--Advertisement--

यहां 21 Dec को होगा विधानसभा चुनाव, बीजपी MLA की डेथ के बाद खाली हुई थी सीट

यूपी में कानपुर देहात की खाली हुई सिकन्दरा विधानसभा पर उपचुनाव गुरूवार को होगा।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 06:08 PM IST
बीजेपी MLA मथुरा पाल के डेथ के हो रहा चुनाव। (फाइल) बीजेपी MLA मथुरा पाल के डेथ के हो रहा चुनाव। (फाइल)

लखनऊ. यूपी में कानपुर देहात की खाली हुई सिकन्दरा विधानसभा पर उपचुनाव 21 दिसंबर को होना है। गुरूवार को 8 बजे से वोटिंग शुरू होगी, इस सीट के लिए एक महिला समेत 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। बता दें, इस सीट से बीजपी एमएलए की डेथ के बाद दोबारा चुनाव कराया जा रहा है।

CCTV से होगी निगरानी...

- इस विधानसभा में 3 लाख 21 हजार वोटर हैं। इसमें 1 लाख 48 हजार 500 महिला वोटर है, 391 मतदेय स्थल और 288 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 567 ईवीएम कंट्रोल यूनिट, 567 बैलट यूनिट लगाई गई हैं। 40 संवेदन शील बूथों पर सीसीटीवी भी लगाए गए हैं।
- 567 ईवीएम यूनिट लगाने के साथ साथ 567 वीवी पैट यूनिट लगाए जानें की व्यवस्था की है। जिससे लोगों में ये सुनिश्चित हो सके की, जिन्होंने वोट किया है, वो उन्हीं को जा रहा है। या किसी और को।
- वीवी पैट मशीन से वोट देने वाले ने जिसको वोट दिया है, उसका चुनाव चिन्ह और उसका फोटो एक पर्ची में बाहर निकलेगा। जिससे वो सुनिश्चित कर सके की वोट उसी को गया है।

जुलाई में हुई थी BJP विधायक की मौत
- सिकन्दरा सीट से बीजपी विधायक रहे मथुरा पाल का देहांत जुलाई 2017 में लंबी बीमारी के बाद हुआ था। राजनीतिक करियर से पहले मथुरा प्रसाद एयरफोर्स में थे।

ऐसा है इनका फैमिली बैकग्राउंड
- मथुरा का पैतृक गांव कानपुर देहात है लेकिन ज्यादातर वो कानपुर शहर स्थित आवास गीतानगर में रहते थे। अकबरपुर कस्बे के मैदुपुर गांव में इनकी खेती बाड़ी भी है, जिनकी देखभाल खुद खड़े होकर करते थे।

- इसी गांव में इनका एक महिला इंटर कॉलेज भी है। इनके 3 बेटे महिपाल, इंद्रपाल जो कि कैप्टन और रज्जो पाल इंजीनियर है।

कैसा रहा विधायक मथुरा पाल का राजनीतिक सफर
- मथुरा पाल ने साल 1991 में सरवनखेरा विधानसभा सीट से जनता दल के टिकट पर विधायक बने।
-1996 में बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज कर दोबारा विधायक बने, इसके बाद 2012 में बीजेपी छोड़ बीएसपी का दामन थाम लिया।
- बीएसपी सरकार में गन्ना विकास निगम के अध्यक्ष बनाए गए, और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला।
- बीएसपी में रहने के बाद इन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की, पर ज्यादा दिन नहीं टिके। साल 2016 में बीजेपी में शामिल हो गए सिकंदरा विधानसभा से विधायक बन गए। खास बात ये है कि रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में आता है।