Hindi News »Uttar Pradesh »Lucknow »News» Petrol Pump Do Not Relieved

मैं सिर्फ स्लीपिंग पार्टनर हाईकोर्ट में बोली मालकिन, फिर सामने आया ये सच

पेट्रोल पम्प के डिस्पेंसर में इलेक्ट्रानिक चिप से घटतौली की आरेापी पम्प मालिक रीता गुप्ता को राहत देने से इंकार

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jan 09, 2018, 08:45 PM IST

मैं सिर्फ स्लीपिंग पार्टनर हाईकोर्ट में बोली मालकिन, फिर सामने आया ये सच

लखनऊ.इलाहाबाद होईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ ने पेट्रोल पम्प के डिस्पेंसर में इलेक्ट्रानिक चिप लगाकर घटतौली की आरेापी मेसर्स साकेत फिलिंग सेंटर की पार्टनर रीता गुप्ता को राहत

देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने रीता की प्राथमिकी रद करने व उनकी गिरफ्तारी पर रोक की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कहा कि विवेचना चल रही है। इस स्तर पर

प्राथमिकी रद करने का कोई औचित्य नहीं है।

अदालत ने ये भी कहा

-यह आदेश जस्टिस डी के उपाध्याय एवं जस्टिस डी के सिंह की बेंच ने रीता गुप्ता की याचिका पर पारित किया।
-डिवीजन बेचं की ओर से फैसला सुनाते हुए जस्टिस डी के सिंह ने याची की ओर से उठाये गये इस तर्क केा भी नकार दिया कि पेट्रेाप पम्प पर घटतौली के केस में लीगल मेट्रोलाजी एक्ट की

धाराएं लगायी गयी हैं लिहाजा आईपीसी की धाराये नही लगायी जा सकती हैं।
-कोर्ट ने कहा कि उक्त एक्ट की धाराएं आईपीसी के तहत आने वाले अपराधों के अलावा हैं और जुर्म आईपीसी की धाराओं के तहत पाया जाता है
आईपीसी की धाराएं लगाने में कोई अवैधानिकता नहीं है। कोर्ट ने याची की उम्र को देखते हुए उसे गिरफ्तारी से राहत देने से इंकार कर दिया।
- 27 अप्रैल 2017 को पेट्रोल पम्प पर छापे के दौरान पम्प पर इलेक्ट्रानिक चिप लगी मिलीं जिसके जरिए घटतौली हो रही थी। घटना की रिपेार्ट चिनहट थाने पर दर्ज की गयी ।
-बाद मे मैनेजर एवं एक अन्य कर्मचारी पकड़कर जेल भेजा गया था, जो अभी भी जेल में हैं।
-याची की ओर से तर्क दिया गया कि जिस फर्म के नाम पेट्रोल पम्प है वह उसकी केवल स्लीपिंग पार्टनर है वर्किंग पार्टनर उसके पति हैं । तर्क था कि घटना के समय भी वह यूएसए में थी।

-जिससे उनके विरुद्ध कोई मामला नहीं बनता है, उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद की जाये।
-कोर्ट ने पाया कि याची स्लीपिंग पार्टनर नही अपितु 45 प्रतिशत के लाभ की हकदार थी। परिस्थितियों के मददेनजर राहत की हकदार नहीं हैं।

----


हाईकोर्ट के दूसरा फैसलाः कोयला भटिठयों पर दिखायी सख्ती

हाईकेार्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रायबरेली में गैरकानूनी तरीके से कोयला भटठी चलने का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार व अफसरों को आदेश दिया कि हलफनामा दाखिल कर बतायें कि

ऐसी भटिठयेां के खिलाफ कार्यवाही कर उन्हे बंद क्येां नही कराया जा रहा है। कोर्ट ने अधिकारियेां को 5 फरवरी को व्यक्तिगत रूप हाजिर होने को कहा है।

-जस्टिस सुधीर अग्रवाल एवं जस्टिस अब्दुल मोईन की बेंच ने केशल लाल पाल की जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया।
-याची का कहना था कि अवैध कोयला भटिठयेां के चलाने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान हो रहा है। -वन विभाग के क्षेत्रीय निदेशक ने 21 सितम्बर 2016 को अपनी रिपेार्ट में अवैध

कोयला भटिठयां चलने की बात कही थी।
-इसके बाद भटिठयां बंद न कराकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में आपराधिक परिवाद दाखिल कर दिये गये जो कि विचाराधीन है। -कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अवैध

भटिठयां अफसरेां की मिलीभगत से चल रही हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Lucknow News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: main sirf slipinga paartnr highkort mein boli maalkin, fir samne aayaa ye sch
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×