पर कुछ बौद्ध भिक्षुओं का प्रभाव पड़ा और उन्होंने 14 अक्टूबर, 1956 को नागपुर में अपनी पत्नी के साथ बौद्ध धर्म को अंगीकार कर लिया था।

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      बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानंद को श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं मायावती।
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