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दलित स्टूडेंट की आपबीती: प्रोफेसर बोलते थे- मैं तुम्हें करुंगा फेल, कॉपियां मेरे पास आएंगी

साल 2015 में मैंने IIM में एडमिशन लिया। जब मैंने दाखिला लिया,उस वक्त से प्रोफेसर्स सरनेम पूछते थे।

Danik Bhaskar | Jan 05, 2018, 09:00 AM IST
HRD मंत्रालय से शिकायत के बाद मु HRD मंत्रालय से शिकायत के बाद मु

लखनऊ. BC CATEGORY के स्टूडेंट अमित कुमार ने IIM लखनऊ के प्रोफेसर और चेयरमैन पर जानबूझकर फेल कर उसे IIM से बाहर करने का इल्जाम लगाया है। DainikBhaskar.com से बातचीत में आइआइएम (एल) से बाहर अमित कुमार ने बताया कि उसने कई बार मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) को चिट्ठी से लेकर ईमेल तक किए, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। IIM की प्रवक्ता स्वप्ना वर्मा ने कहा, " अमित कुमार 2015 बैच के स्टूडेंट थे। ये फर्स्ट सेशन में फेल हो गए। सेकेंड सेशन में उन्हें मौका दिया गया, वे फिर फेल हो गए। उसके बाद इन्हें बाहर निकाला गया। मगर अमित कुमार ने कुछ यूं सुनाई अपनी बीती...

-साल 2015 में मैंने IIM में एडमिशन लिया। जब मैंने दाखिला लिया, उस वक्त के प्रोफेसर पहले दिन सबके नाम के साथ सर नेम तक पूछते थे। मुझे अटपटा लगा। सरनेम पूछने के बाद उसके अगले दिन सबकी सीट बांट दी गई। अजीब टाइप से सिटिंग पैटर्न हो गया। मेरी सीट को एकदम किनारे कर दिया गया।


- मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था, धीरे-धीरे प्रोफेसर्स के बिहैवियर में बदलाव लगने लगा। मुझे अपनी डिग्री चाहिए थी, इसलिए मैं लगा रहा। कुछ लोग मेरे ऊपर कमेंट करने लगे।

-जब मैंने शिकायत की , तब मुझे लूजर और एक्सक्यूजर कहा जाने लगा। जब मैं दूसरों को जवाब देने लगा, तो उन्होंने कहा- तुम्हें बात करने की तमीज नहीं है। मेरे समझ में नहीं आ रहा था, क्या करूं।

- मैंने तत्कालीन चेयरमैन से फोन पर शिकायत की। तब उन्होंने मेरे साथ गलत शब्दों में बात की। मैं पूरा हताश था, लेकिन एग्जाम के जरिए मैंने जवाब देने की ठान ली है।"


जानबूझकर किया गया फेल
- ये सब देखते हुए करीब 6 महीने बीत गए। मेरे टेस्ट आने वाले थे। मैंने अच्छी तैयारी की थी। मुझे अपनी पढ़ाई पर यकीन था। टेस्ट में सब कुछ लिखने के बाद मुझे बार-बार कम ग्रेड दिया जाने लगा।
-उसके बाद पहले एग्जाम में मुझे फेल कर दिया गया। मैंने विरोध करते हुए कॉपियां दिखाने के लिए कहा। उन्होंने कहा- IIM में री-इव्लैयुएशन नहीं होता है। मैंने कहा - मुझे नंबर नहीं चाहिए।
- मुझे नियम नहीं होने का हवाला देकर आगे की तैयारी करने के लिए कहा गया। मुझे पता था- अगर इस बार फेल कर दिया, तो इसी को बेस बनाकर आगे भी फेल कर देंगे। मैंने लिखित तौर पर चेयरमैन और डायरेक्टर को चिट्ठी लिखी।
-तत्कालीन चेयरमैन सुशील कुमार ने मुझे बुलाकर कहा- तुम जैसे लोग दूसरों को डिस्टर्ब करते हैं। तुमने सिर्फ एक्सक्यूज किया है। तुम फेलियर हो, इसीलिए सभी प्रोफेसर की शिकायत पर तुम्हें निकाला जा रहा है। उसके बाद उन्होंने मुझे निकाल दिया।


मैं औरों के लिए लड़ूंगा
-22 फरवरी 2017 को मुझे फेल करते वक्त निकालने का लेटर दिया गया। तत्कालीन IIM चेयरमैन सुशील कुमार ने कहा था- अब जाओ, अपना परफॉर्रमेंस दो, जहां तुम्हारी जरुरत है।
-मैंने उस वक्त सबके सामने पैर छूकर कहा, "सर, मैंने बहुत मेहनत की है। एक बार कॉपी दिखा दीजिए। कुछ प्रोफेसर मुझे टारगेट कर रहे हैं।"
-उन्होंने कहा- नाकामियों पर दूसरों को आरोपी मत बनाओ। तुम्हारी यहां कोई जरुरत नहीं हैं। इस तरीके से IIM नहीं चलती।


प्रोफेसर ने किए थे ये कमेंट्स
-अमित का आरोप है कि नवम्बर 2016 में प्रोफेसर अभिजीत भट्टाचार्या ने कहा, "मैं तुम्हें फेल करुंगा। तुम्हारी कॉपियों को मेरे पास आनी है।
-"मेरे किसी सवाल का जवाब मुझे तुमसे नहीं चाहिए, तुम्हारी ओवरस्मार्टनेस मैं खत्म करुंगा। ये बातें उन्होंने पूरी क्लास के सामने कही थी।
- जब प्रोफेसर की शिकायत के लिए मैंने IIM डायरेक्टर अजीत प्रसाद को मिलने के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा, स्टूडेंट IIM डायरेक्टर से नहीं मिल सकते है। स्टूडेंट का मिलने की इजाजत नहीं हैं।


IIM ने आरोपों को गलत बताया
-IIM के तत्कालीन चेयरमैन सुशील कुमार से जब इस बारे में बात की गई, तब उन्होंने कोई रिप्लाई नहीं किया।
-IIM की प्रवक्ता स्वप्ना वर्मा ने कहा, " अमित कुमार 2015 बैच के स्टूडेंट थे। ये फर्स्ट सेशन में फेल हुए। सेकेंड सेशन में इन्हें मौका दिया गया, लेकिन ये फिर फेल हो गए। उसके बाद इन्हें बाहर निकाला गया। इसकी जानकारी डिपार्टमेंट की तरफ से IIM डायरेक्टर और संबंधित विभागों को दी गई थी।"