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एक कॉल ने बदल दी इस लड़की की LIFE, फॉरेन से मिला ऐसा ऑफर

DainikBhaskar.com से इन्होंने अपनी स्ट्रगल लाइफ शेयर की, जो आपको बता रहा है।

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 01:34 PM IST
डिंपल बताती हैं- पापा की कम सैलरी में ही मां को पूरे परिवार का खर्च चलाना रहता था। छोटी-छोटी चीजों के लिए भी कम्प्रोमाइज करना पड़ा। डिंपल बताती हैं- पापा की कम सैलरी में ही मां को पूरे परिवार का खर्च चलाना रहता था। छोटी-छोटी चीजों के लिए भी कम्प्रोमाइज करना पड़ा।

लखनऊ. यूपी के हाथरस के छोटे से गांव की रहने वाली डिंपल मिथलेश चौधरी एक फोटोगाफर और राइटर हैं। यह वुमन इंटरनेशनल बाइक राइडर्स असोसिएशन की नेशनल मेंबर हैं। दिल्ली में रहने वाले गरीब बेसहारा बच्चों की स्टार कहलाती हैं। DainikBhaskar.com से इन्होंने अपनी स्ट्रगल लाइफ शेयर की, जो आपको बता रहा है। मिडिल क्लास फैमिली में बिता बचपन...

- यह अलीगढ़ के पास स्थित एक कस्बे की रहने वाली हैं। पिता अशोक सिंह चौधरी प्राइवेट ड्राइवर हैं, जो ज्यादातर लांग टूर पर ही रहते थे।

- तीन बहनों और एक भाई में डिंपल सबसे बड़ी हैं। डिंपल बताती है, ''मां मिथिलेश चौधरी से हमारा लगाव बहुत ज्यादा है। बहुत ही मिडिल क्लास फैमिली से होने की वजह से बचपन गरीबी में बिता।''
- ''पापा की कम सैलरी में ही मां को पूरे परिवार का खर्च चलाना रहता था। छोटी-छोटी चीजों के लिए भी कम्प्रोमाइज करना पड़ा।''
- ''कभी-कभी बुरा भी लगता था, लेकिन उसे बहुत पॉजिटिव ही लेती थी और आगे बढ़ने के लिए मेहनत करती थी।''

लड़कों को पीटने में आता था मजा
- डिंपल का कहना है, ''बचपन से गांव में लडकें हमसे डरा करते थे। कॉलेज या मार्केट जाते टाइम मम्मी हमेशा कहती थी कि जाओ लेकिन किसी लड़के से लड़ाई झगड़ा न करके आना।''
- '' लेकिन मैं उनसे कहती थी कि मेरी फ्रेंड को कोई परेशान करेगा तो उसे भी मैं नहीं छोडूंगी। लड़कों को पीटने के लिए हम बहनें दोस्तों की बातों को भी बढ़ा देते थे।''

आगे की स्लाइड में पढ़िए, शुरू किया इंस्टीट्यूट तो पहली बार ही मिला ये धोखा....

डिंपल बताती हैं- बचपन से गांव में लडकें हमसे डरा करते थे। लड़कों को पीटने के लिए हम बहनें दोस्तों की बातों को भी बढ़ा देते थे। डिंपल बताती हैं- बचपन से गांव में लडकें हमसे डरा करते थे। लड़कों को पीटने के लिए हम बहनें दोस्तों की बातों को भी बढ़ा देते थे।

जॉब छोड़कर शुरू किया इंस्टीट्यूट-पहली बार ही मिला ये धोखा   
- इनके मुताबीक, ''2009 में इन्होंने दिल्ली के कई मीडिया हाउस में जॉब की। पहली सैलेरी 3 हजार मिली। काफी अप एंड डाउन्स आए, लेकिन हार नहीं मानी।  
- ''बहन को डांस आता था और इन्हें फोटोग्राफी का शौक था। 2015 में कुछ डांस सिखाने वाले लड़कों को पार्टनर्स बनाकर तीन लाख रुपए इन्वेस्ट कर एक इंस्टीट्यूट खोलने की सोची, लेकिन वो सारे पैसे लेकर भाग गए।''
- ''राइटिंग में इंटरेस्ट होने की वजह से कई नामचीन संस्थानों के लिए फ्रीलांस के तौर पर लिखना शुरू किया। जिससे आमदनी की शुरुआत हुई।'' 

 

 

आगे की स्लाइड में पढ़ें, अवॉर्ड मिलते ही फॉरेन से आया ये ऑफर... 

डिंपल की क्लिक की 2 फोटोज को नीदरलैंड में इंटरनेशनल आर्ट एंड फोटोग्राफी में बेस्ट फोटोग्राफी का अवॉर्ड मिला। डिंपल की क्लिक की 2 फोटोज को नीदरलैंड में इंटरनेशनल आर्ट एंड फोटोग्राफी में बेस्ट फोटोग्राफी का अवॉर्ड मिला।
डिंपल ने बताया- 2009 में 3 हजार की सैलेरी जॉब छोड़कर बचपन के फोटोग्राफी के शौक को आगे बढ़ाया।(भाई के साथ डिंपल) डिंपल ने बताया- 2009 में 3 हजार की सैलेरी जॉब छोड़कर बचपन के फोटोग्राफी के शौक को आगे बढ़ाया।(भाई के साथ डिंपल)

2017 में मिला बेस्ट फोटोग्राफी का अवॉर्ड-फॉरेन से आया ये ऑफर 

 

- डिंपल ने बताया, ''2016 में इन्होंने एक कैमरा खरीदा फिर उसी से अपने फोटोग्राफी के शौक को आगे बढ़ाने लगी। क्लिक की तस्वीरें खींचकर सोशल साइट्स में अपलोड किया।''

- इसी बीच नीदरलैंड के शहर 'एम्स्टर्डम द हेग' में लगी एक एग्जिबिशन में इनकी दो फोटोज को चुना गया। एक कॉल आई और इन्हें वहां बुलाया गया। 

- अगस्त 2017 में आयोजित इंटरनेशनल आर्ट एंड फोटोग्राफी एग्जिबिशन में देश और विदेश के चुनिंदा आर्टिस्ट की बेस्ट फोटोग्राफी का अवॉर्ड मिला।
- 10 अगस्त से लेकर 30 अगस्त तक, 20 दिन तक चलने वाली इस एग्जिबिशन में इनकी तीन और फोटोज को चुना गया। जिसमें से दो फोटो को वहीं खरीदा गया।
- इसके लिए इन्हें एक हजार यूरो मिले। इंडिया में जिसकी कीमत 78,000 के बराबर है। नीदरलैंड के एक बड़ी कम्पनी के फोटोग्राफर ने इन्हें मॉडलिंग का ऑफर भी  दिया है। 

इनके मुताबिक- अब नीदरलैंड की एक बड़ी कम्पनी के फोटोग्राफर ने इन्हें मॉडलिंग का ऑफर भी दिया है। इनके मुताबिक- अब नीदरलैंड की एक बड़ी कम्पनी के फोटोग्राफर ने इन्हें मॉडलिंग का ऑफर भी दिया है।