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खुद पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता ये शख्स, अब दे रहा हैं दिव्यांगों को ट्रेनिंग

सुल्तानपुर में एक ऐसा शख्स है, जो खुद पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता था। लेकिन आज वो लोगों को जीने के तरीके सिखा रहा।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Feb 14, 2018, 04:33 PM IST

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Motivational story of divyang man
युवक इमरान व्हीलचेयर पर बैठे-बैठे ही हैरतअंगेज करतब आराम से कर लेता है।

सुल्तानपुर(यूपी).  यहां एक ऐसा शख्स है, जो खुद पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता था। लेकिन आज वो लोगों को जीने के तरीके सिखा रहा है। युवक व्हीलचेयर पर बैठे-बैठे ही करतब, पेंटिंग जैसे काम बड़े आराम से कर लेता है। इसमें उसे खिताब भी मिले। लोग इसे व्हीलचेयर मैन के नाम से बुलाते हैं। साथ ही बॉलीवुड फिल्म 'हॉलिडे' में अक्षय कुमार के साथ भी काम कर चुका है। अब वो खुद ऐक्टिव रिहैब का वर्कशॉप लगाकर दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने में लगा है। इस तरह की होगी ट्रेनिंग...

 

 

- इमरान ने बताया, ''शहर के गार्डन व्यू गेस्ट हाउस में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से पीड़ित 18 से 20 लोगों के लिए ऐक्टिव रिहैब का वर्कशॉप लगाई।''

- ''इसमें खुद उठाना-बैठना, आदान-प्रदान करना और लाइफ की जरुरी चीजों के बारे में बताया, जिससे वो दूसरों पर निर्भर न रहे।''

-  ''साथ ही दिव्यांगो को व्हीलचेयर से कहीं आने-जाने और शिथिल अंगो पर मरहम पट्टी कैसे करें इसकी पूरी जानकारी दी।''

 

 

2017 में 45 दिनों की लगाया था ट्रेनिंग कैंप

- दिव्यांगो को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इमरान ने ट्रेनिंग कैम्प खोलना चाहता था, लेकिन शहर में कोई भी जगह देने को तैयार नहीं था।

- 2017 में इसकी मुलाकात फायजा नर्सिंग होम के संचालक सर्जन डॉ. सादिक अली से हुई। उन्होंने कार्यक्रम के बारे में सुनते ही हॉस्पिटल में ही जगह दे दी।

- 2 जुलाई 2017 को इमरान ने 45 दिनो के लिए कैंप की शुरुआत होगी। जिसका इनॉग्रेशन एसडीएम सदर प्रमोद कुमार पांडेय करेंगे।

 

 

साल 2009 में बढ़ी थी मुसीबतें

- ज्ञानीपुर निवासी किसान शिफाअत उल्ला के घर इमरान कुरैशी का 28 जनवरी 1990 में जन्म हुआ। इमरान के पिता का दो साल पहले ही निधन हुआ।
- परिजनों के मुताबिक, 2007 में जब इमरान 11 क्लास में था, उस वक्त मल्टीपल ऐक्स्क्लोरोसिस की वजह से आंखों की रोशनी चली गई थी। काफी जद्दोजहद और इलाज के बाद रोशनी वापस आई।
- साल 2009 में अचानक की उसके पैर सुन हो गए। इलाज के लिए मुंबई तक गए, लेकिन डाक्टरों ने इसे लाइलाज बीमारी बताया।
- इसके बाद परिजनों ने मुंबई के पॅराप्लेजिक फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास केंद्र में एडमिशन करा दिया। यहां उसने हौसला मजबूत कर जिंदगी के सपनों को साकार करने का परिश्रम शुरु किया।

 

 

क्या है स्पाइन इंजरी ?

- इमरान के मुताबिक, ''स्पाइन इंजरी के बाद व्यक्ति के कमर के नीचे का हिस्सा बेजान हो जाता है। टॉयलेट का कुछ भी पता नहीं चलता है। बेड (बिस्तर) पे ज्यादा दिन तक लेटने से जख्म भी हो जाते हैं और अभी तक स्पाइनल इंजरी का कोई इलाज नहीं आया है।''

- ''ऐसे में इससे पीड़ित व्यक्ति अपनी जिंदगी से हार मान जाते हैं और सुसाइड तक कर लेते हैं।'' 

 

अक्षय कुमार के साथ 'Holiday' में कर चुका है काम

- देखते ही देखते इमरान व्हीलचेयर पर करतब दिखाने लगा। लोग इसे व्हीलचेयर मैन के नाम से बुलाने लगे।
- इसी बीच मुंबई में पुनर्वास केंद्र में एक्टर्स से इसकी मुलाकात हुई। वहीं, 2014 की बॉलीवुड फिल्म 'Holiday' में चांस मिला। इसमें एक्टर अक्षय कुमार के साथ उसने काम किया।
- इमरान को पेंटिंग करना पसंद है। साल 2014 स्टेट लेवल गुजरात में पेंटिंग कॉम्पिटिशन पहला खिताब हासिल किया।
- 2016 पंजाब के जलंधर में स्टेट लेवल स्विमिंग कॉम्पिटिशन में गोल्ड अवॉर्ड हासिल किया।
- 2017 में बठिनंडा में हुई एक इंटरनेशनल दिव्यांग पैरा कॉम्पिटिशन में भाग लेकर सिल्वर अवॉर्ड हासिल किया।

Motivational story of divyang man
साल 2009 में अचानक की उसके पैर सुन हो गए। इलाज के लिए मुंबई तक गए, लेकिन डाक्टरों ने इसे लाइलाज बीमारी बताया।
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परिजनों के मुताबिक, 2007 में जब इमरान 11 क्लास में था, उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। काफी जद्दोजहद और इलाज के बाद रोशनी वापस आई।
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इमरान व्हीलचेयर पर करतब दिखाने लगा। इसी के चलते उसे 2014 की बॉलीवुड फिल्म 'Holiday' में चांस मिला। इसमें एक्टर अक्षय कुमार के साथ उसने काम किया।
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इमरान को स्केचिंग करना अच्छा लगता है।
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