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मदरसों को बंद करना विकल्प नहीं, उन्हें आधुनिक होना पड़ेगा : अल्पसंख्यक सम्मेलन में CM योगी

केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 18, 2018, 11:55 AM IST
कार्यक्रम में 9 राज्यों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 9 राज्यों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

लखनऊ. राजधानी के लखनऊ के तिलक हाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रियों का क्षेत्रीय समन्वय सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शिरकत कर रहे हैं। सम्मेलन में यूपी, हरियाणा, पंजाब, जम्मू एंड कश्मीर, दिल्ली, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री शिरकत कर रहे हैं। हज सब्सिडी का पैसा अल्पसंख्यक कल्याण पर खर्च होगा...

- कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- हज सब्सिडी मुस्लिम समाज के लिए कोई खास नहीं था। इससे अब जो पैसा बचेगा, उसे अल्पसंख्यक महिलाओं की शिक्षा के इस्तेमाल किया जाएगा।

- आज के वक्त अल्पसंख्यक परिवारों के लिए एजुकेशन अहम है। सीएम योगी जी ने योगी आदित्यनाथ ने एक जरुरी बात है कि सामाजिक विकास हमारा संस्कृति है। हर कैटेगरी को अहसास दिलाना है कि हम बिना भेदभाव के बराबर के विकास के लिए समर्पित है।

-उन्होंने बताया कि इस मीटिंग में अल्पसंख्यकों की शिक्षा, रोजगार और भी तमाम प्वाइंट्स पर चर्चा की गई। इस बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ उत्तराखंड अल्पसंख्यक मामलों के अफसर और मंत्री आए थे।


नकवी ने कहा- 100 से अधिक नवोदय की तर्ज पर स्कूल खोलने की योजना बनाई जा रही है। वक्फ, हज, अल्पसंख्यक विकास पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्रालय और राज्यों के बीच समन्वय के लिहाज से बैठक अहम रही। पहले जब हम समीक्षा करते थे यूपी की तो निराशा होती थी। लगता था अल्पसंख्यकों के प्रति गंभीरता नहीं रहती थी।

क्या कहा सीएम योगी ने

-योगी आदित्यनाथ ने कहा, "शासन की योजना लोगों तक पहुंचनी चाहिए, मौजूद योजना लोगों तक नहीं पहुंचती तो असंतोष फूटता है। मोदीजी इस विषय पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। अराजकता न हो और राष्ट्र को खुशहाल बनाने में साकार बनाने के सपने को में योगदान होना चाहिए। उन्होंने मुख्तार नक़वी का शुक्रिया किया।"

अल्पसंख्यक की बात करने पर कई सवाल खड़े होते हैं

- सीएम योगी ने कहा, "जब हम अल्पसंख्यक कल्याण की बात करते हैं तो हमारे सामने बहुत सारे सवाल खड़े होते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय पर बेहद अहम जिम्मेदारी है> अगर हमारे शरीर का कोई अंग काम करना बंद करता है तो हमें दिव्यांग कहा जाता है। अगर समाज में किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव होता है तो वो अपने आपको अपेक्षित महसूस करता है। मुख्तार अब्बास नकवी के मंत्री बनने के बाद और यूपी में उनके आगमन के बाद यहां अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है।

-हमने बिना भेदभाव के राशन कार्डों का सत्यापन कराया गया और 37 लाख राशन कार्ड दिया है। अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 'प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट' चलाया जा रहा है।

मदरसों को बंद करना हल नहीं है

-सीएम योगी ने कहा- मदरसों के आधुनिकीकरण पर हमें ध्यान देने की जरूरत है, मदरसों को बंद करना कोई विकल्प नहीं है, मदरसों में विज्ञान, अंग्रेजी के अलावा तकनीकि विषय पढ़ाने की भी जरूरत आज के समय में है। इससे समाज के एक बड़े तबके का उत्थान होगा और वो अपनी प्रतिभा का योगदान राष्ट्र के लिए देगा, उन्हें रोजगार से वंचित नहीं होना पड़ेगा। मैं ये बात संस्कृत विद्यालयों के बारे में भी कहता हूं कि उन्हें भी और विषयों को अपनाने की जरूरत है।

coordination meeting central schemes for minorities welfare
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कार्यक्रम में 9 राज्यों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम में 9 राज्यों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया।
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