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नाबाल‍िग रेप पीड़‍िता ने बच्चे को द‍िया जन्म, 9 महीने पहले हुआ था रेप

राजधानी के सुगापुर गांव में रहने वाली एक नाबाल‍िग लड़की ने राम मनोहर लोह‍िया हॉस्प‍िटल में एक बच्चे को जन्म दि‍या है।

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2017, 12:12 AM IST
लोह‍िया हॉस्प‍िटल में भर्ती प लोह‍िया हॉस्प‍िटल में भर्ती प

लखनऊ. राजधानी के सुगापुर गांव में वहशी के रेप का शिकार बनी कक्षा चार में पढ़ने वाली बच्ची ने शन‍िवार की रात राम मनोहर लोह‍िया हॉस्प‍िटल में एक बच्चे को जन्म द‍िया। इस बच्ची से आठ माह पहले पड़ोसी युवक ने रेप किया था। ऐसे हुई घटना की जानकारी...

-पीड़‍िता की मां ने बताया, गांव के ही अजय नामक युवक ने 9 महीने पहले बेटी के साथ रेप क‍िया था। इसके बाद जान से मारने की धमकी द‍िया था। इसकी श‍िकायत हमने थाने में दी थी।

-उस दौरान पुल‍िस ने केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज द‍िया। 5 महीने बाद जब लड़की की पेट में दर्द हुआ तो वह उसे स्थानीय डॉक्टर के पास ले गई, जहां डॉक्टर ने उसे प्रेग्नेंट बताया।

-इसके बाद उसने लोकलाज के डर से क‍िसी से कुछ नहीं कहा। आज जब उसकी हालत ब‍िगड़ी तो क‍िसी अनजान व्यक्त‍ि ने चाइल्ड लाइन फोन को कर द‍िया।

-इसकी जानकारी होते ही चाइल्ड लाइन ने आशा ज्योत‍ि एनजीओ से संपर्क कर इसकी सूचना दी। इसके बाद लड़की को राम मनोहर लोह‍िया हॉस्प‍िटल में भर्ती कराया गया, जहां उसने बच्चे को जन्म द‍िया। जच्चा-बच्चा दोनों की हालत ठीक बताई जा रही है।

पुल‍िस की लापरवाही से बच्ची की जि‍ंदगी बन गई नरक

-मह‍िला कल्याण मंत्री रीता बहुगुण की पीआरओ सबनम पांडेय ने बताया, इस पूरे मामले में पुल‍िस की घोर लापरवाही सामने आई है।

-जब पीड़‍ित लड़की की मां ने इस बारे में एफआईआर दर्ज कराया तो पुल‍िस ने इसकी जानकारी न तो सीडब्ल्यूसी को दी और न ही चालइल्ड लाइन को अवगत कराया।

-अगर उस समय इसकी जानकारी सीडब्ल्यूसी और चाइल्ड लाइन को होती तो शायद इस नाबाल‍िग लड़की का जीवन नरक नहीं होता। उस समय डॉक्टर्स की सलाह लेकर अबॉर्शन भी कराया जा सकता था।

-हालांक‍ि, फ‍िलहाल जच्चा-बच्चा दोनों की हालत ठीक है। हॉस्प‍िटल से ड‍िस्चार्ज होने के बाद दोनों को सेल्टर हाउस भेजा जाएगा।

-अब इस केस को सीडब्ल्यूसी हैंडल करेगी और इस घटना को एसएसपी से अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा मह‍िला सम्मान कोश से पीड़‍िता को जो भी सहायता म‍िल सकती है, द‍िलाने की कोश‍िश की जाएगी।

-खास बात ये है क‍ि सही समय पर क‍िसी ने 181 चाइल्ड लाइन को फोन कर द‍िया, क्योंक पीड़‍िता की मां उसे हॉस्प‍िटल नहीं ले जाना चाहती थी। 181 की काउंसलर ने तत्परता से हॉस्प‍िटल ले गई, जहां लड़की की सुरक्ष‍ित डि‍ल‍ीवरी हो गई।

लड़की की हालत खराब थी

-आशा ज्योत‍ि केंद्र के सदस्य अर्चना ने बताया, जब मेरे पास फोन आया तो लड़की की हालत खराब थी, लेक‍िन उसकी मां डर से हॉस्प‍िटल ले जाने के ल‍िए तैयार नहीं थी।

-इसके बाद उसकी मां को काफी समझाया गया क‍ि आपकी इसमें कोई गलती नहीं है। अगर आप हॉस्प‍िटल नहीं ले जाती हैं तो लड़की की जान जा सकती है।

-काफी समझाने के बाद वो तैयार हुईं। इसके बाद हॉस्प‍िटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नॉर्मल है।

-वहीं, मौके पर पहुंची बाल कल्याण सम‍ित‍ि, लखनऊ की सदस्य संगीता शर्मा ने बताया, पीड़‍ित लड़की ज‍िसने बच्चे को जन्म द‍िया है उसकी उम्र स‍िर्फ 12 साल है। ऐसे में उस पर काफी ध्यान देने की जरूरत है।

-बच्ची मां तो बन गई है, लेक‍िन वो उस स्थ‍ित‍ि में नहीं है क‍ि अपने बच्चे को पाल सके। ऐसे उसकी मदद के ल‍िए हर कदम उठाए जाएंगे, ताक‍ि जच्चा-बच्चा दोनों का भव‍िष्य न ब‍िगड़े।

-बताया जाता है क‍ि पीड़‍िता की मां ने इंदरानगर थाने में केस दर्ज कराई थी, लेक‍िन पुल‍िस की लापरवाही से ये सब हुआ है।

क्या कहते हैं पुल‍िस अध‍िकारी

-इंदरानगर थाने के एसएचओ मुकुल ने बताया, इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी के ख‍िलाफ कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भी भेज द‍िया गया था।

-जब पुल‍िस की लापरवाही के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर द‍िया।

बच्ची की हर संभव मदद होगी

-समाजसेविका शबनम पांडेय का कहना है कि पीड़ित लड़की हर संभव मदद करायी जाएगी।

-लड़की के इलाज से लेकर उसकी सुरक्षा का प्रबंध किया जा रहा है।

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