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प्रसून जोशी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी, तीन हफ्ते में देना होगा जवाब

इस मामले में अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 07:46 PM IST
प्रसून जोशी को अवमानना नोटिस का तीन हफ्ते में जवाब पेश करना है। -फाइल प्रसून जोशी को अवमानना नोटिस का तीन हफ्ते में जवाब पेश करना है। -फाइल

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने फिल्म पद्मावत के खिलाफ दाखिल प्रत्यावेदन (Representation) पर फैसला नहीं लेने पर सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन हफ्ते में पेश करना है। केस की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।

पिटीशनर का आरोप- पद्मावत फिल्म में सती प्रथा को बढ़ावा दिया
- कामता प्रसाद ने अपनी पिटीशन में कहा था, "यह फिल्म सती प्रथा को बढ़ावा देने वाली है। वहीं, सती प्रथा को बढ़ावा देना क्राइम की कैटेगरी में आता है।"
- 9 नवंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस पीआईएल को खारिज कर दिया था और कहा- सिनेमैटोग्राफ सर्टिफिकेशन रूल्स 1983 के नियम-32 के तहत पिटीशनर को अपनी बात बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टीफिकेशन (सेंसर बोर्ड) के चेयरमैन के सामने रखनी चाहिए। कोर्ट ने इसके लिए 3 हफ्ते का वक्त दिया था।

सेंसर बोर्ड ने नहीं किया विचार

- 13 नंवबर 2017 को पिटीशनर ने अपना प्रत्यावेदन सेंसर बोर्ड के सामने पेश किया। इस पर तीन हफ्ते तक कोई विचार नहीं किया गया।
- उसके बाद पिटीशनर ने कोर्ट दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिस पर सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया गया है।

करणी सेना का विरोध जारी
- राजपूत करणी सेना फिल्म पद्मावत का विरोध कर रही है। विरोध की वजह से राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा की सरकार पहले ही रिलीज पर रोक लगा चुकी हैं। उत्तर प्रदेश और गोवा में पद्मावत दिखाए जाने पर स्थित अभी साफ नहीं है। दूसरी ओर, फिल्म मेकर्स ने रविवार को पद्मावत की ऑफिशियल रिलीज 25 जनवरी को रिलीज करने का एलान किया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रसून जोशी को नोटिस जारी किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रसून जोशी को नोटिस जारी किया है।
करणी सेना फिल्म पद्मावत का विरोध कर रही है। करणी सेना फिल्म पद्मावत का विरोध कर रही है।