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होटल के बेसमेंट में मिली 4 मजदूरों की डेडबॉडी, सोने से पहले जलाया था कोयला

शुक्रवार रात करीब चार मजदूर होटल के बने बेसमेंट में सोने के लिए गए थे। उससे पहले उन्होंने कोयला जलाया था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 13, 2018, 09:37 AM IST

    • लखनऊ. राजधानी के पॉश विभूतिखंड इलाके में बने तीन सितारा सुविधा से लैस होटल के बेसमेंट में शुक्रवार को चार नौजवानों की डेडबॉडी पायी गई। चारो युवक होटल में डेलीवेजेज़ पर काम करते थे। परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस ने होटल मालिक और मैनेजर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।...पुलिस का दावा घुटने से हुई मौत...

      -शुक्रवार रात करीब 11 बजे निहाल अहमद, मो शाहिद, राजकुमार और राम नरेश होटल पहुंचे थे।विभूतिखंड के कमता चौराहे पर तीन सितारा सुविधा से लैस रंजीज़ होटल के बेसमेन्ट में सोने गए थे।

      -पुलिस का दावा है कि युवकों ने ठंड से बचाव के लिए स्टोर रूम में कोयला जलाया।

      - शीशे के बने केबिन में सो गए। सुबह चारों की डेडबाजी निकाली गई।

      -एसपी नार्थ अनुराग वत्स ने बताया कि चारों मजदूर शीशे के बने केबिन में सोए हुए थे।

      -रात में कोयला जलाकर ये सभी आग तापने के बाद सो गए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की पुष्टि हो पाएगी।

      परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
      - 4 लोगों डेडबॉडी मिलने के बाद मृतक के परिजनों ने हंगामा कर हत्या का आरोप लगाया। सैंकड़ों की संख्या में हॉस्पिटल के बाहर पहुंचे परिजनों ने होटल मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मौके पर फारेंसिक टीम पहुंच गई है। परिजनों के हंगामे को देखते हुए भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई है। बताया जा रहा है कि बर्तन में आग ले जाते हुए युवक सीसीटीवी में कैद हुआ है।

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      श्रम कानूनों का हो रहा था उल्लंघन

      -नियमों के मुताबिक किसी कुशल व गैर कुशल मजदूरों को नियुक्त करने से पहले नियोक्ता को यह देखना चाहिए कि श्रमिक का पंजीयन है कि नहीं।

      -देनदारियों से बचने व न्यूनतम दैनिक वेतन देने से बचने के लिए होटल मालिक मजदूरों के पंजीयन की पड़ताल नहीं करते हैं।

      -गैरपंजीकृत कर्मचारी होने के चलते इनके आश्रितों को श्रम विभाग से मजदूरों को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल सकेगी। अलबत्ता मजदूरों के आश्रित कर्मचारी क्षति पूर्ति अधिनियम के तहत दावा कर सकते हैं।

      पंजीकृत मजदूरों के लिए क्या है व्यवस्था

      -श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के कांस्ट्रक्शन के दौरान डेथ होने पर सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देती है।

      -कांस्ट्र्क्शन के दौरान हुए किसी हादसे में रजिस्टर्ड श्रमिक के गंभीर रूप से घायल होने पर तीन लाख रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी।

      कैसे होता है रजिस्ट्रेशन

      -कोई भी व्यक्ति श्रम विभाग में 20 रुपए शुल्क जमा करके पंजीयन करा सकता है।

      -एक बार कराया गया पंजीयन तीन साल के लिए मान्य होता है।

      -श्रम विभाग बीच बीच में भी पंजीयन के लिए कैम्प भी लगाता है, वहां जाकर पंजीयन कराया जा सकता है।

    • होटल के बेसमेंट में मिली 4 मजदूरों की डेडबॉडी, सोने से पहले जलाया था कोयला
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