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अब एक टेस्ट देकर किसी भी कोर्स में करे अप्लाई, पढ़े पूरी खबर

यूनी गेज नामक संस्था ने पूरे देश की टाॅप 100 यूनिवर्सिटी से टाइअप किया है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 18, 2018, 11:57 AM IST

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    शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली कर्नाटक की यूनी गेज नामक संस्था ने पूरे देश की टाॅप 100 यूनिवर्सिटी से टाइअप किया है।

    लखनऊ. स्टूडेंट्स को अब यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए अलग-अलग फार्म और एग्जाम के प्राॅसेस से छूटकारा मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली कर्नाटक की यूनी गेज नामक संस्था ने पूरे देश की टाॅप 100 यूनिवर्सिटी से टाइअप किया है। संस्था के डायरेक्टर एस कुमार नेDainikBhaskar.com से बातचीत के दौरान बताया कि 2004-5 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को देश भर में एडमिशन को लेकर एक टेस्ट कराने को कहा था। जिसके बाद सरकारी संस्थानों में बदलाव किया गया लेकिन प्राइवेट में नहीं। वहीं से मुझे इसका आइडिया आया। जिसमें स्टूडेंट आॅनलाइन टेस्ट देकर और अपनी रैंक के आधार पर देश के किसी भी यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले सकते हैं।

    950 से ज्यादा कालेज-यूनिवर्सिटी
    - डायरेक्टर एस कुमार ने बताया कि हमने ‘इरा फाउंडेशन‘ को एक मिशन के तौर पर चलाने का निर्णय किया है। हमारे साथ देश भर के 799 प्राइवेट यूनिवर्सिटी, 39671 प्राइवेट कॉलेज और 11900 अन्य प्रकार के मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट जुड़े हुए हैं।
    - हम ऐसी ही यूनविर्सिटी को अपने साथ जोड़ते हैं, जिनका इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी अच्छी हो। जो भारत सरकार से मान्यता प्राप्त हों। इससे स्टूडेंट के साथ किसी प्रकार का धोखा होने की चांसेज नहीं रहते हैं।

    यूपी की 2 यूनिवर्सिटी से टाइअप
    - हमारे साथ इस वक्त यूपी की 3 यूनिवर्सिटी जुड़ी हुई हैं। जिसमें लखनऊ की राम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी, मथुरा की संस्कृति यूनिवर्सिटी और मेरठ की तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी है। बाकियों से बातचीत जारी हैै। हम ऐसे लोगों को अपने साथ नहीं जोड़ेंगे, जिनके यहां फैकल्टी के नाम पर सिर्फ ट्रेनी टीचर ही हैं। ऐसे कॉलेज सिर्फ बच्चों से मोटी फीस लेने का काम करते हैं।

    इंजिनियरिंग से ज्यादा बच्चों में आर्ट्स का क्रेज

    - भारत सरकार के एक एआईएचई सर्वे के मुताबिक, अभी भी बच्चों में इंटर के बाद इंजिनियरिंग से ज्यादा आर्ट्स का क्रेज बरकरार है।
    - 2011-12 में 32 लाख।
    - 2012-13 में 37 लाख।
    - 2015-16 में 40 लाख।
    - 2017-18 में 42 लाख स्टूडेंट्स ने इंजिनियरिंग की परीक्षा में भाग लिया जबकि आर्टस और कार्मस की संख्या इनकी दोगुनी रही।
    - हर साल 40 प्रतिशत ही स्टूडेंट इंजिनियरिंग की पढाई कर रहे हैं। बाकी एडमिशन लेकर छोड़ देते हैं, क्योंकि इंजिनियरिंग कॉलेज फैसिलिटी और क्वालिटी एजूकेशन नहीं दे पा रहे थे।

    देश भर में बंद हो रहे 300 कॉलेज
    - देशभर के लगभग 300 कॉलेज सिर्फ इसलिए बंद हो रहे हैं। क्योंकि उनके यहां स्टूडेंट एडमिशन नहीं ले रहे हैं और जिन्होंने लिया है वो कोर्स बीच में ही छोड़कर चले जा रहे हैं।
    - इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि उनके टीचर्स और वर्किंग स्टाॅफ में वो स्किल ही नहीं है, जो इंजिनियरिंग प्रोफेशन में होने चाहिए।
    - एक स्किल सेंटर और लैब खोलकर टीचर और वर्किंग स्टाफ के पीछे पूरा सेटअप लगाना होता है, जिसमें 10 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।

    - यूनी गेज की साइट https://www.unigauge.com/ पर जाकर आॅनलाइन फार्म भरना होगा। इसकी लास्ट डेट 19 अप्रैल है, 13 मई को इट्रेंस होगा। इसकी रजिस्ट्रेशन फीस 1200 रुपए है। किसी भी फील्ड में एडमिशन उनकी क्वालिफिकेशन के हिसाब से मिलेगा।

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    संस्था के साथ देश भर के 799 प्राइवेट यूनिवर्सिटी, 39671 प्राइवेट कॉलेज और 11900 अन्य प्रकार के मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट जुड़े हुए हैं।
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