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3 नबंर वाले पास, 64 वाले फेल : योगी राज में NHM भर्ती में बड़ा घोटाला

कम नंबर पाने वालों को सलेक्ट किया गया है, जबकि अधिक नंबर पाने वाले रिजेक्ट हो गए हैं।

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 01:07 PM IST
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 4688 स्टॉफ नर्स और एएनएम सहित कई अन्य पदों की भर्ती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 4688 स्टॉफ नर्स और एएनएम सहित कई अन्य पदों की भर्ती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है।

लखनऊ. यूपी की योगी सरकार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 4688 स्टॉफ नर्स और एएनएम सहित कई अन्य पदों की भर्ती में गड़बड़ी का खुलासा होने पर सरकार ने रिजल्ट पर रोक लगा दी है। नए सिरे से रिजल्ट घोषित होगा, इसके लिए कटआफ भी निर्धारित कर दिया गया है।

3 व 8 नम्बर वाले हो गए थे सलेक्ट

-एनएचएम ने 90 में से 3 और 8 मार्क्स पाने वाले कैंडिडेट्स को पास दिखाते हुए सेलेक्ट कर लिया गया। वहीं, 64 नंबर पाने वाले पास कैंडिडेट्स को फेल कर दिया गया।

-dainikbhaskar.com पर इसका खुलास होने पर हरकत में आई सरकार ने एनएचएम के जीएम (एचआर) संदीप सक्सेना को निलंबित कर दिया। निदेशक पंकज कुमार को कारण बताओ नोटिस दिया।

-देर शाम रिजल्ट पर रोक लगा दी गयी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि खामियां दूर कर नए सिरे से कट आफ जारी होगी।

-सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस मामले के सभी दोषियों पर कार्रवाई का एलान किया था।

सरकार सतर्क, कार्रवाई शुरू

-भर्ती में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद मंगलवार को पूरे दिन शासन में बेचैनी बनी रही। अधिकारी अपने-अपने तर्क देने में जुटे रहे।

-शाम होते होते सरकार हरकत में आई और सरकार के प्रवक्ता व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि जीएम एचआर को निलंबित कर दिया गया है।

-निदेशक व आइएएस अधिकारी पंकज कुमार को कारण बताओ नोटिस दिया गया, इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।

-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत प्रदेश भर में एएनएम, स्टॉफ नर्स, पीआरओ, लैब टेक्नीशियन और लैब अटेंडेट के करीब 4688 पदों पर संविदा के तहत भर्ती के लिए 22 जुलाई, 2017 को वैकेंसी निकाली गई थी।
-आवेदन की आयु सीमा 18 से 43 वर्ष थी वहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए उम्र सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई थी।
-जनरल कैंडिडेट्स के लिए आवेदन शुल्क 100 रूपये जबकि अन्य के लिए 50 रूपये रखा गया था। इच्छुक कैंडिडेट्स को ऑनलाइन आवेदन करना था। इसके लिए अंतिम तिथि 14 अगस्त, 2017 निर्धारत की गई थी।
-भर्ती प्रक्रिया के लिए 5 नवंबर, 2017 को प्रदेश भर में लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई थी।

22 दिसंबर को जारी हुआ रिजल्ट

-22 दिसंबर को रिजल्ट जारी किया गया था। जिसमें व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां पाई गई हैं। रिजल्ट में 90 में से 8 और 3 मार्क्स पाने वाले कैंडिडेट्स को सेलेक्ट कर लिया गया। जबकि 90 में से 60 से अधिक नंबर पाने वाले कई कैंडिडेट को फेल दिखाते हुए भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया है।

इन पदों के लिए हुई थी परीक्षा

-एएनएम- एएनएम पदों के लिए 2809 पद आरक्षित है और चयनित उम्मीदवारों की पे-स्केल 10395-12128 रुपये होगी। इन पदों के लिए नर्सिंग में डिप्लोमा कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे।

-स्टॉफ नर्स- स्टॉफ नर्स पदों के लिए 1386 पद आरक्षित हैं और चयनित उम्मीदवारों की पे-स्केल 18150-20013 रुपये होगी। इन पदों के लिए 3 साल 6 महीने नर्सिंग में बीएससी कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे।
-पीआरओ- पीआरओ पदों के लिए 18 पद आरक्षित है और चयनित उम्मीदवारों की पे-स्केल 20000 रुपये होगी। इन पदों के लिए पोस्ट ग्रेजुएट या सोशल वर्क, हुमैन डवलपमेंट, पब्लिक हेल्थ में डिप्लोमा कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे।
-लैब टैक्नीशियन- लैब टैक्नीशियन पदों के लिए 409 पद आरक्षित हैं। चयनित उम्मीदवारों की पे-स्केल 11000-18000 रुपये होगी। इन पदों के लिए लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे।

जवाब नहीं दे पाए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

-प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने से मंगलवार की दोपहर पूछा गया कि आखिर कम नंबर प्राप्त करने वाले कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए पास दिखाते हुए सेलेक्ट और अधिक मार्क्स प्राप्त करने वाले कैंडिडेटस को क्यों रिजेक्ट कर दिया। उस समय उनके पास कोई जवाब नहीं था।

-प्रशांत त्रिवेदी ने कहा था कि अपात्र कैंडिडेट्स को भर्ती में शामिल नहीं किया जाएगा। भर्ती के लिए कैंडीडेट्स को अभी कई अन्य चरणों से गुजरना होगा। जो सभी चरणों को क्वालिफाई करेगा उसे ही एनएनएम सहित अन्य पदों पर भर्ती के नियुक्त किया जायेगा। जो भी अपात्र होंगे वे इंटरव्यू में ही छंट जायेंगे। भर्ती प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जा रही है।

-यूपी के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, प्रशांत त्रिवेदी के ऊपर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं। बसपा सरकार में प्रशांत त्रिवेदी लखनऊ में कमिश्नर के पद पर नियुक्त थे। तब उनके कार्यकाल में ही बहुचर्चित स्मारक घोटाला हुआ था। उस टाइम भी प्रशांत त्रिवेदी की कार्य प्रणाली के उपर कई सवाल उठे थे। लेकिन उसके बाद भी उनके खिलाफ कोई कारवाई नहीं हुई थी।

-सरकार के सक्रिय होने के बाद देर शाम प्रशांत त्रिवेदी ने कहा कि पुराने रिजल्ट में गड़बड़ी हुई थी, इसलिए इस पर रोक लगा दी गई है। नए सिरे से रिजल्ट व कटआफ सूची जारी जारी की जाएगी।

पहले भी भर्ती प्रक्रिया पर उठ चुके हैं सवाल

-एनएचएम की भर्ती में इससे पहले भी सवाल उठते रहे हैं। 2015 में मथुरा में एनएचएम के तहत आयुष डाक्टरों की भर्ती की तो यहां पर भी व्यापक गड़बड़ियां मिली थीं।

इस कटआफ के तहत जारी होगा परिणाम

-सामान्य के लिए 33 मार्क्स

-अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 30 मार्क्स

-एससी, एसटी के लिए 24 मार्क्स

22 दिसंबर को रिजल्ट जारी किया गया था। 22 दिसंबर को रिजल्ट जारी किया गया था।
कम नंबर पाने वालों को चयनित किया गया गया है। कम नंबर पाने वालों को चयनित किया गया गया है।
अधिक नंबर पाने वालों को सलेक्ट नहीं किया गया है। अधिक नंबर पाने वालों को सलेक्ट नहीं किया गया है।