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3 म्यूजिक एल्बम में गाने गा चुका है ये IAS, कभी योगी को किया था अरेस्ट

प्रशासनिक गलियारों की व्यस्तता के बीच डॉ. हरिओम ने बॉलीवुड तक का सफर भी तय कर लिया है।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 10:02 PM IST
अपने व्यस्त काम के बावजूद डॉ हरिओम हर रोज दो घंटे का रियाज करते हैं, यही नहीं खाली समय में वो लिखने का काम करते हैं। अपने व्यस्त काम के बावजूद डॉ हरिओम हर रोज दो घंटे का रियाज करते हैं, यही नहीं खाली समय में वो लिखने का काम करते हैं।

लखनऊ. कंपनी 'मोक्ष म्यूजिक' और संगीतकार राज महाजन के करीबी माने जाने वाले आईएएस अधिकारी डॉ. हरि‍ओम बचपन से गानों का शौक रहा। पढ़ाई के समय स्कूल में उन्होंने मोहम्मद रफी के सबसे ज्यादा गाने गए। मौजूदा समय में डॉ हरिओम आईएएस हैं और अपने व्यस्त समय में वो गजल-गाने के लिए समय निकालते हैं। उनके तीन गजलों की एल्बम आ चुकी है। खास बात ये है कि ये रोज सुबह 2 घंटे रियाज करने के लिए समय निकालते हैं। उनका कहना है- ''अगर एक बार इंसान को गाने शौक लग जाए तो जीवन भर नहीं छूटता।''

योगी आदित्यनाथ को जेल, राहुल गांधी पर करवाई थी FIR
- मामला 26 जनवरी 2007 का है। जब गोरखपुर में सांप्रदायिक तनाव जोरों पर था और तत्कालीन सांसद योगी ने गोरखपुर में धरना करने का ऐलान कर दिया था।
- पूरे शहर में कर्फ्यू लगे होने की वजह से तत्कालीन डीएम डॉ. हरिओम ने उन्हें गोरखपुर में घुसने से पहले ही रोक दिया था। लेकिन सांसद योगी अपनी जिद पर अड़ गए। इसके बाद प्रशासन ने आखिरकार उन्हें अरेस्ट करने का निर्णय लिया।
- गोरखपुर की जिला कारागार में बतौर सांसद योगी 11 दिन तक बंद रहे और डीएम हरिओम को हटा दिया था।
- 2012 के लोकसभा इलेक्शन के समय वो कानपुर के डीएम रहे। तब कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली परमिशन के बिना निकालने पर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया था। तब वो अपने एक्शन के लिए चर्चा में आए थे।

कौन हैं आईएएस डॉ हरिओम
- प्रशासनिक गलियारों की व्यस्तता के बीच डॉ. हरिओम ने बॉलीवुड तक का सफर भी तय कर लिया है। डॉ. हरिओम ने हाल ही में मुंबई में एक गाने की रिकॉर्डिंग की है। हालांकि वो अभी इसके बार में कुछ विस्तार से नहीं बता रहे हैं क्योंकि फिल्म के नाम की अभी घोषणा होनी है।
- डॉ. हरिओम ने हिंदी में पीएचडी की है। खास बात ये है कि उनकी पत्नी मालविका भी गाने की काफी शौकीन हैं। पत्नी और दो बेटियां जोकि 10वीं और छठीं की छात्रा हैं, वो भी गाती हैं।
- साल 1997 में डॉ. हरिओम का आईएस में सिलेक्शन हुआ था। इसके बाद ही उन्होंने संगीत की शिक्षा भी लेनी शुरू कर दी थी। जहां भी उनकी पोस्टिंग हुई वो संगीत की ट्रेनिंग लेते रहे।
- अपने कार्यकाल में वे 11 जिलों में बतौर डीएम तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने कानपुर, गोरखपुर, मुरादाबाद, इलाहाबाद और सहारनपुर जैसे जिलों की भी कमान संभाली थी।

तीन किताबें लिख चुके हैं हरिओम
- डॉ हरिओम ने कई स्टेज प्रोग्राम्स भी किए हैं। यही नहीं उन्होंने तीन किताब भी लिखी हैं, जबकि चौथी पर वो काम कर रहे हैं। उनकी तीन पुस्तकें- 'भूत का परचम, अमरीका मेरी जान, कपास के अगले मौसम' में प्रकाशित हो चुकी हैं।
- अपने व्यस्त काम के बावजूद डॉ हरिओम हर रोज दो घंटे का रियाज करते हैं, यही नहीं खाली समय में वो लिखने का काम करते हैं।
- उन्होंने दो गाने- 'यारा वे और सोचा ना था जिंदगी' भी मॉक्स म्यूजिक कंपनी के साथ रिकॉर्ड किए हैं।

26 जनवरी 2007 को गोरखपुर में सांप्रदायिक तनाव के समय तत्कालीन डीएम डॉ. हरिओम ने योगी को अरेस्ट कर लिया था। 26 जनवरी 2007 को गोरखपुर में सांप्रदायिक तनाव के समय तत्कालीन डीएम डॉ. हरिओम ने योगी को अरेस्ट कर लिया था।
उनकी पत्नी मालविका भी गाने की काफी शौकीन हैं। उनकी पत्नी मालविका भी गाने की काफी शौकीन हैं।
2012 के लोकसभा इलेक्शन के समय वो कानपुर के डीएम रहे। तब कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली परमिशन के बिना निकालने पर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया था। तब वो अपने एक्शन के लिए चर्चा में आए थे। 2012 के लोकसभा इलेक्शन के समय वो कानपुर के डीएम रहे। तब कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली परमिशन के बिना निकालने पर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया था। तब वो अपने एक्शन के लिए चर्चा में आए थे।
डॉ हरिओम ने कई स्टेज प्रोग्राम्स भी किए हैं। यही नहीं उन्होंने तीन किताब भी लिखी हैं, जबकि चौथी पर वो काम कर रहे हैं। डॉ हरिओम ने कई स्टेज प्रोग्राम्स भी किए हैं। यही नहीं उन्होंने तीन किताब भी लिखी हैं, जबकि चौथी पर वो काम कर रहे हैं।
अपने कार्यकाल में वे 11 जिलों में बतौर डीएम तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने कानपुर, गोरखपुर, मुरादाबाद, इलाहाबाद और सहारनपुर जैसे जिलों की भी कमान संभाली थी। अपने कार्यकाल में वे 11 जिलों में बतौर डीएम तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने कानपुर, गोरखपुर, मुरादाबाद, इलाहाबाद और सहारनपुर जैसे जिलों की भी कमान संभाली थी।