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जब नाली की प्रॉब्लम लिए राहुल के पास पहुंचा शख्स, मिला था ये जवाब

16 दिसंबर को राहुल गांधी को कांग्रेस प्रेसिडेंट का पद संभाल लिया है।11 दिसंबर को राहुल गांधी निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 18, 2017, 09:59 AM IST

    • 16 दिसंबर को राहुल गांधी की ताजपोशी कांग्रेस प्रेसिडेंट के तौर पर हुई।

      अमेठी.शनिवार को राहुल गांधी ने कांग्रेस प्रेसिडेंट का पद संभाल लिया। अब उन पर जिम्मेदारी का बोझ बढ़ गया है। DainikBhaskar.com अमेठी से जुड़ा एक सवाल और यहां के लोगों के बीच उनके स्वभाव से जुड़ी बातें अपने रीडरों का साथ शेयर करेगा। जब राहुल से ग्रामीणों ने पूछा ये सवाल...

      -24 अक्टूबर 2015 की जब राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र का दौरे पर थे। लखनऊ से अमेठी यात्रा पर निकले राहुल गांधी, जब निगोहां गांव में रुके, वहां पानी की सप्लाई की स्थिति जान रहे थे। इस दौरान गांव के ही रामफेर ने राहुल को रास्ते में रोक लिया।रामफेर खस्ताहाल नाली के हालत के बारे में बताने लगे। राहुल ने कहा,"ये गड़बड़ी लोकल लेवल की है। इस समस्या का सामाधान प्रधान के पास है। ये प्रॉब्लम उनके लेवल की है।"

      - ग्रामीणों ने बताया, "अभी नया ग्राम प्रधान निर्वाचित हुआ है। ऐसे में वे लोग उससे क्या कह सकते हैं। राहुल ने कहा- वेट कीजिए। इसके बाद गांव वालों ने कहा था- राहुल गांधी जितनी बात कहते हैं। अगर उस काम को कर दें, तो अमेठी की किस्मत बदल जाएगी।"

      समोसे वाला बना राहुल का 'छोटा सिपाही'


      -राहुल के अमेठी दौरे पर बात करते हुए कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह बताते हैं कि अमेठी लोकसभा के भेटुआ शाहगढ़ ब्लॉक में पनियर पावर हाउस के पास एक चौराहा है। उस चौराहे की चाय और समोसे काफी फेमस है।

      - 2004 में जब राहुल गांधी पहली बार सांसद हुए थे, तब अक्सर यहां पर रुक कर समोसा और चाय लिया करते थे। उस वक्त इसी चौराहे पर शंकर जायसवाल की मामूली दुकान थी, जिसको उसके पिता चलाते थे।

      -राहुल गांधी ने जब दूसरी बार उनके दुकान पर आए। तब शंकर के पिता दिखाई नहीं दिए। उसके बाद से शंकर राहुल गांधी का छोटा सिपाही हो गया। राहुल गांधी जब उसके दुकान पर नहीं आते, तो शंकर नौजवानों के साथ राहुल से मिलने के लिए पहुंच जाता। शंकर आज दूसरी बार सोरांव गांव के प्रधान है।


      राहुल भैया आए- हमें मिल गया मकान
      - एमएलसी दीपक सिंह बताते है- "कमला कश्यप पूरब गांव की रहने वाली है। टूटे छप्पर के मकान में रहती थी। राहुल गांधी एक दिन उसी गांव में किसी पीड़िता का हाल लेने गए कमला वहां मिल गई।"
      -उसने कहा, "राहुल भैया हमारी गरीब की कुटिया में भी कदम रख दीजिए। कमला का घर ऐसा की राहुल बड़ी मुश्किल से अंदर जा सके। घास-फूस की छत दीवारों से गिरती मिट्टी खैर कमला ने गुड़ और पानी पिलाया। आज कमला का पक्का मकान है।"

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      ग्रामीण ने खस्ताहाल नाली की शिकायत की। राहुल ने कहा- ये गड़बड़ी लोकल लेवल की है।
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      राहुल ने कहा- इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन प्रधान के पास है।
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      चायवाले के बेटे शंकर को इलाके के लोग राहुल के छोटे सिपाही के तौर पर जानते है।
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      जिस दुकान पर राहुल चाय-समोसे खाते थे। उस दुकानदार का बेटा दो बार सोरांव गांव का प्रधान है।
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      कांग्रेस प्रेसिडेंट का संसदीय क्षेत्र अमेठी है। क्षेत्र की जनता के लिए अक्सर अमेठी के दौरे करते हैं।
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      कमला टूटे छप्पर के मकान में रहती थी। जब राहुल उसके घर गए, तब उसे पक्का मकान मिल गया।
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