--Advertisement--

अगले हफ्ते तैयार होगी यूपी बीजेपी चीफ की नई टीम, इन पर रहेगा खास जोर

4 सितंबर को यूपी बीजेपी का चीफ का कार्यभार संभालने के बाद से महेन्द्र नाथ पांडेय ने अपनी टीम नहीं बनाई थी।

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2018, 07:14 PM IST
4 सितंबर को यूपी बीजेपी अध्यक्ष का पद डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने संभाला था। (फाइल चित्र) 4 सितंबर को यूपी बीजेपी अध्यक्ष का पद डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने संभाला था। (फाइल चित्र)

लखनऊ. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय ने अब तक अपनी नई टीम नहीं तैयार की है। 4 सितंबर को यूपी बीजेपी का चीफ का कार्यभार संभालने के बाद से उनकी टीम नहीं बनी थी। अब नई टीम बनाने को लेकर बैठकों का दौर शुरु हो गया है। जानकार सूत्र बताते हैं कि आरएसएस, VHP और दूसरे संगठन के लोगों से पार्टी में बने पद के हिसाब से कार्यकर्ताओं की खोज जारी है। सुनील बंसल इसको लेकर बैठकें कर रहे हैं। ऐसी रही है स्थिति...

- पिछले एक साल पहले ही संगठन में प्रदेश अध्यक्ष समेत दूसरे फ्रंट में अध्यक्ष तो बने, लेकिन कमेटी पुरानी ही रही। संगठन की नई टीम और पुराने वर्कर की सही प्लेसमेंट को लेकर इसमें देरी हो रही है। नई टीम भी खास होगी। इस टीम पर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने का जिम्मा होगा।

प्रदेश अध्यक्ष बदले, कमेटी नहीं
- बीजेपी में एक व्यक्ति, एक पद की नीति के तहत एक कार्यकर्ता को एक पद पर बने रहने का अधिकार होता है। 2017 के विधानसभा चुनावों में मिली भारी जीत के बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या को डिप्टी सीएम बनाया गया। इसके अलावा संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर काम कर रहे दिनेश शर्मा को डिप्टी सीएम के तौर पर चुनाया गया।
- दोनों को संगठन में पद मुक्त करते हुए यूपी में प्रदेश अध्यक्ष के तौर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन नई कमेटी की घोषणा नहीं की गई।
-नए अध्यक्ष के साथ ही पुरानी कमेटी के लोग काम कर रहे हैं। अगले कुछ महीने बाद से ही 2019 की लोकसभा चुनावों की तैयारियों का वक्त आ जाएगा।
-ऐसे में संगठन के लोग अपने को एक बड़े बदलाव की ओर देख रहे हैं, लेकिन ये कब होगा इसकी जानकारी सिर्फ संगठन मंत्री सुनील बंसल होगी।


RSS के साथ हुई 6 बैठक
-संगठन की नई कमेटी में बदलावों को लेकर संगठन मंत्री सुनील बंसल आरएसएस के बड़े लीडर के साथ अब 6 बैठकें कर चुके हैं। इन दो बैठकों में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह खुद मौजूद थे।
-नई टीम बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय और सुनील बंसल की ज्वाइंट मीटिंग भी प्रदेश मुख्यालय पर हो चुकी है।

भारी फेरबदल की तैयारी
-बीजेपी के मुख्य संगठन के अलावा भी चुनावों में फ्रंटल संगठनों का चुनावों मे अहम रोल होता है। इसमें जातिगत समीकरणों को फिट किया जाता रहा है। चुनावों में जिलों की टीमों को बनाकर उसके तहत लोगों को बूथ लेवल तक जोड़ने का काम होता है।
-भाजपा में मुख्य संगठन के अलावा 7 फ्रंटल संगठन भी हैं। इसमें भाजपा युवा मोर्चा, पिछड़ा मोर्चा, अनुसूचित मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा हैं।
-इस वक्त फ्रंटल संगठनों में जिनमें दोबारा अध्यक्ष चुने जाने हैं। उनमें 4 ऐसे हैं, जिनके पास 2 पद हैं। ऐसे में अन्य में नई कमेटी के अलावा इन चारों संगठनों में मोर्चा अध्यक्ष भी चुना जाना है।


इन लोगों को क्यों हटाया जाएगा ?
- महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्वाति सिंह 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद ही योगी सरकार में मंत्री बन गई है । ऐसे में इनकी जगह भी किसी अन्य महिला को मोर्चे के अध्यक्ष पद के लिए खोज की जा रही है।
-पिछड़ा मोर्चा अध्यक्ष लखीमपुर से सांसद राजेश वर्मा हैं। 2014 में सांसद बनने के बाद भी ये जिम्मेदारी इन्हीं के पास है। अब आगामी 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर इन्हें संगठन से मुक्त किया जा सकता है।
-अनुसूचित मोर्चो के अध्यक्ष मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर भी 2014 में सांसद बने थे। इनको भी रिप्लेस करते हुए एक व्यक्ति, एक पद के तहत हटाया जा सकता है।
-अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष राबर्ट्सगंज के सांसद छोटेलाल खरवार हैं, इनको भी नई कमेटी में रिप्लेस किया जा सकता है।
-इनके अलावा युवा मोर्चा, किसान, और अल्पसंख्यक मोर्च में अध्यक्ष नए हैं।


नए चेहरों में यूथ पर फोकस
-निकाय चुनावों और पिछले लोकसभा चुनावों में जिन जिलों और सीटों पर भाजपा को वोट प्रतिशत में कमी आई थी। उस क्षेत्र के लोगों को प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी जाएगी।

उसके बाद से डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने अपनी नई टीम नहीं बनाई थी। उसके बाद से डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने अपनी नई टीम नहीं बनाई थी।
X
4 सितंबर को यूपी बीजेपी अध्यक्ष का पद डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने संभाला था। (फाइल चित्र)4 सितंबर को यूपी बीजेपी अध्यक्ष का पद डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने संभाला था। (फाइल चित्र)
उसके बाद से डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने अपनी नई टीम नहीं बनाई थी।उसके बाद से डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने अपनी नई टीम नहीं बनाई थी।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..