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चाय बेचने वाले की बेटी आज है ICC की स्टार, भाई करता है टेंट हाउस का काम

अल्मोड़ा की रहनेवाली हैं इंडियन क्रिकेटर एकता बिष्ट।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 04:11 PM IST

लखनऊ. अल्मोड़ा की एकता बिष्ट आईसीसी की महिला टी-20 और वनडे टीम में जगह बनाने वाली इकलौती भारतीय बन गईं। गांव की गलियों में खेलते हुए इंटरनेशनल क्रिकेटर बनीं एकता के पिता चाय की दुकान चलाते हैं। इस मौके पर एकता के भाई विनीत सिंह बिष्ट ने DainikBhaskar.com के साथ अपनी बहन की पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातें शेयर की।

आर्मी से रिटायर हैं पिता, बेचते थे चाय

- एकता सिंह बिष्ट मूलतः उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली हैं। उनके पिता कुंदन सिंह बिष्ट 1988 में आर्मी से हवलदार पद से रिटायर हुए थे।
- विनीत बताते हैं, "रिटायर्मेंट के बाद पापा ने घर खर्च चलाने के लिए चाय की दुकान खोली थी। उम्रदराज होने के बाद उन्होंने लगभग पांच साल पहले उसे बंद कर दिया। आर्मी से मिलने वाली 1500 रुपए की पेंशन मेरी दोनों बहनों की शादी के लिए जमा होती थी।"

5 साल की उम्र से खेल रही है क्रिकेट

- "एकता हम तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी है। वो बचपन से ही स्पोर्ट्स में आगे रही। हमारे घर के सामने छोटा सा मैदान था। वहां अधिकतर लड़के ही क्रिकेट खेलते थे। वो भी उनके साथ खेलने लगी। तब एकता पांच साल की थी। वहीं से उसका टैलेंट सामने आने लगा। उसे घर पर डांट भी पड़ती, लेकिन वो कभी क्रिकेट खेलना नहीं भूलती थी।"
- "एकता को खेलता देखने के लिए लोगों की भीड़ लग जाती थी। उसके मारे शॉट्स बाउंड्री के बाहर जाकर गिरते थे।"

ये था लाइफ का टर्निंग प्वाइंट

- विनीत बताते हैं, "यह साल 2000 की बात है। उसी मैदान पर एक टूर्नामेंट हो रहा था। एकता भी अपने गांव की टीम से खेल रही थी। उसके बेहतरीन ऑलराउंड परफॉर्मेंस से हमारे गांव की टीम विनर बनी। यह बात जब अल्मोड़ा स्टेडियम के पूर्व कोच लियाकत अली खान को पता चली, उन्होंने इसे स्टेडियम बुला लिया।"
- "लियाकत उसका गेम देखकर काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने उसे प्रॉपर ट्रेनिंग देना शुरू किया। वो मीडियम फास्ट बॉलिंग करती थी, लेकिन उन्होंने उसे स्पिन फेंकने की सलाह दी। यहीं से उसका करियर चल पड़ा।"

ऐसी है एकता की फैमिली

- विनीत बताते हैं, "एकता जबसे इंडियन टीम का हिस्सा बनी है, बहुत बिजी हो गई है। 3-4 महीने में एक बार ही घर आ पाती है। वर्ल्ड कप से लौटने के बाद पूरा एक महीना घर पर रुकी थी। हां, उसका डेली फोन रोज जरूर आता है। घर के हर मेंबर से बात करती है और सबका हालचाल पूछती है।"
- बता दें कि 2017 में एकता को उत्तराखंड खेल रत्न से सम्मानित किया गया। वर्ल्ड कप में बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए भी उसे सरकार से 5 लाख रुपए इनाम के तौर पर मिले थे। उनके गांववाले उन्हें अपना गौरव मानते हैं।

- एकता के भाई विनीत टेंट हाउस और जनरल स्टोर चलाते हैं और उसी से घर खर्च चलता है। पिता बुजुर्ग हैं और घर पर ही रहते हैं।

- बड़ी बहन श्वेता बिष्ट आर्मी कैंटीन में नौकरी करती है और मां तारा बिष्ट हाउसवाइफ हैं।

मां के साथ एकता बिष्ट। मां हाउसवाइफ हैं। मां के साथ एकता बिष्ट। मां हाउसवाइफ हैं।
वर्ल्ड कप 2017 में एकता का परफॉर्मेंस शानदार रहा। वर्ल्ड कप 2017 में एकता का परफॉर्मेंस शानदार रहा।
बड़ी बहन (लेफ्ट) और दोस्तों के साथ एकता (सेकंड लेफ्ट)। बड़ी बहन (लेफ्ट) और दोस्तों के साथ एकता (सेकंड लेफ्ट)।
फैमिली के साथ एकता। लेफ्ट से उनकी बड़ी बहन, भाई, मां और पिता कुंदन सिंह बिष्ट के साथ एकता। फैमिली के साथ एकता। लेफ्ट से उनकी बड़ी बहन, भाई, मां और पिता कुंदन सिंह बिष्ट के साथ एकता।
कोच लियाकत के साथ एकता। कोच लियाकत के साथ एकता।
एकता बिष्ट अल्मोड़ा की रहनेवाली हैं। एकता बिष्ट अल्मोड़ा की रहनेवाली हैं।