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पिता ठेला लगाकर पालते हैं परिवार का पेट, बेटे को राष्ट्रपति के हाथों मिला गोल्ड मेडल

राष्ट्रपति ने बीबीएयू के छात्र महेंद्र कुमार को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 16, 2017, 03:37 PM IST

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    राष्ट्रपति से गोल्ड मेडल लेता महेंद्र कुमार।

    लखनऊ. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी(बीबीएयू) के सातवें दीक्षांत समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान राष्ट्रपति ने बीबीएयू के छात्र महेंद्र कुमार को एमएसी एम्प्लॉयड मैथमेटिक्स में 89.06 परसेंट मार्क्स हासिल करने पर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया। DainikBhaskar.com से बातचीत करते हुए महेन्द्र ने अपने एक्सपीरियंस को शेयर किया। पिता ठेला लगाकर भरते है परिवार का पेट...

    - महेंद्र कुमार ने बताया कि मेरा जन्म 7 जुलाई 1994 को बस्ती के भैसा चौबे गांव में हुआ था। उनके पिता ओम प्रकाश किसान और मां शुभावती हाउस वाइफ है। हम 1 भाई और पांच बहन है। जिसमें मैं दूसरे नम्बर पर हूं।
    - पिता की कोई फिक्स इनकम नहीं है। खेती का काम पूरा होने के बाद पापा दिल्ली जाकर ठेला लगाते हैं और उससी से घर का खर्च चलता है।
    - घर पर फाइनेंसियल प्रॉब्लम होने के कारण पढ़ने में काफी दिक्कतें फेस करनी पड़ती है। क्योंकि गांव के सम्पन्न लोग कमजोर समझकर कई बार हमे दबाने की भी कोशिश करते हैं।

    बारिश के दिनों में घर पर होती है दिक्कत

    - महेंद्र के मुताबिक़, फाइनेंसियल प्रॉब्लम के कारण मकान नहीं बन पाया। घर के एक हिस्से में आज भी झोपड़ी है।
    - बारिश होने पर घर के अंदर पानी टपकता रहता है। इस दौरान पूरा परिवार पानी निकालने में जुट जाता है।
    - बरसात में पूरी फैमिली को तमाम तरह की प्रोब्लम फेस करनी पड़ती है। अनाज को बचाना मुश्किल होता है। न तो पिताजी काम पर और न ही भाई बहन स्कूल जाते है। सब लोग दिन भर घर पर ही रहते है।
    - पिताजी ने कई बार घर बनवाना चाहा लेकिन परिवार का खर्च देखकर मकान बनवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।


    बिना ट्यूशन पढ़े किया टॉप
    - मेरा मन कई बार कोचिंग करने को हुआ लेकिन फाइनेंसियल प्रॉब्लम की वजह से नहीं कर पाया। चाहता हूं कि पापा को ठेला न लगाना पड़े, इसलिए-हायर स्टडीज की पढ़ाई कर प्रोफेसर बनना चाहता हूं।
    - हाईस्कूल से लेकर एमएससी तक की पढ़ाई मैंने खुद से की है। डेली 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता हूं।
    - 2011 में बस्ती के एमजीआईसी कॉलेज से 61 परसेंट मार्क्स के साथ इंटर कम्प्लीट किया। इसके बाद 2014 में अयोध्या के केएस साकेत कॉलेज से 58 परसेंट मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन कम्प्लीट किया।
    - 2016 में बीबीएयू से एमएससी में 89.06 परसेंट मार्क्स आये थे। जिसपर मुझे राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल मिला है।

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    महेंद्र का जन्म 7 जुलाई 1994 को बस्ती के भैसा चौबे गांव में हुआ था।
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    महेंद्र के पापा ओम प्रकाश पेशे से किसान है, लेकिन घर खर्च चलाने के लिए ठेला भी लगाते हैं।
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    घर पर फाइनेंसियल प्रॉब्लम होने के कारण महेंद्र को पढ़ने में काफी दिक्कतें फेस करनी पड़ती हैं।
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    हाईस्कूल से लेकर एमएससी तक की पढ़ाई महेंद्र ने खुद से की है। डेली 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता है।
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    महेंद्र ने एमएसी एम्प्लॉयड मैथमेटिक्स में 89.06 परसेंट मार्क्स हासिल किए हैं।
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    महेंद्र की मां शुभावती हाउस वाइफ है।
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Web Title: Story Of Gold Medalist Mahendra Kumar
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