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इन 5 IAS के इनोवेशन से तैयार होगा यूपी का डेवलपमेंट प्लान, योगी के सामने देंगे प्रजेंटेशन

ये सभी IAS सीएम योगी के अपना प्रजेंटेशन देंगे। योगी सरकार को आइडिया पसंद आने के बाद उसे 75 जिलों में लागू किया जाएगा।

Danik Bhaskar | Dec 14, 2017, 01:31 PM IST
रोशन जैकब, डीएम, बुलंदशहर रोशन जैकब, डीएम, बुलंदशहर

लखनऊ. आज से शुरु हो रहे आईएएस यूपी के 5 आईएएस अधिकारी यूपी के डेवलपमेंट को लेकर सीएम योगी के सामने 15 दिसंबर ( शुक्रवार) को प्रजेंटेशन देंगे। आईएएस अफसरों के इन इनोवेशन को लेकर यूपी के 75 जिलों में लागू किया जाएगा। इन अफसरों से DainikBhaskar.com ने बात की। इस बातचीत में इन अफसरों के इनोवेशन के बारे में जानने की कोशिश की।

रोशन जैकब, डीएम, बुलंदशहर

सब्जेक्ट- PCPNDT एक्ट, माय सिटी, माय ड्रीम

- रोशन जैकब ने बताया, "पहले मुझे वूमेन इंपावरमेंट का टॉपिक मिला था। जब मेरे काम के बारे में संजीव सरन ने दोनों को दिखाने को कहा था। फिर हमने इन सबजेक्ट्स पर प्रजेंटेशन तैयार किया।"
-"मैंने कानपुर में ‘माय सिटी‘ प्लान चलाया था। इसमें हर शनिवार एक मोहल्ला चुनते थे, उसी मोहल्ले में मेरी चौपाल लगती थी। उसदिन मैं जिले के सारे बड़े अधिकारियों को वहां बुलाकर पहले से बैठने के लिए कहती थी।"
-"उसके बाद मैं उस पूरे मोहल्ले में जहां लोग कहते थे, वहां जाकर अपना काम देखती थी। इससे लोग खुश हुए।"
-"काम कितना क्या हुआ, इसकी जानकारी ग्राउंड लेवल पर होती थी। इसे सोशल मीडिया पर बहुत फेम मिला था, हर कोई शनिवार से पहले अपने मोहल्ले की जानकारी सोशल साइट्स पर डाल देता था। वहीं काम मैं अब बुलंदशहर में कर रही हूं।"
-रोशन जैकब ने कहा, "बुलंदशहर एक तरह से ज्यादा पिछड़ा है। भ्रूण के लिंग की जांच में अव्वल माना जाता है। मैंने ही पहले मुखबिर योजना शुरू की थी। इस सरकार में कैबिनेट से पास किया है, लेकिन मेरे वाले में हम मुखबिरों को कैश नहीं देते थे। इसमें सरकार ने एक कदम और बढ़कर काम किया।"

बृजेश नारायण सिंह, डीएम, गौतमबुद्व नगर बृजेश नारायण सिंह, डीएम, गौतमबुद्व नगर

 बृजेश नारायण सिंह, डीएम, गौतमबुद्व नगर 

 प्रोजेक्ट- डीएम वॉर रूम- वॉर अगेंस्ट इनॉगरेशन एंड मिस इन्फॉर्मेशन (डिस्ट्रिक्ट लेवल)

 

- बृजेश नारायण सिंह ने बताया, "मैंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल किया। मेरे जिले में ये बहुत कारगर है। ग्रामीणों इलाकों में ज्यादा पसंद किया गया।


-"अभी हमारे पास एक जिले स्तर पर करीब सोशल मीडिया वैरियस ग्रुप में से 25 हजार से ज्यादा लोग जुड़े रहते हैं। इसमें सही सूचना को अगर हम पब्लिक यूटिलिटी बनाकर नीचे की ओर आसान भाषा में पहुंचाएं, तो लोगों को फायदा होगा।"


- "बिना किसी बिचैलिए के लोग सरकारी काम की बातों को आसानी से समझ सकेंगे। हर दूसरे बने गांवों स्तर के ग्रुप से जिला प्रशासन के अधिकारियों को एक सेट गाइडलाइन के तहत जोडकर इसको शुरू करने से सीधा फायदा जनता और सरकार को मिलेगा।"

 

-" इसमें किस पर गुंडा एक्ट लगा है, किस एरिया के व्यक्ति पर कौन सी जांच चल रही है। जैसी सूचनाओं से लाॅ एंड आर्डर में भी सुधार होगा।"
-"हम हर बात पर फीमेल पॉवर बटन की बात करते हैं, लेकिन जब हम इतने बड़े स्तर पर गांवों में अपनी पकड़ को सीधे जिला प्रसाशन से मजबूत रखेंगे, तब पॉवर बटन हर घर की महिला के पास सोशल मीडिया के जरिए होगी।"  

जगतराज, डीएम, बिजनौर जगतराज, डीएम, बिजनौर

जगतराज, डीएम, बिजनौर
सब्जेक्ट: हर जिले को ODF 
-"मैंने अपने क्षेत्र में जिस तरह से काम शुरू किया है, उससे निश्चित तौर पर हर गांव को ओडीएफ पूरी तरह से जल्द ही करा लेंगे। इसी को लेकर मैंने प्लान बनाया है। इसे लागू करते हैं,यूपी का हर जिला 6 महीने में ODF होने की बात कह सकेगा।"

जगदीश प्रसाद, डीएम, कन्नौज जगदीश प्रसाद, डीएम, कन्नौज

जगदीश प्रसाद, डीएम, कन्नौज
सब्जेक्ट: एजुकेशनल रीच पर्सेंन्टेज एंड क्वालिटी 
- आईएएस जगदीश प्रसाद ने बताया कि- "मैंने एजुकेशन रीच को हर घर तक पहुंचाने के लिए जो प्लान बनाया है। उसमें प्राइमरी, और माध्यमिक दोनों जगहों पर सरकारी स्कूलो में लोगों की पहुंच बढ़ गई है। मिले संसाधनों से क्वालिटी एजूकेशन और उसकी रीच को बढ़ाने का प्लान है, पूरा यूपी एजूकेशन में आगे बढ़ेगा और चमकेगा।"  

निखिल चंद्र शुक्ला, एडिशनल डायरेक्टर,NHM निखिल चंद्र शुक्ला, एडिशनल डायरेक्टर,NHM

निखिल चंद्र शुक्ला, एडिशनल डायरेक्टर, नेशनल हेल्थ मिशन

सब्जेक्ट: लैंड सेटलमेंट, ब्यूटीफिकेशन ऑफ सिटीज
- मऊ, श्रावस्ती और मथुरा में डीएम रहते जमीनी विवाद से जुड़े कई मुद्दों को आसानी से सुलझाया था। 
-निखिल चंद्र शुक्ला ने कहा, "मैंने जिले में तैनाती के दौरान जो प्रयोग किया था, उसको लेकर मैंने एक फॉर्मूला तैयार किया था, जिससे जमीन का कितना बड़ा विवाद हो, वो कुछ मिनटों में खत्म हो जाएगा।
-"आज के वक्त में इसे और मजबूती से लेकर आया हूं। मुझे उम्मीद है कि सीएम योगी हमारा ये इनोवेशन पसंद आएगा। इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इससे लॉ एंड ऑर्डर की आधी समस्या खत्म हो जाएगी।"

आज से UP IAS वीक की शुरुआत हो गई है।17 दिसंबर तक ये कार्यक्रम चलेगा। आज से UP IAS वीक की शुरुआत हो गई है।17 दिसंबर तक ये कार्यक्रम चलेगा।