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कामर्शियल प्रॉपर्टी का बकाया न मिलने से LDA को करोड़ों का नुकसान, सैकड़ों दुकानों की होगी नीलामी

लखनऊ. एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) की व्यावसायिक संपत्तियों के आवंटी बकाए का पैसा नहीं जमा कर रहे हैं।

Danik Bhaskar | Dec 04, 2017, 05:27 PM IST
फाइल। फाइल।

लखनऊ. एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) की व्यावसायिक संपत्तियों के आवंटी बकाए का पैसा नहीं जमा कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद वो पैसाे जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में एलडीए के करोड़ों रुपए फंसे पड़े हैं। इन कामर्शियल प्रॉपर्टी की अभी तक रजिस्ट्री भी नहीं हुई है। आवंटियों का आवंटन काफी पुराना होने के कारण एलडीए उनका आवंटन भी निरस्त नहीं कर पा रहा है। जबकि इससे करोड़ों का नुकसान हो रहा है।

इन योजनाओं में हैं सबसे ज्यादा बकाएदार
-सबसे ज्यादा बकाएदार स्टेशन रोड पर बने विकासदीप योजना में हैं। अकेले विकासदीप में एलडीए का 30 करोड़ रुपए से अधिक बकाया फंसा है।

-कई आवंटियों ने तो न पैसा ही जमा किया और न रजिस्ट्री कराई। ऐसे ही कानपुर रोड योजना में एलडीए के 15 करोड़ रुपए से अधिक बकाया फंसा है।

-इस योजना में तकरीबन 20 आवंटियों ने अपना बकाया नहीं जमा किया है। नतीजा यह है कि इसमें भी एलडीए के 15 करोड़ से अधिक का बकाया फंसा हुआ है।

-इन योजनाओं में कई बार आवंटियों को नोटिस भी भेजी गई, लेकिन अभी तक उन पर कोई असर नहीं हुआ। बीते साल अंतिम नोटिस जारी करते हुए 20 अगस्त तक का समय दिया गया था।

-इसके बाद भी बकाया न जमा करने पर संपत्ति का आवंटन निरस्त किया जाना था, लेकिन अभी तक यह कार्रवाई एलडीए नहीं कर सका है।

व्यवसायिक प्रॉपर्टीज नीलाम करेगा एलडीए
-एलडीए की विभिन्न योजनाओं में व्यवसायिक सम्पत्तियों की बिक्री नहीं हो रही है। कई बार नीलामी के बाद भी ऐसी प्रॉपर्टीज बेहद दयनीय हालत में हैं।

-प्रियदर्शनी योजना व गोमती नगर में दुकानें बेहद जर्जर स्थिति में आ चुकी हैं। एलडीए की दुकानों के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते एलडीए अपनी व्यवसायिक सम्पत्तियों को एक बार फिर नीलामी करने जा रहा है। -इससे एलडीए के खजाने में करोड़ों रुपए आने की संभावना जताई जा रही है।

आगे की स्लाइड्स में पढ़‍िए क‍िन-क‍िन योजनाओं में होगी दुकानों की नीलामी...

स‍िम्बोल‍िक। स‍िम्बोल‍िक।

इन योजनाओं में होगी दुकानों की नीलामी


-एलडीए कई योजनाओं में कामर्शियल प्रॉपर्टीज नीलाम करने जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से गोमतीनगर योजना, विभव खंड, गोमतीनगर फेज-2 विराट खंड-1 में निर्मित कॉम्प्लेक्स के प्रथम तल पर उपलब्ध दुकानें, गोमती नगर विस्तार योजना, कानपुर रोड योजना, ट्रांसपोर्ट नगर योजना, शारदा नगर योजना, प्रियदर्शनी योजना, सीतापुर रोड योजना, जानकीपुरम् योजना, हरदोई रोड योजना, अलीगंज योजना-सेक्टर-बी, कपूरथला कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध हॉल, अलीगंज योजना सेक्टर-जी में निर्मित कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध हॉल, बसंतकुंज हरदोई रोड योजना, सेक्टर-सी में स्थित दुकानें,  गोमती नगर फेज-1 विवेक खंड में नीलकंठ के सामने निर्मित कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध दुकानें, गोमती नगर विशाल खंड-3 में निर्मित कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध दुकानें, चौक स्थित बालागंज में उपलब्ध दुकानें, बालागंज स्थित आजाद नगर योजना में उपलब्ध दुकानें, टिकैतराय योजना में स्थित उपलब्ध दुकानें, पॉकेट नं0 2 पर निर्मित उपलब्ध दुकानें, प्रियदर्शिनी योजना, सेक्टर-बी व सेक्टर-सी, विकासदीप (छितवापुर) में दुकाने, कानपुर रोड योजना सेक्टर-एच में निर्मित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स में दुकानें, कानपुर रोड योजना सेक्टर-एच में निर्मित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स स्थित हॉल, कानपुर रोड योजना के विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध रिक्त दुकानों, अलीगंज योजना, सेक्टर-एन शामिल हैं. इन योजनाओं में उपलब्ध सैकड़ों दुकानों की नीलामी की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

 

 

क्या कहते हैं अध‍िकारी
-इस बारे में एलडीए के वित्त नियंत्रक राजीव कुमार ने कहा, सभी कामर्शियल योजनाओं में उन दुकानों की सूची बनाई जा रही है जो नहीं बिकी हैं।

-इसके आलावा कामर्शियल प्रॉपर्टीज के बकाएदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।