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BJP में नहीं है तानाशाही, सहकारी चुनावों के लिए बनाए गए 2 लाख सदस्य : मुकुट बिहारी वर्मा

मंत्री ने कहा- सपा-बसपा जैसी तानाशाही बीजेपी में नहीं है।

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 11:00 AM IST
प्रदेश के सहकारिता मंत्री हैं मुकुट बिहारी वर्मा। प्रदेश के सहकारिता मंत्री हैं मुकुट बिहारी वर्मा।

लखनऊ. बीजेपी पहली बार यूपी के सहकारी चुनावों में अपने सिम्बल पर उतरी है। बीजेपी ने इस बार सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिये हैं। यूपी सरकार के सहकारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने DainikBhaskar.com से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक पंचायती पार्टी है। जिसमें शीर्श नेतृत्व सभी के साथ बैठकर हर मुद्दे पर चर्चा करता है और उसके बाद फैसले लिया जाता है। हमारे फैसले बदला नहीं करते।


-सपा-बसपा जैसी तानाशाही बीजेपी में नहीं है। मुझे जो जिम्मेदारी मिलेगी वो निभाउंगा। पार्टी के लिए पूरा जीवन समर्पित है।

मंत्री ने दिए सवालों के जवाब

Q. बीजेपी पहली बार सहकारी चुनावों में उतरी है, क्या पहले से बैठे लोगों को टककर दे पाएंगे?

A. हमारी किसी से कोई टककर नहीं है। क्योंकि हम मुद्दों पर राजनीति करते हैं। जबकि दूसरे लोग किसानों का शोशण करते हैं। इसीलिए इस बार जितने भी सहकारी संस्थानों में किसान सदस्य हैं, वो बीजेपी के साथ हैं।

Q. इन चुनावों में सपा-बसपा की जबरदस्त पकड़ है, कहां देखते हैं आप अपनी पार्टी को?
A. बसपा तो कहीं है ही नहीं है। जब-जब बसपा की सरकार आई है। उसने लोगों को डराकर धमकाकर बसपाई बना लिया था। थोड़ा बहुत इफेक्ट था तो वो सपा का ही था।

Q.सपा इन चुनावों में कहां है?

A. सपा एक परिवार और एक जाति की पार्टी है। सपा इन दिनों अपसी कलह में उलसी हुई है। सपा में जब लोगों को उचित सम्मान नहीं मिलता है तो लोग विरोध पर उतर आते हैं।

Q. दलबदलुओं को सहकारी चुनावों के दौरान कैसे देखते हैं? उनका कितना असर होगा?
A. 40 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो जिस दल की सरकार होती है उसकी ओर झुक जाते हैं। यूपी में बसपा को वैसे भी कोई लेना देना नहीं है। सपा के हैं तो बड़ी संख्या में वो दूसरी पार्टियों का रूख अपने हित मे कर लेते हैं। लेकिन भाजपा में इनको जगह नहीं मिलेगी। जिनका ट्रैक रिकार्ड खराब है, जो किसानों के बजाय व्यक्तिगत हित देखेंगे वो बाहर जाएंगे।

Q. निकाय चुनावों के ग्राणीण क्षेत्रों में बीजेपी की हार हुई है ?
A. निकाय चुनावों में हम 16 में से 14 नगर निगमों में हम जीतकर आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव पार्टी से बढ़कर व्यक्तिगत हो जाता है। जब चुनाव दो व्यक्तियों को कहो जाता है तो पार्टी की तरफ लोग नहीं देखते हैं। वहीं, जब लोकसभा और विधानसभा का चुनाव हो तो जनता पार्टी को देखकर वोट करती है। आने वाले लोकसभा चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

Q. सहकारी चुनावों को लेकर बूथ स्तर पर क्या तैयारी है?
A. पार्टी ने सहकारी चुनावों के लिए इस बार 2 लाख सदस्य बनाए हैं। पार्टी के पहले से 1 करोड़ सदस्य हैं लेकिन इस बार के चुनाव के लिए पार्टी ने दो लाख सदस्य बनाए हैं। जब यह सदस्य एक्टिव हो जाएंगे तो उसके साथ ही पार्टी का काम और तैयारियां दिखाई देने लगेंगी।


Q. शिवपाल यादव के बीजेपी में आने की खबरें आ रही हैं?
A. शिवपाल यादव सपा में बड़ी हैसियत के साथ रहे हैं। अब उन्हें वो रूतबा नहीं मिल रहा है। मैं शिवपाल यादव के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करूंगा बल्कि उनके प्रति मेरी सहानुभूति है।