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इस कॉलेज में 10 सालों से ऐसे लिया जा रहा था एडमिशन, ऐसे पकड़ में आई ये गड़बड़ी

LU से अटैच इसाबेला थोबर्न कॉलेज में बीएड में नियमों को इग्नोर कर एडमिशन लेने का आरोप तय हो चुका है।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 06:08 PM IST

लखनऊ. लखनऊ यूनिवर्सिटी (एलयू) से अटैच इसाबेला थोबर्न कॉलेज (आईटी ) में बीएड में नियमों को इग्नोर कर एडमिशन लेने के मामले में आरोप तय हो चुका है। एलयू में गुरुवार को उपकुलपति प्रो. यूएन दिवेदी की अगुवाई में बनी कमेटी की बैठक हुई थी। जिसमें आईटी कॉलेज को अपना पक्ष रखने के लिए मौका दिया गया था लेकिन कॉलेज प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारी कमेटी के सामने ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। ऐसे में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर वीसी को सौंप दिया जिसके बाद एलयू प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आईटी कॉलेज के 60 एडमिशन रद्द कर दिया है।

ये है पूरा मामला...

- बीएड के माईनारिटी कॉलेजों के को आधी सीटें मैनेजमेंट कोटे से और आधी सीटें राज्य प्रवेश परीक्षा से भरनी होती है, लेकिन आईटी कॉलेज 2007 से ही बीएड की सभी सीटें मैनेंजमेंट कोटे से भर रहा था।
- मैनेंजमेंट कोटे की सीटों को भी भरने के लिये एलयू से अप्रूवल लेना होता है लेकिन आईटी कॉलेज ने एलयू प्रशासन से अप्रूवल नहीं लिया। ये कॉलेज 10 सालों से बिना अप्रूवल के एडमिशन लेता आ रहा था।
- राज्य प्रवेश परीक्षा से आने वाले छात्रों को आईटी कालेज एडमिशन नहीं दे रहा था। इससे नाराज छात्रों ने एलयू प्रशासन से इस मामले में कंप्लेन कर दिया। जिसके बाद एलयू प्रशासन ने कॉलेज को नोटिस भेज कर जवाब मांगा था।

क्या कहता है नियम


- आईटी कॉलेज लखनऊ यूनिवर्सिटी से अटैच है और यहां के सभी कोर्स एलयू के निर्देशन में संचालित किए जाते है। नियम के मुताबिक़ इस कॉलेज को किसी भी कोर्स में एडमिशन से संबंधित कोई भी फैसले लेने से पहले एलयू प्रशासन को इन्फार्म करना होता है और वहां से परमिशन लेना जरुरी है।
- आईटी कालेज के अधिकारी जब एलयू के रजिस्ट्रार से मिले तो रजिस्ट्रार ने उन्हें फटकार लगाते हुए मामले से जुड़े दस्तावेज वीसी की ओर से गठित जांच समिति के सामने रखने को कहा।
- आईटी कॉलेज की तरह से कोई भी अधिकारी एडमिशन से संबंधित कोई भी ठोस दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद जांच समिति ने रिपोर्ट बनाकर एलयू प्रशासन को सौंप दिया।

2007 के आर्डर पर चल रहा था खेल


- विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस कॉलेज के अधिकारी जब एलयू रजिस्ट्रार से मिलने के पहुंचे तब जवाब में 2007 में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एडमिशन देने की बात कही थी।
- रजिस्ट्रार ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था, ''ये आदेश केवल 1 साल तक के लिए 2007 में बीएड एडमिशन के लिए जारी किया गया था। जो कि उसी साल समाप्त हो गया था।

एलयू प्रशासन का पक्ष


- एलयू के पीआरओ प्रो. एनके पाण्डेय के मुताबिक, ''आईटी कॉलेज की तरफ से विनीता प्रकाश और मैनेजर ई चार्ल्स अपना पक्ष रखने के लिए जांच कमेटी के सामने पहुंचे थे।''
- ''आईटी कॉलेज की तरफ से 2007 में हाईकोर्ट द्वारा जारी आर्डर की कॉपी दिखाई गई। जिसे लेकर जांच अधिकारी संतुष्ट नहीं थे। कमेटी ने इस मामले में जांच रिपोर्ट तैयार कर एलयू वीसी को सौंप दी थी जिसके बाद वीसी के निर्देश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आईटी कॉलेज के 60 एडमिशन रद्द कर दिया है।