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मोदी के मंत्री ने कहा- गंगा में नहीं करें अस्थि विसर्जन, जल समाधि नहीं दाह संस्कार करें महामंडलेश्वर

इलाहाबाद में हर महीने करीब 15 से 20 हजार अस्थियों का विसर्जन होता है।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 11:51 AM IST
सत्यपाल सिंह ने कहा- गंगा को बचाने के लिए जन सहयोग की जरूरत। सत्यपाल सिंह ने कहा- गंगा को बचाने के लिए जन सहयोग की जरूरत।

लखनऊ. बागपत जिले से बीजेपी सांसद और राज्यमंत्री जल संसाधन मंत्री सत्यपाल सिंह ने गंगा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने गंगा में अस्थि विसर्जन न करने की अपील की है और महामंडलेश्वरों को जल समाधि के बजाए दाह संस्कार करने की सलाह दी है। सत्यपाल सिंह ने कहा- "गंगा में आरती करने के दौरान फूल प्रवाहित करना गंगा की पवित्रता के लिए घातक हो सकता है।" सत्यपाल सिंह ने बातें मंगलवार को हरिद्वार में 'नमामि गंगे प्रोजेक्ट' के तहत 32 योजनाओं का शिलान्यास करते समय कहीं।

-उन्होंने कहा- "प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी ने अलग से गंगा मंत्रालय बनाकर गंगा की पवित्रता व अविरलता को लेकर देश भर में एक जनांदोलन तैयार किया। केवल जनसहभागिता की जरूरत है।"


यूपी में इलाहाबाद और वाराणसी में होता है अस्थि विसर्जन


-उत्तरप्रदेश के वाराणसी और इलाहाबाद में अस्थियों का विसर्जन किया जाता है। यहां अस्थियों का विसर्जन करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आते हैं।
-वाराणसी में गंगा के 80 घाट हैं। मणिकर्णिका घाट में एक प्रतिदिन शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है।

क्या कहना है ज्योतिषियों का

-वाराणसी ज्योतिष विज्ञान समिति के अध्यक्ष पं पवन त्रिपाठी ने कहा- "आस्थि विसर्जन का गंगा प्रदूषण से कोई लेना देना नहीं है। यह आस्था का विषय है।"
-उन्होंने बताया कि वाराणसी के अलग-अलग घाटों में प्रतिदिन 8 से 10 अस्थियों को विसर्जित किया जाता है। वहीं, मर्णकर्णिका घाट पर प्रतिदिन करीब 125 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है।"
-पुरोहित अरुण कुमार शुक्ला ने बताया- "इलाहाबाद में प्रतिदिन अस्थि विसर्जन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का कोई निर्धारित आंकड़ा नहीं है। 5 से 7 साल पहले अस्थि विसर्जन का आंकड़ा हजारों का प्रतिदिन होता था लेकिन अब ये घट गया है। लोग हरिद्वार ज्यादा जाने लगे हैं। लेकिन आज भी यहां 400 से 500 अस्थियों को विसर्जित किया जाता है।"
-तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष मधु चकहा के मुताबिक- "महीने में 15 से 20 हजार लोग अस्थि विसर्जित करते हैं।"


कौन हैं सत्यपाल सिंह

-बागपत से सांसद डॉ. सत्यपाल होम मिनिस्ट्री की परमानेंट कमेटी के मेंबर भी हैं। वे 1980 बैच के आईपीएस और मुंबई के पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं।

पहले भी दे चुके हैं चौंकाने वाला बयान

-इससे पहले मार्च 2016 में डॉ. सत्यपाल सिंह ने एक प्रोग्राम में कहा था , "अगर तुम्हें कोई गुंडा परेशान करे तो मुझे बता देना। मैं मुंबई का सबसे बड़ा गुंडा रहा हूं। दादाओं का दादा रहा हूं, देखने में सीधा-साधा इंसान हूं। मैं गुंडों के लिए गुंडा हूं और सज्जनों के लिए सज्जन।" वे बागपत के बडौली गांव में सेंट आरवी कॉन्वेंट स्कूल के इनॉगरेशन में पहुंचे थे।

हरिद्वार एक कार्यक्रम में पहुंचे थे बागपत सांसद सत्यपाल सिंह । हरिद्वार एक कार्यक्रम में पहुंचे थे बागपत सांसद सत्यपाल सिंह ।
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सत्यपाल सिंह ने कहा- गंगा को बचाने के लिए जन सहयोग की जरूरत।सत्यपाल सिंह ने कहा- गंगा को बचाने के लिए जन सहयोग की जरूरत।
हरिद्वार एक कार्यक्रम में पहुंचे थे बागपत सांसद सत्यपाल सिंह ।हरिद्वार एक कार्यक्रम में पहुंचे थे बागपत सांसद सत्यपाल सिंह ।
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