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जब वि‍द्या बालन को नहीं पहचान पाए थे यहां के लोग, पढ़ें इंटरेस्टि‍ंग क‍िस्सा

बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन 1 जनवरी को अपना 39वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं।

Danik Bhaskar

Jan 01, 2018, 12:10 AM IST
अगस्त 2017 में लखनऊ के मोहनलालगंज के एक गांव में पहुंची थीं व‍िद्या। अगस्त 2017 में लखनऊ के मोहनलालगंज के एक गांव में पहुंची थीं व‍िद्या।

लखनऊ. बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन 1 जनवरी को अपना 39वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। इस मौके पर DainikBhaskar.com आपको विद्या की लखनऊ विजिट के बारे में बता रहा है, जब वह यहां के एक गांव में अंग्रेजी पढ़ाने पहुंची थीं। उन्हें देखकर बच्चों ने शांति दीदी कहकर चिल्लाना शुरू कर दिया था। ये दीदी टीवी पर तेल का प्रचार करती है...

- दरअसल, अगस्त 2017 में लखनऊ के मोहनलालगंज के गोपालखेड़ा गांव में विद्या स्कूली बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने पहुंची थीं। बच्चों ने इस खास मेहमान के लिए वेलकम सॉन्ग भी तैयार किया था।
- जब बच्चों से पूछा गया, कौन आ रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया, कोई आ रहा है, लेकिन वो ये नहीं बता सके कि कौन आ रहा है।
- इस बीच मीडियाकर्म‍ियों ने विद्या बालन की एड बोर्ड पर लगी फोटो की तरफ इशारा करते हुए कहा, अरे...ये तो विद्या बालन है। इसके बाद बच्चों का रिएक्शन था, हां..टीचर भी कुछ ऐसा नाम बता रही थीं।
- गांव की बुजुर्ग महिला ने बताया था, इतनी तैयारी तो कोई नेता के आने पर ही होती है, हो सकता है, मुख्यमंत्री साहब आ रहे हों।
- गांव के जिन घरों में टीवी है, वहां कुछ बच्चे विद्या को शांति दीदी के नाम से जानते थे। जब उनसे पूछ गया, शांति दीदी कौन? इसपर उन्होंने बताया, ''ये दीदी टीवी पर तेल का प्रचार करती हैं।''
- प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने बताया, ''एक मास्टरनी जी मुंबई से आई हैं, जो हम लोगों को अंग्रेजी पढ़ाएंगी।''

स्कूली बच्चों को अंग्रेजी के ल‍िए क‍िया था जागरुक। स्कूली बच्चों को अंग्रेजी के ल‍िए क‍िया था जागरुक।
व‍िद्या को देखकर बच्चों ने शांति दीदी कहकर चिल्लाना शुरू कर दिया था। व‍िद्या को देखकर बच्चों ने शांति दीदी कहकर चिल्लाना शुरू कर दिया था।
विद्या के पहुंचते ही बारिश हुई थी, उन्हें गाड़ी से उतरकर पैदल स्कूल तक जाना पड़ा था। वह कीचड़ के बीच से संभलते हुए बच्चों के बीच पहुंचीं थीं। विद्या के पहुंचते ही बारिश हुई थी, उन्हें गाड़ी से उतरकर पैदल स्कूल तक जाना पड़ा था। वह कीचड़ के बीच से संभलते हुए बच्चों के बीच पहुंचीं थीं।
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