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अमर सिंह से विवाद के बाद केन्द्र में गए IAS देवेन्द्र UP लौटे, बड़ी जिम्मेदारी संभव

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 14, 2018, 04:24 PM IST

देवेन्द्र को बड़ा ओहदा देकर नगरीय चुनाव में दिखे दलित-मुस्लिम गठजोड़ पर डेंट का दांव चल सकती है भाजपा
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    देवेन्द्र चौधरी-1981

    लखनऊ. यूपी सरकार और आरएसएस की बैठक का असर प्रदेश में दिखाई देने लगा है। बुधवार को आरएसएस ने नौकरशाही की कार्यशैली पर सवाल उठाया। जिसके बाद कई आइएएस अधिकारियों के तबादले हुए। इसी क्रम में 1981 बैच के आईएएस अधिकारी देवेन्द्र चौधरी का केन्द्रीय डेपुटेशन समय से पहले खत्म कर उन्हें वापस यूपी भेजा है। शनिवार केन्द्रीय अपॉइंटमेंट समिति ने चौधरी को वापसी भेजने का आदेश किया।

    -सीनियर आईएएस देवेंद्र चौधरी को केन्द्र सरकार ने उनके मूल कैडर में वापस भेजने की सहमति दे दी है अब यूपी में नियुक्त होंगे। सूत्रों के अनुसार, सीनियर आईएएस देवेंद्र चौधरी को यूपी में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि उन्हें क्या जिम्मेदारी दी जाएगी अभी ये साफ नहीं हुआ।

    -ऐसी चर्चाएं हैं कि मुख्य सचिव राजीव कुमार केन्द्र की सेवा में वापस जाएंगे। 1981 बैच के आईएएस अफसर देवेन्द्र चौधरी अचानक यूपी वापसी से इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।


    कौन हैं देवेन्द्र चौधरी

    -1981 बैच के आइएएस देवेन्द्र चौधरी कानपुर के निवासी हैं और उनके पास एमएससी (केमेस्ट्री) की डिग्री है। वर्ष 2003 से 2007 की मुलायम सिंह यादव के सरकार में उनकी सपा के तत्कालीन राज्यसभा सदस्य अमर सिंह से ठन गई थी। वह निदेशक इंडस्ट्री के पद पर तैनात थे। अमर सिंह से विवाद के बाद पहले लंबे अवकाश पर चले गये फिर केन्द्रीय प्रतिनियुक्तित पर चले गए।

    -अनुसूचित जाति के इस अधिकारी की यूपी में तैनाती के दौरान व्यावहारिक अधिकारी की छवि रही है, हालांकि वह लंबे समय से केन्द्र की सेवा में हैं।

    लोकल बॉडी चुनाव परिणामों से जोड़ी जा रही नियुक्ति

    -राजनीतिक टीकाकार संजय सिंह का कहना है कि नगरीय निकाय चुनाव में जिस तरह से यूपी में दलित-मुस्लिम समीकरण दिखा, उससे भाजपा व उसके अनुसांगिक संगठन चौकन्ना हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मीडिया कर्मियों से कह चुके हैं- "दलितों के बिना हिन्दु धर्म की कल्पना नहीं की जा सकती है।"

    -भाजपा में हार्डकोर हिन्दुत्व के चेहरा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा-"दलित, मुस्लिम एकता असंभव कल्पना है, मित्रता वहां चलती है, जहां आत्म मिलती हो।"

    -नगरीय निकाय चुनाव में दलित-मुस्लिम गठजोड़ को रेखांकित करते हुए कहा था- "राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर की गई कोई भी दोस्ती कभी स्थायी नहीं हो सकती।" एेसे में अचानक देवेन्द्र चौधरी की केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति बीच में खत्म कर उन्हें यूपी वापस भेजे जाने का राजनीतिक निहितार्थ निकाला जा रहा है।

    राजीव कुमार की ईमानदारी भी कारण

    -यूपी की ब्यूरोक्रेसी में चल रही चर्चा पर भरोसा करें तो 1981 बैच के ही आईएएस राजीव कुमार की छवि ईमानदार की है। सरकार की जिन पत्रवालियों में छोटी सी खामी होती है, उसे वह दुरुस्त करने के लिए वापस संबंधित विभाग को भेजते हैं, इससे भी कुछ पॉलिटिक्ल मॉस्टर्सों को दिक्कत हो रही है। एेसे में चर्चा है कि लोकसभा चुनावों की ओर बढ़ रही सरकार विकास कार्यो को रफ्तार देने के लिए मुख्य सचिव बदलने पर भी विचार कर सकती है, इस पद देवेन्द्र चौधरी की तैनाती हो सकती है।

    आईएएस के तबादलों के लिए भेजा गया प्रस्ताव

    -वहीं, माना जा रहा है कि आरएसएस की नाराजगी का असर है। गुरुवार को 28 आइएएस अधिकारियों के तबादले के बाद सरकार ने शनिवार को राज्य इलाहाबाद, आगरा, मेरठ और रामपुर के डीएम का प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेज दिया है। वहां से मंजूरी मिलते ही नियुक्ति विभाग तबादले का आदेश जारी करेगा।

    -लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव राजशेखर को इलाहाबाद का डीएम बनाने की आयोग से अनुमति मांगी गई है। राजशेखर को जनता से जुड़ाव रखने वाले व जनहित कार्यो में दिलचस्पी लेने वाले अधिकारियों ने गिना जाता है।

    आयोग से अनुमति क्यों मांगी

    -एक जनवरी से प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अभियान शुरू हो गया है, वह 25 जनवरी तक चलना है। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान डीएम अथवा मतदाता पुनरीक्षण में लगे अधिकारियों का तबादला करने के लिए सरकार को चुनाव आयोग से इजाजत मांगनी होती है।

    नौकरशाहों के चंगुल में क्यों फंसी सरकार?
    -आरएसएस के सर सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले व डॉ. कृष्ण गोपाल ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया था कि सरकार कुछ अफसरों के चंगुल में क्यों फंस गई? जिनकी छवि अच्छी नहीं, अनुभव नहीं वे अधिकारी प्रमुख पदों पर कैसे तैनात हैं।

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    1981 बैच के आईएएस अफसर देवेन्द्र चौधरी की यूपी कैडर में वापसी हो रही है।
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Web Title: Devender Chaudhary Return To Up Cadre
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