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महाशिवरात्रि: शिव भक्तों का मंदिरों में उमड़ा सैलाब, डूबकी के साथ हुआ भोलेनाथ का जलाभिषेक

लखनऊ. देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में यूपी के शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लम्बी-लम्बी कतारें ल

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 10:56 AM IST
महाशिवरात्रि पर लखनऊ के बालागंज स्थित कल्याण गिरी मंदिर में पूजा करते भक्त। महाशिवरात्रि पर लखनऊ के बालागंज स्थित कल्याण गिरी मंदिर में पूजा करते भक्त।

लखनऊ. देशभर में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में यूपी के शिव मंदिरों में सुबह से ही लपत्र, गंगाजल, गन्ने के रस, पंचामृत लिए भक्तों की लम्बी-लम्बी कतारें लगनी शुरू हो गई है। इस बार महाशिवरात्रि दो दिन यानी 13 फरवरी और 14 फरवरी को मनाई जा रही है। दोनों ही दिन भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जा रहा है। महाशिवरात्रि की रात हिंदू धर्मग्रंथों में बेहद महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान शिव का देवी पार्वती के साथ विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। बता दें, 13 फरवरी को पूरे दिन त्रयोदशी तिथि रही और मध्यरात्रि में 11 बजकर 35 मिनट से 14 फरवरी चतुर्दशी तिथि लगी। ऐसे में महाशिवरात्रि दो दिन तक चल रही है।


#वाराणसी
- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर कतारों में खड़े भक्त ''हर-हर महादेव'' का जयकारे लगाते हुए अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं।
- 13 फरवरी की रात भगवान शिव की पार्वती जी से शादी सम्पन्न हुई। इसके बाद तीसरे पहर की आरती बुधवार की भोर में 3 बजे से 4 बजे तक और अंतिम चौथे पहर की सुबह 5 बजे से 6.30 बजे तक चलेगी।
- बता दें, अतिविशिष्ट (वीआईपी) एवं श्रेणीबद्ध सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों के दर्शन के लिए 13 फरवरी की रात में 2 घंटे का समय निर्धारित किया गया।
- रात 8 से 10 बजे के दौरान बाबा का दर्शन-पूजन किया गया। इसके लिए बांस फाटक प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में आने-जाने की व्यवस्था की गई है।

#लखनऊ
- दूसरी तरफ, राजधानी में सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा हैं।
- मंनकामेश्वर मंदिर में भव्य सजावट के साथ सुबह की आरती हुई। साथ ही भक्तों ने बढ़-चढ़कर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
- वहीं, ठाकुरगंज स्थित कल्याणगिरी मंदिर से सुबह भोर में ही शिव बरात व कलश यात्रा निकाली गई।
- बता दें, 13 फ़रवरी को अलीगंज स्थित नया हनुमान मंदिर के पास स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से महाशिवरात्रि पर बाबा बर्फनी का 10 कुंटल बर्फ से भव्य ‌श्रगांर व भंडारे का आयोजन किया गया।
- सैकड़ों की संख्या में शिव भक्तों ने दर्शन कर प्रसाद ग्रहण कर किया। अपरहन 1 बजे से पुराने हनुमान मंदिर से नए हनुमान मंदिर तक शिव बरात निकाली गई। इस बरात में महादेव की झांकी के साथ नाचते-गाते, भूत-प्रेत के वेष-भूषा में सैकड़ों भक्त शामिल रहे।


# इलाहाबाद
- भारी संख्या में पहुंचे शिव भक्तों ने संगम नगरी में आस्था की डुबकी के साथ महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया।
- बुधवार भोर से ही भक्तों का ताता घाटों पर लगा रहा। महिलाओं-बच्चों से लेकर साधू-संत भी डुबकी लगाते नजर आए।


क्या है दो दिन की महाशिवरात्रि ?
- 13 फरवरी से शुरू हुई महाशिवरात्रि का पहला संयोग तो यह है कि 12 तारीख की मध्यरात्रि के बाद सूर्य संक्रांति थी। सूर्य मकर से कुंभ राशि में पहुंचा। इससे 13 को संक्रांति का पुण्यकाल रहा।
- दूसरा सबसे बड़ा संयोग यह बना है कि इस दिन मंगलवार रहा। इसके साथ ही पूरे दिन त्रयोदशी तिथि है और रात 11 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि थी। मंगल और त्रयोदशी के संयोग से भौम प्रदोष व्रत का संयोग बना हुआ है। इस दिन व्रत रखने वाले आरोग्य और संतान सुख प्रदान करने वाला माना गया।
- 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करने वालों को भी संक्रांति का शुभ फल प्राप्त होगा। इस दिन बुध कुंभ राशि में आएंगे और सूर्य से मिलेंगे।
- महाशिवरात्रि को भगवान शिव पर बेलपत्र के अलावा गंगाजल, गन्ने के रस, पंचामृत और कुशा के जल से भगवान का अभिषेक किया जाता है।

सुबह से ही भक्तों का ताता मंदिरों के बाहर लगना शुरू हो गया है। सुबह से ही भक्तों का ताता मंदिरों के बाहर लगना शुरू हो गया है।
शिवरात्री पर्व पर लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित कल्याणगिरी मंदिर से निकली शिव बरात व कलश यात्रा। शिवरात्री पर्व पर लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित कल्याणगिरी मंदिर से निकली शिव बरात व कलश यात्रा।
बरात में महादेव की झांकी के साथ नाचते-गाते, भूत-प्रेत के वेष-भूषा में सैकड़ों भक्त शामिल रहे। बरात में महादेव की झांकी के साथ नाचते-गाते, भूत-प्रेत के वेष-भूषा में सैकड़ों भक्त शामिल रहे।
भारी संख्या में पहुंचे शिव भक्तों ने संगम नगरी में आस्था की डुबकी के साथ महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया। भारी संख्या में पहुंचे शिव भक्तों ने संगम नगरी में आस्था की डुबकी के साथ महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया।
लखनऊ के मंनकामेश्वर मंदिर में भी सजावट की गई। लखनऊ के मंनकामेश्वर मंदिर में भी सजावट की गई।
हर-हर महादेव के जयकारों के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर कतारों में लगे भक्त। हर-हर महादेव के जयकारों के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर कतारों में लगे भक्त।
बनारस में भी गली-गली शिव बरात निकाली गई। बनारस में भी गली-गली शिव बरात निकाली गई।
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महाशिवरात्रि पर लखनऊ के बालागंज स्थित कल्याण गिरी मंदिर में पूजा करते भक्त।महाशिवरात्रि पर लखनऊ के बालागंज स्थित कल्याण गिरी मंदिर में पूजा करते भक्त।
सुबह से ही भक्तों का ताता मंदिरों के बाहर लगना शुरू हो गया है।सुबह से ही भक्तों का ताता मंदिरों के बाहर लगना शुरू हो गया है।
शिवरात्री पर्व पर लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित कल्याणगिरी मंदिर से निकली शिव बरात व कलश यात्रा।शिवरात्री पर्व पर लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित कल्याणगिरी मंदिर से निकली शिव बरात व कलश यात्रा।
बरात में महादेव की झांकी के साथ नाचते-गाते, भूत-प्रेत के वेष-भूषा में सैकड़ों भक्त शामिल रहे।बरात में महादेव की झांकी के साथ नाचते-गाते, भूत-प्रेत के वेष-भूषा में सैकड़ों भक्त शामिल रहे।
भारी संख्या में पहुंचे शिव भक्तों ने संगम नगरी में आस्था की डुबकी के साथ महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया।भारी संख्या में पहुंचे शिव भक्तों ने संगम नगरी में आस्था की डुबकी के साथ महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया।
लखनऊ के मंनकामेश्वर मंदिर में भी सजावट की गई।लखनऊ के मंनकामेश्वर मंदिर में भी सजावट की गई।
हर-हर महादेव के जयकारों के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर कतारों में लगे भक्त।हर-हर महादेव के जयकारों के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर कतारों में लगे भक्त।
बनारस में भी गली-गली शिव बरात निकाली गई।बनारस में भी गली-गली शिव बरात निकाली गई।
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