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चंदन को गोली हिन्दुओं ने मारी, मुसलमानों को फंसाया जा रहा है: कासगंज हिंसा पर रामगोपाल यादव

मैनपुरी(यूपी). समाजवादी पार्टी के थिंक टैंक रामगोपाल यादव ने कासगंज हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा- ''

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 04:24 PM IST
रामगोपाल यादव ने कहा- गोली चली वो हिंदू ही था, लेकिन आरोप मुसलमानों पर लगा दिया गया। रामगोपाल यादव ने कहा- गोली चली वो हिंदू ही था, लेकिन आरोप मुसलमानों पर लगा दिया गया।

मैनपुरी(यूपी). समाजवादी पार्टी के थिंक टैंक रामगोपाल यादव ने कासगंज हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा- ''चंदन को गोली हिन्दुओं ने मारी है, जबकि मुसलमानों को जबरन फंसाया जा रहा है। रामगोपाल यादव ने यह बयान मंगलवार को मैनपुरी में दिया। बता दें, 2 फरवरी, 2018 को रामगोपाल यादव ने राज्यसभा में भी कासगंज हिंसा का मुद्दा उठाया था। गोली चली वो हिंदू ही था, लेकिन आरोप मुसलमानों पर लगा दिया...

- रामगोपाल ने कहा- ''जिला प्रशासन के बिना अनुमति के भगवाधारी जुलूस निकाल रहे थे, तभी उन्होंने मुस्लिम आबादी के बीच में विवादित नारा लगाए गए।''

- ''26 जनवरी के दिन जहां तिरंगा लगा हुआ था, वहां वो हिंदू वाहिनी का झंडा जबरन लगाना चाहते थे। उस वक्त तू-तू-मैं-मैं हुई थी।''
- ''सभी ने वायरल वीडियो देखें हैं, जो गोली चली वो हिंदू ही था, लेकिन आरोप मुसलमानों पर लगा दिया गया। इतना गलत होने के बाद भी हम लोग मुंह बंद रख ले, ताकि कुछ लोग नाराज न हो जाएं।''
- ''हमने अन्याय का विरोध हमेशा किया है, चाहे वो हिंदू करे या मुसलमान करे। इस समय मुसलमानों के साथ जबरदस्त ज्यादती की जा रही है।''

- ''प्रदेश में गलत तरह से एनकाउंटर किए जा रहे हैं। जिम ट्रेनर को भी बिना मार दिया गया, जबकि एक केस किसी के खिलाफ नहीं था। लेकिन हमारे सीएम कहते हैं कि थोक देंगे। कोई भी हेड ऑफ स्टेट या राज्य का मुख्यमंत्री इतनी गंदी भाषा का प्रयोग कर सकता है।''

राज्यसभा में भी उठाया था मुद्दा

- 2 फरवरी, 2018 को रामगोपाल यादव ने राज्यसभा में कासगंज हिंसा पर कहा- ''कासगंज में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को पुलिस बिना वजह निशाना बना रही है। वहां उनके घरों के दरवाजे तोड़कर पुलिस जबरदस्ती की गिरफ्तारियां कर रही है।''
- ''उन पर बिना वजह झूठे केस दर्ज किए जा रहे है। झूठे इल्जाम लगाकर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उनकी प्रॉपर्टी को नष्ट किया जा रहा है, आग लगाई जा रही है। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।''

क्या है कासगंज हिंसा?

- 26 जनवरी, 2018 को कासगंज जिले के कोतवाली इलाके में बिलराम गेट चौराहे पर तिरंगा यात्रा के तहत विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से रैली निकाल रहे थे।

- इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई। तकरार में दोनों तरफ से फायरिंग, पत्थरबाजी हुई, जिसमें तिरंगा यात्रा में शामिल चंदन गुप्ता नाम के शख्स की गोली लगने से मौत हो गई। दूसरे पक्ष के एक शख्स को भी गोली लगी थी।
- 28 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा में मारे गए युवक के परिवार वालों को 20 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान किया था।

क्या है जिम ट्रेनर एनकाउंटर मामला ?

- 3 फरवरी, 2018 को नोएडा के सेक्टर 122 में चेकिंग के दौरान कहासुनी के बाद ट्रेनी सब इंस्पेक्टर ने जिम ट्रेनर जितेन्द्र यादव को गोली मार दी थी।

- जिम ट्रेनर जितेन्द्र अपने चाचा और अन्य दोस्तों के साथ गाजियाबाद से अपनी बहन की सगाई कर लौट रहे थे।

- आरोप है कि सेक्टर 122 में चौकी इंचार्ज विजयदर्शन शर्मा ने 3 अन्य सिपाहियों के साथ जितेन्द्र की गाड़ी को ओवरटेक कर रोका।
- चौकी इंचार्ज ने जितेन्द्र के साथ गालीगलौज करते हुए मारपीट की और गोली मार दी।
- अस्पताल पहुंचे एसपी सिटी ने कहा था कि जांच पूरी होने तक कुछ नहीं कहा जा सकता। अगर पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनपर कार्रवाई होगी।

26 जनवरी को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हो गई थी। फाइल 26 जनवरी को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हो गई थी। फाइल
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रामगोपाल यादव ने कहा- गोली चली वो हिंदू ही था, लेकिन आरोप मुसलमानों पर लगा दिया गया।रामगोपाल यादव ने कहा- गोली चली वो हिंदू ही था, लेकिन आरोप मुसलमानों पर लगा दिया गया।
26 जनवरी को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हो गई थी। फाइल26 जनवरी को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हो गई थी। फाइल
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