Hindi News »Uttar Pradesh »Lucknow »News» Emotional Story Of IAS Kinjal Singh

बचपन में पिता की हत्या, मां को कैंसर; ऐसी है इस IAS अफसर की कहानी

किंजल के काम करने के तरीकों से न केवल बदमाशों में दहशत है, बल्कि उनकी दरियादिली भी खासी चर्चा में रही है।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 07, 2018, 07:41 PM IST

बचपन में पिता की हत्या, मां को कैंसर; ऐसी है इस IAS अफसर की कहानी

लोकल डेस्क.8 मार्च को पूरी दुनिया महिलाओं के सम्मान में 'इंटरनेशनल वुमन्स डे' मनाती है। इस मौके पर Dainikbhaskar.com आपको यूपी की तेज तर्रार IAS अफसर किंजल सिंह के बारे में बताने जा रहा है। किंजल के काम करने के तरीकों से न केवल बदमाशों में दहशत है, बल्कि उनकी दरियादिली भी खासी चर्चा में रही है। जब 50 रु के करेले खरीदे 1500 रुपए में...

- दो साल पहले जून महीने में किंजल अपने काफिले के साथ एक मस्जिद का इंस्पेक्शन कर लौट रही थीं।
- रास्ते में अचानक उनकी नजर बुजुर्ग महिला मूना पर पड़ी, जो सब्जी बेच रही थी।
- किंजल ने मूना से 1 किलो करेले का दाम पूछा। उसने 50 रुपए किलो बताया।
- फिर क्या था, किंजल ने करेले तो खरीदे लेकिन उसकी कीमत 50 रु की जगह 1550 रुपए दी।
- इतना ही नहीं, घर की हालत देख उन्होंने तत्काल मूना के घर 5 किलो दाल, 40 किलो चावल, 50 किलो गेहूं और 20 किलो आटा पहुंचाने के निर्देश दिए।
- इसके महज आधे घंटे के अंदर राशन की सारी बोरियां सरकारी गाड़ी में लादकर मूना के घर भेज दी गईं।

बेहद इमोशनल है किंजल की कहानी
- IAS अफसर किंजल सिंह और उनके परिवार की कहानी काफी भावुक और दर्दनाक है।
- 2008 में किंजल बतौर आईएएस सिलेक्ट हुईं थीं।
- हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं रहा।
- किंजल महज 6 महीने की थीं, जब उनके पिता केपी सिंह की फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई।

31 साल बाद दिलाया इंसाफ
- एनकाउंटर से पहले केपी सिंह, गोंडा के डीएसपी थे।
- अकेली विधवा मां विभा सिंह ने ही किंजल और बहन प्रांजल सिंह की परवरिश की।
- उन्हें पढ़ाया-लिखाया और आईएएस बनाया। किंजल का दृढ़ संकल्प इतना मजबूत था कि उसने पूरी न्याय व्यवस्था को हिलाकर रख दिया।
- पिता की हत्या के करीब 31 साल बाद आखिरकार अपने पिता को इंसाफ दिलाने में कामयाब हुई।
- आज उनके पिता की हत्या के 18 दोषी सलाखों के पीछे हैं।
- हालांकि, इस जीत को देखने के लिए किंजल की मां जिंदा नहीं थी। कैंसर के चलते उनकी मौत हो गई थी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Lucknow News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: bachpan mein pitaa ki Hatya, maan ko kainsr; aisi hai is IAS afsr ki kahani
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×