--Advertisement--

ये है रियल लाइफ का पैड मैन, वाइफ से ऐसे शेयर की थी ये बात

लखनऊ. 9 फरवरी को अक्षय कुमार की मूवी 'पैड मैन' रिलीज हो रही है।

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2018, 01:52 PM IST
पैड मैन बनने पर लोगों ने शख्स का उड़ाया था मजाक। पैड मैन बनने पर लोगों ने शख्स का उड़ाया था मजाक।

लखनऊ. 9 फरवरी को अक्षय कुमार की मूवी 'पैड मैन' रिलीज हो रही है। फिल्म में अक्षय के रोल की काफी तारीफ हो रही है। dainikbhaskar.com आज आपको रियल पैड मैन के बारे में बताने जा रहा है। ये गरीब लड़कियों-महिलाओं को उन दिनों में होने वाली परेशानी से बचाने के लिए फ्री में सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की मुहिम चलाता है। इस मुहिम को उन्होंने 'हिम्मत' नाम दिया है।

ऐसे आया था सैनिटरी नैपकिन बांटने का आइड‍िया

- लखनऊ के जानकीपुरम में रहने वाले अमित सक्सेना बताते हैं, मैंने 20 मई 2015 को फेसबुक पर एक पोस्ट पढ़ा। जिसमें 28 मई को मनाए जाने वाले menstraual हायजीन डे के बारे में जानकारी दी गई थी।

- आर्टिकल में बताया गया था कि कैसे 'उन दिनों' में होने वाली परेशानी से बचने के लिए गरीब घरों की लडकियां और अशिक्षित महिलाएं गंदे कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। बाद में बीमारी की चपेट में आ जाती हैं।

- पोस्ट पढ़कर मैंने ऐसी महिलाओं-लड़कियों के लिए कुछ करने की ठानी। ताकि उन्हें बीमार होने से बचाया जा सके।

- मेरे सामने सबसे पहली चुनौती थी कि इस बारे में लोगों के साथ कैसे बात करूं? मैंने सबसे पहले अपनी वाइफ से इसपर बात करने के लिए सोचा। हालांकि, मुझे काफी झिझक महसूस हो रही थी, आख‍िर में मुझे शर्म आ गई और बात नहीं की।

- 2 दिन बाद हिम्मत करके मैं दोबारा से वाइफ के पास गया और शर्माते हुए पूरी बात बताई। मैंने उससे कहा कि मैं लड़कियों को उन दिनों में होने वाली प्रॉब्लम से बचाने के लिए कुछ करना चाहता हूं। मेरी बात सुनकर वाइफ खुश हुई और मेरा साथ देने के लिए हामी भर दी।

- मुझे इस काम के लिए कुछ और लोगों की जरूरत थी। किसी तरह 6 लोग तैयार हुए।

- पहली बार कुछ गरीब लड़कियों को सैनिटरी नैपकिन बांटने के दौरान उनकी फोटो खिंचकर फेसबुक पर अपलोड की थी। उस पर मेरा खूब मजाक बनाया गया था।

ऐसे प्रोवाइड कराता है लड़कियों को फ्री में सैनिटरी नैपकिन

- पहले मैं अपनी तरफ से नैपकिन खरीदता था और फ्री में लड़कियों को देता था। लेकिन कुछ लोगों ने फ्री में नैपकिन देने पर एतराज जताना शुरू कर दिया।

- उसके बाद हम लोगों ने घर-घर जाकर लोगों से अपील की। उनसे कहा कि आप 500 रुपए देकर एक गरीब लड़की को एक साल तक फ्री में सैनिटरी नैपकिन प्रोवाइड कराने के लिए एडाप्ट कर सकते हैं।

- अपील का लोगों पर जबरदस्त असर हुआ। लोग आगे आकर हमारे साथ जुड़ने लगे। इस तरह अब हर महीने गरीब घरों की लड़कियों को एक साल तक सैनिटरी नैपकिन प्रोवाइड कराया जाने लगा।

- सबसे अच्छी बात ये है कि अब मलिन बस्तियों में रहने वाली लडकियां गंदे कपड़ों की बजाय सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करने लगी हैं। एक साल तक फ्री में सैनिटरी नैपकिन पाने के बाद वे खुद इसकी आदि हो जाती हैं और खुद दुकान पर जाकर खरीदना शुरू कर देती हैं।

शख्स ने अपनी इस मुहिम को 'हिम्मत' नाम दिया है। शख्स ने अपनी इस मुहिम को 'हिम्मत' नाम दिया है।
वाइफ से की थी अपनी मुहिम की शुरुआत। वाइफ से की थी अपनी मुहिम की शुरुआत।
लखनऊ के रहने वाले पैड मैन अमित सक्सेना कहते हैं, सैनिटरी नैपकिन की आदत पड़ने के बाद अब लड़कियां खुद दुकान जाकर नैपकिन खरीदकर लाती हैं। लखनऊ के रहने वाले पैड मैन अमित सक्सेना कहते हैं, सैनिटरी नैपकिन की आदत पड़ने के बाद अब लड़कियां खुद दुकान जाकर नैपकिन खरीदकर लाती हैं।
अमित ने कई लोगों को अपने साथ जोड़ा है, ये लोगों को महावारी के बारे में अवेयर करते हैं। अमित ने कई लोगों को अपने साथ जोड़ा है, ये लोगों को महावारी के बारे में अवेयर करते हैं।
real life padman provide free sanitary napkins
X
पैड मैन बनने पर लोगों ने शख्स का उड़ाया था मजाक।पैड मैन बनने पर लोगों ने शख्स का उड़ाया था मजाक।
शख्स ने अपनी इस मुहिम को 'हिम्मत' नाम दिया है।शख्स ने अपनी इस मुहिम को 'हिम्मत' नाम दिया है।
वाइफ से की थी अपनी मुहिम की शुरुआत।वाइफ से की थी अपनी मुहिम की शुरुआत।
लखनऊ के रहने वाले पैड मैन अमित सक्सेना कहते हैं, सैनिटरी नैपकिन की आदत पड़ने के बाद अब लड़कियां खुद दुकान जाकर नैपकिन खरीदकर लाती हैं।लखनऊ के रहने वाले पैड मैन अमित सक्सेना कहते हैं, सैनिटरी नैपकिन की आदत पड़ने के बाद अब लड़कियां खुद दुकान जाकर नैपकिन खरीदकर लाती हैं।
अमित ने कई लोगों को अपने साथ जोड़ा है, ये लोगों को महावारी के बारे में अवेयर करते हैं।अमित ने कई लोगों को अपने साथ जोड़ा है, ये लोगों को महावारी के बारे में अवेयर करते हैं।
real life padman provide free sanitary napkins
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..