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3 बार चुनाव लड़ने के बाद 1st टाइम जीता था 'चायवाला', नहीं ले पाया शपथ

शपथ ग्रहण के लिए मोहम्मद उस्मान ने नए कपड़े सिलवाए थे।

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 11:38 AM IST
दो बार की कोशिश के बाद तीसरी बा दो बार की कोशिश के बाद तीसरी बा

बरेली. तीसरी बार पार्षद का चुनाव जीतने वाले मोहम्मद उस्मान जिम्मेदारी नहीं संभाल पाएंगे। आज होने वाली शपथ से एक दिन पहले उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। परिवार में मनाई जाने वाली खुशियां मातम में बदल गईं। पहली बार जीता चुनाव

- मोहम्मद उस्मान तीन बार से नगर पंचायत के वार्ड सदस्य के चुनाव में भी किस्मत अजमां रहे थे। 2007 में उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाया। इसके बाद 2012 में वार्ड-14 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा । इस बार भी जीत का सेहरा इनके सिर पर बंध नहीं पाया। इस बार वार्ड-13 से चौधरी अजीत सिंह के राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ा और पहली बार जीत दर्ज की।


शपथ ग्रहण के लिए सिलवाए थे नए कपड़े
-मंगलवार को नगर पंचायत खैरिया निजावत खां के ऑफिस में शपथ ग्रहण होना था। इसके लिए मोहम्मद उस्मान ने तैयारी काफी पहले शुरू कर दी थी। नेताओं के रंग में आने के लिए इन्होंने नया कुर्ता-पायजामा भी बनवाया था। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

चाय बेचते थे मो. उस्मान


- शेखान मोहल्ले के रहने वाले उस्मान कचहरी रोड पर चाय- नाश्ते का होटल चलाते हैं। परिवार में पत्नी जैतून बेगम, बेटा इमरान, रिजवान, रेहान अहमद, गुड्डू और पप्पू हैं। रोजाना की तरह सोमवार की सुबह मो. उस्मान होटल पहुंचे। बेटा गुड्डू भी साथ में था। दुकान पर अचानक हुई तेज घबराहट के साथ गिर पड़े। बेटा गुड्डू और भतीजा मुहम्मद मियां आनन-फानन उन्हें बरेली के मिशन हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे डेड घोषित कर दिया।

- मोहम्मद उस्मान के पांच बेटों में से सबसे बड़ा मोहम्मद इमरान और दूसरे नंबर का का रिजवान सऊदी अरब में पेंटर का का काम करते हैं। रिजवान कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब से वापस आया था, जबकि इमरान वहीं पर है। पिता को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया, लेकिन सात समंदर पार होने के चलते बेटा इस गम के मौके पर शरीक न हो सका।