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राजस्थान डॉक्टर्स के समर्थन में उतरा PMS, अब UP के डॉक्टर भी करेंगे प्रोटेस्ट

राजस्थान के डॉक्टरों के आन्दोलन के समर्थन में उतरा यूपी प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ(पीएमएस)।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 07:37 PM IST
यूपी-पीएमएस के आह्वान पर 21 दिसंबर को प्रदेश के सभी गवर्नमेंट हॉस्पिटल के डॉक्टर्स काला फीता बांधकर ड्यूटी करेंगे। यूपी-पीएमएस के आह्वान पर 21 दिसंबर को प्रदेश के सभी गवर्नमेंट हॉस्पिटल के डॉक्टर्स काला फीता बांधकर ड्यूटी करेंगे।

लखनऊ. राजस्थान सरकार की नीतियों के खिलाफ चल रहे डॉक्टरों के आन्दोलन को अब यूपी प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ(पीएमएस) ने भी अपना समर्थन दे दिया है। यूपी-पीएमएस के आह्वान पर 21 दिसंबर को प्रदेश के सभी गवर्नमेंट हॉस्पिटल के डॉक्टर्स काला फीता बांधकर ड्यूटी करेंगे। वे सांकेतिक रूप से राजस्थान सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना प्रोटेस्ट दर्ज कराएंगे। आगे पढ़िए पूरा मामला...

- वेतन वृद्धि और प्रमोशन, सहित कई अन्य मांगों को लेकर राजस्थान के सरकारी हॉस्पिटलों के डॉक्टर्स बीते एक महीने से हड़ताल पर चल रहे है। सरकारी हॉस्पिटल जूनियर और इन्टर्न डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रही है।

डॉक्टरों की हड़ताल से नाराज राजस्थान सरकार ने रेस्मा कानून के तहत डॉक्टरों की घर से गिरफ्तारियां शुरू कर दी है। इससे डॉक्टरों में रोष है।

-आल इंडिया फेडरेशन फॉर गवर्नमेंट डाक्टर्स एसोसियेशन(एआईएफ़जीडीए) ने राजस्थान में डॉक्टरों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर किया है। साथ ही देश भर के डॉक्टरों को एकजुट होने का आह्वान किया है।

- एआईएफ़जीडीए के आह्वान पर यूपी में सरकारी हॉस्पिटलों के डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग(पीएमएस) भी उतर आया है।

- पीएमएस ने 21 दिसम्बर को प्रदेश भर के सरकारी हॉस्पिटलों के डॉक्टरों को काला फीता बांधकर ड्यूटी करने की अपील किया है।

- इस दिन यूपी के सरकारी हास्पिटलों के डॉक्टर्स सांकेतिक रूप से राजस्थान सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करायेंगे।

ये है डॉक्टरों की अन्य मांगे
1. डॉक्टरों की ड्यूटी ऑवर्स फिक्स किया जाए।
2. पोस्टमॉर्टम एलाउंस दिया जाए
3. समय-समय पर प्रमोशन दिया जाए।
4. एसीपी का लाभ दिया जाये।
5. नॉन प्रैक्टिस एलाउंस(एनपीए) दिया जाए।

क्या है रेस्मा कानून ?
रेस्मा लागू होने के उपरान्त यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध एवं दण्डनीय है। रेस्मा लागू होने के उपरान्त इस आदेश से सम्बन्धि किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारन्ट के गिरफ्तार किया जा सकता है। सरकारें रेस्मा लगाने का फैसला इसलिए करती हैं क्योंकि हड़ताल की वजह से लोगों के लिए आवश्यक सेवाओं पर बुरा असर पडऩे की आशंका होती है। रेसमा अधिकतम 6 माह के लिए लगाया जा सकता है।


PMS का पक्ष ?

- पीएमएस के सेक्रेटरी अमित कुमार ने कहा- "संघ से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक में डाक्टरों की लंबित समस्याओं पर चर्चा हुई। जिसमें राजस्थान सरकार की तरफ से डाक्टरों को लेकर सही रवैया नहीं दिखाने पर गुस्सा दिखाया। यूपी सरकार भी राजस्थान सरकार की तर्ज पर कम कर रही है। अगर सरकार ने जल्द ही डाक्टरों की लम्बित मांगों को पूरा नहीं किया, तब डॉक्टर कोई भी डिसीजन लेने के लिए इंडिपिडेंट हैं।''

यूपी में चिकित्सा सेवा का हाल

डाक्टरों के कुल सृजित पद

17, 800

सरकारी हॉस्पिटलों में डॉक्टरों की संख्या

11,000 (करीब)

यूपी में कुल डिस्ट्रिक्ट हास्पिटलों की संख्या

158 (महिला- पुरुष)

कुल CHC की संख्या

822


सरकार जल्द फैसला लेगी- डीजी (हेल्थ)

- यूपी के डीजी (हेल्थ) पदमाकर सिंह के मुताबिक, "डॉक्टर्स की समस्याओं का निस्तारण करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। डॉक्टरों की ज्यादातर मांगे पूरी की जा चुकी है। जो मांगे लम्बित रह गई है उसे भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।"

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