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Ex MLA के बेटे की हत्या मामला: हत्यारे के रेस्टोरेंट से मिली पिस्टल-3 जिंदा कारतूस

हजरतगंज स्थित कसमंडा हाउस में पूर्व बीजेपी विधायक जिप्पी त‍िवारी के इकलौते बेटे वैभव तिवारी की हत्या हुई थी।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 06:09 PM IST
बरामद प‍िस्ट को सील करती पुल‍िस और इनसेट में मृतक वैभव त‍िवारी की फाइल फोटो। बरामद प‍िस्ट को सील करती पुल‍िस और इनसेट में मृतक वैभव त‍िवारी की फाइल फोटो।

लखनऊ. हजरतगंज के कसमंडा के बाहर बीजेपी के एक्स एमएलए ज‍िप्पी त‍िवारी के बेटे वैभव तिवारी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने रिमांड के तीसरे दिन 2 पिस्टल और 3 जिन्दा कारतूस बरामद कर ली है। बता दें, रिमांड के दूसरे दिन घाटमपुर से सफारी गाड़ी पुलिस ने बरामद किया था। हजरतगंज पुलिस ने दोनों हत्यारोपी को शुक्रवार को रिमांड के समाप्त होने के बाद जेल भेज दिया है। रेस्टोरेंट का मालिक है हत्यारोपी सूरज...


-सूरज शुक्ला का रेस्टोरेंट जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बंजारा नाम से है। हत्या करने के बाद सूरज अपनी सफारी से विक्रम सिंह के साथ पहले रेस्टोरेंट गया। वहां पर दोनों पिस्तौल छुपाई, फिर सफारी से घाटमपुर कानपुर की तरफ फरार हो गया था।
-पुलिस की पूछताछ में यह पता चला कि‍ विक्रम ने अपनी पिस्तौल से वैभव तिवारी को गोली मारी थी। सूरज भी अपनी पिस्तौल के साथ लैस था। उसने भागने के लिए गोली चलाई थी।
-बता दें, पुलिस ने पिस्तौल खोजने के लिए रिमांड के पहले दिन दो घंटे तक 1090 चौराहे के पास बड़ी मशक्क्त की थी।

पूर्व मंत्री के यहां मिली थी हत्यारों को शरण
-सूत्रों का कहना है कि वैभव की हत्या के बाद मुख्य आरोपियों विक्रम सिंह और सूरज ने एक पूर्व मंत्री के यहां शरण ली थी।
-सूत्र बताते हैं कि आरोपियों ने पूर्व मंत्री के एक गुर्गे के जरिये मंत्री के बेटे से संपर्क किया था।
-आरोपी पुलिस की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। इतना ही इस दौरान आरोपियों ने अपने बचाव के लिए कई आलाधिकारियों से संपर्क भी किया था।


बीते शनिवार रात गोली मारकर हुई थी हत्या
- बता दें, हजरतगंज स्थित कसमंडा हाउस में डुमरियागंज के पूर्व बीजेपी विधायक प्रेम प्रकाश तिवारी उर्फ जिप्पी त‍िवारी के इकलौते बेटे वैभव तिवारी की शनिवार (16 दिसम्बर) रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लेकिन बात न बनने पर आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जहां से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपी को साथ लेकर गई थी पुल‍िस। आरोपी को साथ लेकर गई थी पुल‍िस।