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EVM के विरोध में एकजुट होगा विपक्ष, आज लखनऊ में होगी पहली बैठक

अखिलेश की सहमति पर इन दलों को बुलावा भेजा गया है।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 08:20 AM IST
अखिलेश के बुलावे पर जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में बैठक हुई है। अखिलेश के बुलावे पर जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में बैठक हुई है।

लखनऊ. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह बैलेट वोटिंग की मांग को लेकर लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में मीटिंग हुई। अखिलेश के बुलावे पर बीजेपी विरोधी ने इस बैठक में हिस्सा लियाा। कांग्रेस और बीएसपी इस बैठक में कांग्रेस और बीएसपी नहीं आए थे, मगर उन्होंने चिट्ठी भेजकर बैठक के निर्णय पर सहमति जताई का भरोसा दिया है। बैठक के बाद क्या बोले नेता...

- सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा, " सभी दलों ने बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने पर सहमति जताई है। सीपीएम ने अपने नेशनल लीडरशिप से बात करने के बाद स्थिति साफ करने को कहा है। कांग्रेस और बीएसपी ने अपना सहमति पत्र भेजा है। उनकी चिट्ठी राजेन्द्र चौधरी के पास है।"

इन लोगों को भेजा गया था बुलावा

-सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की ओर से कांग्रेस, बीएसपी, रालोद, लोकदल, सीपीआई, सीपीएम समेत सभी विपक्षी दलों को बुलावा भेजा है। अखिलेश यादव की सहमति के बाद ही इन लोगों को बुलावा भेजा गया है।
-सूत्र बता रहे हैं कि ईवीएम के स्थान पर बैलेट मतदान के लिए जन आंदोलन खड़ा करने पर चर्चा होगी। इसे लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों की एकजुटता के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट क्यों चुना गया ?


- सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम का कहना है, ''जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट एक सामाजिक संगठन है। लोकतंत्र की रक्षा हेतु ईवीएम का विरोध के लिए इसीलिए इस संस्थान में मीटिंग बुलाई गई है।''
- पूर्व मंत्री और सपा के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी का कहना है, ''ईवीएम में गड़बड़ी के तथ्य जनता के सामने है। बैलेट से लोकसभा चुनाव के लिए सभी दलों को एक होकर आवाज उठानीं होगी। तभी लोकतंत्र बचेगा।''

क्या है पॉलिटिकल एक्सपर्ट की राय ?
- एक्सपर्ट दिलीप अवस्थी का कहना है, ''6 जनवरी की इस बैठक में अगर विपक्षी दलों ने सहमति दिखाई तो यह मीटिंग 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले एकजुटता नींव भी साबित हो सकती है। इस समय विपक्ष के सामने एकजुट होने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है। अब देखना यह होगा कि इस मीटिंग में कितने दल इक्ट्ठा होते है।"


ईवीएम या बैलेट पर ऐसे शुरू हुई आवाज बुलंद
- साल 2009 में सबसे पहले बीजेपी ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था और कानूनी लड़ाई शुरू की थी, लेकिन मामला तूल नहीं पकड़ पाया।
- साल 2014 के लोकसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले बीएसपी मुखिया मायावती ने ईवीएम में गड़बड़ी का सवाल उठाए था।
- साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद बीएसपी, सपा, कांग्रेस और रालोद ने ईवीएम में गड़बड़ी के खुलकर आरोप लगाए।
- कुछ दिन पहले गुजरात विधानसभा के परिणाम आने के बाद विपक्षी दलों ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा और बैलेट से चुनाव कराने की आवाज बुलंद की।
- सपा के उपाध्यक्ष किरन मय नंदा, सपा की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी व यूपी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी, सीपीआई (कम्युनिटी पार्टी ऑफ इंडिया) के अतुल अंजान, युवजनसभा के अध्यक्ष विकास यादव, आरएलडी के अनिल दुबे और वामदलों के कुछ नुमाइंदों के बीच ईवीएम की गड़बड़ी को जन आंदोलन का रूप देने पर चर्चा हुई।
-सहमति इस बात पर बनी थी कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले विपक्षी दलों को एकजुट होकर ईवीएम के स्थान पर बैलेट मतदान कराने के लिए जन आंदोलन खड़ा किया जाए।


अखिलेश-ममता- राहुल-जयंत भी उठा चुके हैं सवाल
- ईवीएम पर रोक लगाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने को लेकर आम सहमति के साथ अखिलेश यादव ने कई दौर में ममता बनर्जी से मुलाकात की।
- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कई बार ईवीएम पर सवाल उठाते हुए इसको लोकतंत्र की हत्या और जनता से धोखा बताया।

ये नेता पहुंचे थे हिस्सा लेने

सपा से आजम खां, अहमद हसन, नरेश उत्तम पटेल, राजेंद्र चौधरी, एसआरएस यादव, युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव, महासचिव मनीष सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से राकेश, राष्ट्रीय जनता दल से अशोक कुमार सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से रमेश दीक्षित, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एसपी कश्यप, आम आदमी पार्टी से गौरव माहेश्वरी, जनवादी पार्टी से संजय चैहान, आरबीएम (गैर राजनीतिक) से नसीमुद्दीन सिद्दीकी, जनता दल यू (शरद यादव) से सुरेश निरंजन भईया जी, अपना दल से पल्लवी पटेल, राष्ट्रीय लोक दल से डाॅ मसूद अहमद, शिव करन सिंह, पीस पार्टी से डाॅ. मोहम्मद अयूब, एवं निषाद पार्टी से डाॅ. संजय कुमार निषाद शामिल थे।

इस बैठक में अखिलेश-आजम खां भी हिस्सा समेत कई दलों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में अखिलेश-आजम खां भी हिस्सा समेत कई दलों ने हिस्सा लिया।
EVM को लेकर गोलबंद करने की पहल सपा ने की है। EVM को लेकर गोलबंद करने की पहल सपा ने की है।
EVM को लेकर कांग्रेस, बीएसपी, रालोद, लोकदल, सीपीआई, सीपीएम को बुलावा भेजा गया है। EVM को लेकर कांग्रेस, बीएसपी, रालोद, लोकदल, सीपीआई, सीपीएम को बुलावा भेजा गया है।
अखिलेश की सहमति के बाद से सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने इन दलों को बुलावा भेजा था। अखिलेश की सहमति के बाद से सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने इन दलों को बुलावा भेजा था।