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15 दिन के बेटे को 42 हजार रुपए में महिला ने बेचा, पति के इलाज के लिए नहीं थे पैसे

मजदूरी करने वाले हरस्वरूप मौर्य ने कहा- बेचते नहीं तो क्या करते। हमारे पास कोई चारा नहीं था।

Dainik Bhaskar

Jan 01, 2018, 06:01 PM IST
हरस्वरूप मौर्य ने कहा-  इलाज नहीं हो सका, अब पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। नौकरी करने के लायक नहीं बचा हूं। हरस्वरूप मौर्य ने कहा- इलाज नहीं हो सका, अब पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। नौकरी करने के लायक नहीं बचा हूं।

बरेली. यहां के हाफिजगंज के गांव ढकिया में सोमवार को एक मां द्वारा अपने बच्चे को बेचने का मामला सामने आया है। महिला ने अपने पति के इलाज के लिए अपने 15 दिन के बेटे को 42 हजार रुपए में बेच दिया। पड़ोसियों ने बच्चे के बारे में नहीं दिखा, तो दंपति से उसके बारे में पूछा, तब सच्चाई सामने आई। बेचते नहीं तो क्या करते...

-मजदूरी करने वाले हरस्वरूप मौर्य ने कहा- "बेचते नहीं तो क्या करते। हमारे पास कोई चारा नहीं था। इलाज नहीं हो सका, अब पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। नौकरी करने के लायक नहीं बचा हूं।"
-उसके पास जमीन भी नहीं है। राशन कार्ड भी नहीं बना है। दो साल पहले गांव में जमीन के पट्टे हुए, उसने कोशिश की। पट्टा आवंटन की लिस्ट में उसका नाम नहीं आया।

9 अक्टूबर को हुआ था हादसा

-9 अक्टूबर को काम करते वक्त एक निर्माणाधीन मकान की दीवार का एक हिस्सा हरस्वरूप मौर्य के ऊपर गिर गया था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया था।
-इस घटना के बाद से कमर के नीचे का हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। पैसों की कमी की वजह से इलाज ठीक से नहीं हो रहा था। घर में अकेले कमाने वाले हरस्वरूप के बीमार होने से परिजन के सामने पैसे की परेशानी आने लगी।

14 दिसंबर को बेटे का जन्म हुआ

-इस बीच 14 दिसम्बर को हरस्वरूप की पत्नी संजू ने तीसरे बेटे को जन्म दिया। इस दंपति को मदद की उम्मीद थी, न ही पति के हालत सुधरने की आस। मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को 42 हजार रुपए में में बेच दिया, ताकि बीमार

पति हरस्वरूप का इलाज करा सके।

-महिला का कहना है कि बेटे को बेचने के अलावा कोई और रास्ता उसके पास नहीं था। हमारे पास पैसे आए, इसलिए हमने बेटे को बेच दिया। पति के इलाज के लिए पैसे नहीं थे।

-नवजात को बेचने की खबर लगते ही प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

इस महिला के पहले दो बेटे थे। 14 दिसंबर को तीसरे बेटे को इस महिला ने जन्म दिया। इस महिला के पहले दो बेटे थे। 14 दिसंबर को तीसरे बेटे को इस महिला ने जन्म दिया।
पड़ोसवालों ने जब बेटे के बारे में पूछा, तब बच्चे को बेचने का खुलासा हुआ। पड़ोसवालों ने जब बेटे के बारे में पूछा, तब बच्चे को बेचने का खुलासा हुआ।
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हरस्वरूप मौर्य ने कहा-  इलाज नहीं हो सका, अब पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। नौकरी करने के लायक नहीं बचा हूं।हरस्वरूप मौर्य ने कहा- इलाज नहीं हो सका, अब पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। नौकरी करने के लायक नहीं बचा हूं।
इस महिला के पहले दो बेटे थे। 14 दिसंबर को तीसरे बेटे को इस महिला ने जन्म दिया।इस महिला के पहले दो बेटे थे। 14 दिसंबर को तीसरे बेटे को इस महिला ने जन्म दिया।
पड़ोसवालों ने जब बेटे के बारे में पूछा, तब बच्चे को बेचने का खुलासा हुआ।पड़ोसवालों ने जब बेटे के बारे में पूछा, तब बच्चे को बेचने का खुलासा हुआ।
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