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बेटों के पास है करोड़ों के मकान, 95yr की मां आश्रम में रहने को मजबूर

गंगा देवी के पति की 10 साल पहले डेथ हो गई। इसके बाद ही बेटों ने उनका मकान बेच दिया।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 02:33 PM IST
Emotional Story of a mother at lucknow

लखनऊ. 95 साल की गंगा देवी इस समय राजधानी के लोहिया हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उनको 18 साल की उनकी पोती ने जानकीपुरम के आश्रम से लाकर यहां भर्ती कराया है। गंगादेवी की गुरुवार शाम अचानक सांस फूलने लगी, तब उन्हें लोहिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उनके 3 बेटे और 3 बेटियां हैं। सबसे बड़े बेटे की मौत हो चुकी है, लेकिन अब सभी अच्छी जॉब कर रहे हैं।

पति की मौत के बाद बेटों ने बेच दिया मकान
- गंगा देवी के पति की 10 साल पहले डेथ हो गई। इसके बाद ही बेटों ने उनका मकान बेच दिया। मकान 20 लाख का था, बेटों ने मकान बेचकर अपना-अपना हिस्सा बांट लिया।
- मां को कुछ दिन बेटों ने बारी-बारी अपने घर में तो रखा, लेकिन कुछ साल बाद वो बोझ लगने लगी। इसके बाद इन बेटों ने अपनी मां का ख्याल भी रखना ठीक नहीं समझा।
- बेटों के द्वारा इस तरह के व्यवहार से मां आहत थी, लेकिन वो कुछ बोल नहीं सकती थी।

फिर बेटी ने दिया कुछ साल सहारा
- मां की हालत की जानकारी जब 2013 में छोटी बेटी किरण को मिली तो वो अपनी मां को लेकर अपने घर चली आई। ससुराल में बेटी ने उन्हें एक साल तो अपने साथ रखा, लेकिन उसके बाद घर में विरोध होने लगा।
- समय और घर के हालात को देखते हुए छोटी बेटी किरण ने अपनी 92 साल की मां को जानकीपुरम के आश्रम में भेजा। उसके बाद कुछ दिन वो आश्रम में मिलने आती रही।
- बीते गुरुवार शाम को 95वें साल की गंगा देवी की तबीयत खराब हुई तो उनकी पोती ऋचा ने उन्हें लोहिया हॉस्प‍िटल में भर्ती कराया। जहां पर बेटी किरण तो मिलने आई, लेकिन उनके दोनों बेटे झांकने तक नहीं आए।
- लोहिया हॉस्पिटल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर कासिम का कहना है- गंगादेवी की तबीयत खराब है, उनको ठीक होने में एक से दो दिन लगेंगे।

बुजुर्ग बोली- घर कहां है, आश्रम ही जाएंगे
- 95वें साल की गंगादेवी की आवाज तो बहुत धीमी है, वो कहती हैं- ''घर कहां है हम तो आश्रम ही जाएंगे। बड़े बेटे की तो डेथ हो चुकी है, उससे छोटा बेटा सुरेंद्र यादव टैक्सी चलाता है। बड़े बेटे की बड़ी बेटी मुझसे मिलने आती रहती है।''
- ''सबसे छोटा बेटा भानु यादव जो जवाहर भवन में सरकारी ड्राइवर है। मेरी तीन बेटियां है दो की लखनऊ से बाहर शादी हुई, छोटी बेटी लखनऊ में ब्याही है।''
- ''मुझे देखने अब कोई नहीं आता, सब समय की मार है। जो होगा अब ईश्वर ही जाने। बेटों के लखनऊ में दो अलग-अलग मकान हैं, दोनों के पास करोड़ों की संपत्ति होगी। लेकिन मुझे रखने में दिक्कत है।''

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