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योगी सरकार ने किया यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन, चंद्रभूषण पालीवाल बने अध्यक्ष

चंद्रभूषण पालीवाल को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। इनके साथ पांच सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है।

Danik Bhaskar

Jan 22, 2018, 11:22 AM IST
लंबे समय से यूपी अधीनस्थ सेवा लंबे समय से यूपी अधीनस्थ सेवा

लखनऊ. लंबे समय के बाद यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर योगी सरकार ने सोमवार को मुहर लगा दी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) का गठन कर दिया है।

-चन्द्रभूषण पालीवाल को अध्यक्ष, हृदय नारायण राव, डॉ. सीमा रानी, डॉ. ओंकार प्रसाद मिश्र, अरूण कुमार सिन्हा तथा डॉ. अशोक कुमार अग्रवाल को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।

-बता दें कि 3 अगस्त, 2017 को योगी सरकार ने आयोग के गठन के लिए प्रस्ताव मांगा था।

कौन हैं सीबी पालीवाल

-सीबी पालीवाल रिटयार आइएएस अधिकारी हैं, यूपी की कल्याण सिंह सरकार में उनके सचिव रहे हैं।

-पालीवाल को आरएसएस का बेहद करीबी माना जाता है। प्रदेश में जब भी भाजपा नीति सरकार बनी, वह महत्वपूर्ण पदों पर तैनात होते रहे हैं।

- पालीवाल के एक भाई भी प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और इन दिनों केन्द्र की सेवा में है।

-सपा सरकार के दौरान इनकी तत्कालीन कददावर मंत्री आजम खां के साथ ठन गई है।

आयोग सदस्य हैं अरूण सिन्हा

-अरूण सिन्हा भी सेवानिवृत आइएएस अधिकारी हैं, गुजरे दो माह पहले ही वह प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के पद से सेवानिवृत हुए हैं।

-अखिलेश यादव सरकार में वह प्रमुख सचिव श्रम के ओहदे पर तैनात थे और यादव सरकार ने ही उन्हें प्रमुख सचिव चिकित्सा बनाया था।

क्या कहा आयोग के अध्यक्ष ने

-आयोग के नए अध्यक्ष पालीवाल ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि-आयोग के काम में हम तेजी लाएंगे। कई काम अधूरे पड़े हैं और वैकेंसी अभी बहुत हैं। प्रशासन के कामों को जल्दी से जल्दी रुके कामों को पूरा किया जाएगा।

-शासन के कामों को निष्पक्षता के साथ किया जाएगा । खाली पदों को भरा जाएगा जिससे बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिल सके।

योगी के शपथ लेने के बाद हटाए गए थे सभी अध्यक्ष


-पिछली अखिलेश सरकार में प्रदेश में 80 नेताओं को अलग अलग निगमों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विभागों में एडवाइजर के तौर पर तैनाती मिली थी। 19 मार्च को सीएम योगी के शपथ लेने के बाद ही तत्कालीन मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने अगले ही दिन आदेश जारी कर सभी गैर शासकीय सलाहकारों, निगमों, विभागों व समितियों में अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों को हटाने का आदेश जारी किया था।

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