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गड्डा मुक्त सड़कें हमारे लिए चुनौती थी : योगी, गडकरी ने कहा- रोड बनने से मिलेगें रोजगार

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- देश को सड़क निर्माण में एक नई दिशा मिलेगी।

Danik Bhaskar

Dec 08, 2017, 01:07 PM IST
2 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 2 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।

लखनऊ. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी में सड़क पर चर्चा में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ किया। 2 दिवसीय चलने वाली इस कार्यशाला की अध्यक्षता डिप्टी सीएम केशव मौर्या कर रहे हैं। नितिन गडकरी और सीएम योगी ने दीप प्रज्ज्वलन कर दो दिवसीय 'लखनऊ कांफ्रेस' का उद्घाटन किया।

-इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- "इस कांफ्रेस के जरिए सड़क निर्माण में यूपी को लाभ मिलने के साथ-साथ पूरे देश को सड़क निर्माण में एक नई दिशा मिलेगी।"
-पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश और राजस्थान ने सड़क निर्माण में अच्छा काम किया है। यूपी भी इस नई तकनीकी के साथ उस दिशा में अग्रसर हो रहा है।

CRF (सेंट्रल रोड फंड) से अब तक यूपी को सिर्फ 700 करोड़ मिलता था लेकिन नितिन गडकरी के सहयोग से इस बार 10 हजार करोड़ रुपए हमें मिला है। सड़कों के विकास के लिए, केंद्रीय मंत्री ने आगे भी यूपी में सड़क विकास के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
-केशव मौर्य ने कहा- सड़कों की लागत को कम करने का प्रयास है, लोगों को वर्ल्ड क्लास की सड़कें दे सके हम ऐसी सड़क बनाएंगे।
-किसी क्षेत्र में सड़कों को बनाने को लेकर भेदभाव नहीं होगा, अभी भी कई गांव ऐसे हैं जिनमें आरसीसी सड़कें नहीं बनाई जा रही हैं। हमारी कोशिश है कि हर गांव को जोड़ने वाली सड़क को बेहतर बनाया जाए।


क्या कहा नितिन गडकरी ने


-नितिन गडकरी ने कहा- "केंद्र सरकार का मकसद गारंटी के साथ सड़क बनाने का है। जिससे आगे आने वाली सरकारों की भी जिम्मेदारी तय हो गई।"
-बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए सड़क बनाने पर जोर है। कम से कम पेड़ों को काटा जाएगा। जहां पेड़ों की कटाई होगी, उसके एवज में वहीं पर किनारे 1 के बजाए 10 पेड़ लगाने का प्लान है। इन पेड़ों की देखरेख और बड़े होने तक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी तय होगी। हम विकास के रास्ते पर चलेंगे लेकिन पर्यावरण के साथ।

क्या कहा सीएम योगी ने


-कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा- "यूपी में इस तरह का अपने आप में पहली बार कोई आयोजन हो रहा है। जब तक विचारों के साथ-साथ तकनीक का आदान-प्रदान नहीं होगा तब तक हम लोग बेहतर नहीं कर पाएंगे।"
-गड्ढा मुक्त किए जाने में एक चुनौती थी खनन जिस पर कोर्ट से रोक थी। फिर एनजीटी आड़े आ गया। 100 दिनों में गड्ढा मुक्त सड़के बनाने का हमारा लक्ष्य चुनौती बना रहा। 19 मार्च, 2017 को जब हमने सत्ता संभाली थी तब हमें 1 लाख 21 हजार किमी की सड़के गड्ढा युक्त मिलीं थी। समझ में नहीं आता था ये सड़कें हैं या खेत। कोई सही मानक नहीं थे।
-अगर आप कार्य करेंगे तो वो दिखेगा नहीं करेंगे तो प्रश्नचिन्ह खड़ा होगा। 1 लाख 21 हजार किमी की ये सड़कें गड्ढा युक्त कैसे रहीं क्यों आम जनता को इसपर प्रश्न उठाना पड़ता है। इन सब बिंदुओं पर विचार किए जाने की आवश्यक्ता है। कहीं कोई शहर आप देखेंगे तो वहां आपको प्लास्टिक का कूड़ा दिखेगा अगर ये प्लास्टिक सड़क निर्माण में काम आ सके तो बेहतर है।
-हमें लगता है कि यहां इन तकनीकी साधनों के माध्यम से हम 10-15 साल तक सड़कें कैसे चले इसमें सुझाव जरूर मिलेंगे।

मंत्रियों का किया सम्मान


-केशव मौर्य और PWD राज्य मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने मंच पर मौजूद असम, छत्तीसगढ़, गोवा, राजस्थान, सिक्किम, मणिपुर, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के PWD मंत्रियों का भी स्वागत किया।


कार्यशाला में और क्या होगा


कार्यशाला के दूसरे दिन बिहार के सीएम नीतीश कुमार बतौर एक्सपर्ट शामिल होंगे। इसके अलावा आईआईटी कानपुर, वाराणसी, खड़गपुर समेत कई अन्य संस्थानों के रोड़ डेवलपमेंट पर स्टडी रिर्पोट के जरिए यूपी की सड़कों को बेहतरी पर चर्चा होगी।
-9 दिसम्बर को बिहार के सीएम नीतीश कुमार बतौर एक्सपर्ट शामिल होंगे।
-पहले दिन और दूसरे दिन होने वाले सड़कों पर डिस्कशन के दौरान गांवों और कस्बों की सड़कों को स्टेट हाईवे बनाने और उनसे इनकम पर डिस्कशन भी किया जाएगा।
-इसके अलावा मरम्मत में लगने वाले समय व बजट को कम करते हुए उसकी क्वलिटी पर डिस्कशन। सड़कों पर बिना ट्रैफिक रोके उन्हें बनाने की तकनीकी पर चर्चा होगी।
-दिन में ट्रैफिक और रात को सड़क बनाने को लेकर जोर, रातों रात बनकर तैयार सड़क को ऐसे बनाया जाए, जिससे दिन से उसपर ट्रैफिक को चालू किया जा सके, इस पर आईआईटी एक्सपर्ट भी डिस्कशन करेंगे।

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