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योगी का कांग्रेस प्रेसिडेंट पर तंज कहा-राहुल की ताजपोशी बीजेपी के लिए शुभ हैं

सीएम योगी ने कांग्रेस के राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गाँधी बीजेपी के लिए शुभ हैं।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 12:52 PM IST
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में वामपंथ के गढ़ को ध्वस्त करके केसरिया करने की वर्षो से तमन्ना थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में वामपंथ के गढ़ को ध्वस्त करके केसरिया करने की वर्षो से तमन्ना थी।

लखनऊ. पूर्वोत्तर राज्यों में बीजेपी गठबंधन को सफलता मिलने के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गाँधी बीजेपी के लिए शुभ हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के उपाध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस 10 राज्यों में चुनाव हारी थी। नेशनल प्रेसिडेंट बनने के बाद 5 राज्यों में चुनाव हार चुके हैं, आने वाले समय में ये आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा।

वामपंथ के गढ़ को ध्वस्त करने की बरसो से तमन्ना थी

-योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में वामपंथ के गढ़ को ध्वस्त करके केसरिया करने की वर्षो से तमन्ना थी, इस विजय के बहुत मायने है।
-उन्होंने बताया कि हर मंत्री के लिए आवश्यक किया गया था कि हर महीने कम से कम एक मंत्री वहां जाकर प्रवास करे और विकास के प्रवाह को बढ़ाये। पूर्वोत्तर में केंद्र की योजनाओं के बारे में लोगों को बताने का पीएम का निर्देश था।

पीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष को बधाई

-सीएम योगी ने कहा, इस ऐतिहासिक जीत के लिए पीएम नरेद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को बधाई देता हूँ। पूरे देश में होली सौहार्द के साथ मनाई गई, सभी वर्गों ने इसमें योगदान दिया है उनको भी धन्यवाद।
-कार्यकर्ताओं को भी बधाई जिन्होंने विषम परिस्थितियों में कमल खिलाया है। देश के पूर्वोत्तर के राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में बीजेपी और गठबंधन को जो ऐतिहासिक सफलता मिली है उसके लिए पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी को ह्रदय से बधाई।

पीएम ने पूर्वोत्तर को विकास का हिस्सा बनाया

-उन्होंने बताया कि 2013 में एक भी सीट बीजेपी के पास नहीं थी वहां आज बीजेपी जीती है।
-विकास और सुशासन को पीएम ने अपने एजेंडे का हिस्सा बनाया है। सबका साथ सबका विकास के मन्त्र ने वहां असर दिखाया। साथ ही मणिपुर, नागालैंड और मेघालय में भी असर देखने को मिला है।
-राष्ट्रीय एकता के लिहाज से भी ये बहुत महत्वपूर्ण है। इन तीनो राज्यों की जीत ने इस बात का आभास कराया है, कि अब जाति परिवार या पंथ और मजहब के आधार पर बांटकर कोई ज्यादा दिनों तक टिका नहीं रह सकता। उत्तराखंड,हिमांचल गुजरात ने भी इसे स्वीकार किया गुजरात लगातार इसको बढ़ाता भी रहा है।

25 वर्षो से त्रिपुरा की जनता छली जा रही थी

-उन्होंने कहा कि 25 वर्षों से वहाँ की सरकार त्रिपुरा को छल रही थी। वामपंथ के नारों से त्रिपुरा की जनता को छला जा रहा था। दो तिहाई से अधिक बहुमत से बीजेपी का वहां आना इस बात का प्रमाण है कि वहाँ की जनता ने विकास और सुशासन पर विश्वास किया है।
-केंद्र की योजनाओं से त्रिपुरा की जनता वंचित थी। मेघालय में तो कांग्रेस अपने गढ़ को भी नहीं बचा पाई है। नागालैंड के बारे में तो कोई कल्पना भी नही करता था वहां बीजेपी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।
-पूर्वोत्तर के चुनाव परिणाम कर्नाटक,केरल पश्चिम बंगाल उड़ीसा के चुनावो को प्रभावित करके वहाँ भी बीजेपी की विजय पताका हम लोग फहराने में सफल होंगे।

श्रीश्री से पुराने सम्बन्ध है

-श्री श्री रविशंकर से मुलाकात पर सीएम योगी ने कहा उनसे हमारे पुराने संबंध हैं। उत्तर भारत जब आते हैं तब हमारी मुलाकात होती है, उसको पॉलिटिकल नहीं मानना चाहिए।
-इन्वेस्टर समिट में देश और दुनिया के उद्योगपति यहां आये। ऐसे ही जब धर्मार्थ कार्य के लिए कोई यहां सहयोग करने आता है तो इस तरह के हमारे कार्यक्रम चलते हैं। वो कोई राजनितिक मुलाकात नहीं थी एक शिष्टाचार मुलाकात थी।

सपा-बसपा गठबंधन पर बोले सीएम-ये बेर बेल के साथी

-रविवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा और बसपा में बढ़ रही करीबियों पर कहा कि, ये बेर बेल के साथी होंगे। उन्होंने कहा जैसे बेर और बेल कभी एक साथ नहीं उगते हैं ठीक उसी तरह यह गठबंधन भी सफल नहीं होगा।
-उन्होंने कहा इनके मिल जाने का कोई दबाव बीजेपी पर नहीं है. हम गोरखपुर और फूलपुर भारी बहुमत से जीतेंगे।
-बीजेपी के कार्यकर्ताओं में अगर निराशा होती तो निकाय चुनाव या सिकन्दरा विधानसभा उपचुनाव हम नहीं जीतते।
-सपा-बसपा के समर्थन पर उन्होनें कहा कि, स्टेट गेस्ट हाउस काण्ड और महापुरुषों के स्मारकों को तोड़ने की चेतावनी कौन लोग दे रहे थें। इससे समझ आ जाएगा बेर और बेल कौन है?

राहुल गांधी के उपाध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस 10 राज्यों में चुनाव हारी थी। नेशनल प्रेसिडेंट बनने के बाद 5 राज्यों में चुनाव हार चुके हैं। राहुल गांधी के उपाध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस 10 राज्यों में चुनाव हारी थी। नेशनल प्रेसिडेंट बनने के बाद 5 राज्यों में चुनाव हार चुके हैं।