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अमेठी में किसानों ने फूंका राहुल गांधी का पुतला, कहा- शर्म करो राहुल

सोमवार को निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए हैं राहुल गांधी।

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 04:55 PM IST
किसानों ने राहुल गांधी के खिला किसानों ने राहुल गांधी के खिला

अमेठी. राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनने के 24 घंटे बाद ही उनके संसदीय क्षेत्र अमेठी विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को अमेठी के किसानों ने राहुल गांधी का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर के नारेबाजी की। किसानों ने नारे लगाते हुए कहा- "राहुल गांधी शर्म करो किसानो की जमीन वापस करो।"

-यहां के गौरीगंज के सम्राट बाइस्किल फैक्ट्री के गेट पर किसानों ने राहुल गांधी का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया। ये किसान सम्राट बाइस्किल फैक्ट्री में गई अपनी जमीन वापस मांग रहे हैं। 'राहुल गांधी मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए किसानों ने आरोप लगाया- "उनकी जमीन राहुल गांधी के ट्रस्ट राजीव गांधी चेरिटेबल ट्रस्ट के कब्जे में है यदि राहुल गांधी सचमुच किसानों के हितैषी हैं तो किसान को उसकी जमीन वापस करें।"
-किसानों ने कहा, "फैक्ट्री कई साल से बंद पड़ी है न हमें रोजगार मिला न हमारी जमीन वापस मिल रही है।"


किसानों की स्थिति दयनीय

-192 परिवारों की 65.57 एकड़ ज़मीन 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आह्वान पर योगेंद्र ने अपनी सौ बीघा जमीन यूपीएसआईडीसी को दे दी थी। औद्योगिक क्षेत्र कौहार स्थित 65.57 एकड़ भूमि पर मेसर्स सम्राट बाइसाइकिल के नाम से कंपनी चलाने के लिए जैन बंधुओं ने ली थी।
-सरकारी वायदे के मुताबिक योगेंद्र को 5 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा और सम्राट साइकिल फैक्ट्री में नौकरी भी मिल गई। लेकिन 2 साल बाद कंपनी बंद हो गई और नौकरी भी चली गई।
-किसान लल्लन पाठक आज पान की दुकान चला रहे हैं। लल्लन पाठक एक जमाने में बड़े बाग के मालिक थे। पाठक को भी सम्राट साइकिट कारखाने में नौकरी मिली थी। लेकिन दो साल में ही सबकुछ बदल गया।
-पाठक के मुताबिक जिन 192 परिवारों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी वो आज भुखमरी की कगार पर हैं।

SDM ने कहा था लौटा दी जाएंगी जमीनें


-SDM ने यूपीएसआईडीसी को ज़मीन लौटाने के दिये आदेश थे। दस्तावेजों के मुताबिक यूपीएसआईडीसी ने 8 अगस्त, 1986 को 65.57 एकड़ भूमि सम्राट बाइसकिल के नाम पट्टा किया था, लेकिन जब कंपनी बंद हो गई तो डीआरटी ने ऋण की वसूली करने के लिए 24 फरवरी, 2014 को इसकी नीलामी करवा दी थी।
-नीलामी में खरीदी गई इस जमीन को राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट ने 1 करोड़ 50 हजार रुपए की स्टांप ड्यूटी भी चुकाई थी। हालांकि बाद में भूमि नीलामी प्रक्रिया को यूपीएसआईडीसी ने अवैध करार दिया था।
बाद में ये केस गौरीगंज एसडीएम कोर्ट में गया और कोर्ट ने फैक्ट्री की जमीन यूपीएसआईडीसी को लौटाने के आदेश दिए थे।

राजीव गांधी ट्रस्ट ने नियमानुसार ली जमीन

-वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने बताया - "राजीव गांधी ट्रस्ट ने ये जमीन नियमानुसार नीलामी में हिस्सा लेकर खरीदी थी। कांग्रेस के मुताबिक इस मामले में अगर कोई हेरफेर हुई है तो इसके लिए यूपीएसआईडीसी, अमेठी प्रशासन और सम्राट कंपनी ज़िम्मेदार है ना कि राजीव गांधी ट्रस्ट।"