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UP:घर बैठे छुड़ा सकेंगे अपनी गाड़ियां, ट्रैफिक पुलिस ने बनाया ये हाईटेक APP

ट्रैफिक पुलिस द्वारा बनाया जाने वाला एेप आम जनता के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2017, 05:21 PM IST
इस एप के लिए ट्रैफिक पुलिस की एक स्पेशल विंग तैयार की जा रही है। (फाइल) इस एप के लिए ट्रैफिक पुलिस की एक स्पेशल विंग तैयार की जा रही है। (फाइल)

लखनऊ. यूपी की ट्रैफिक पुलिस ने एक हाईटेक एेप को तैयार किया है। इस एेप की मदद से लोग किसी भी शहर से बैठकर अपनी गाड़ियों का चालान भर सकेंगे। साथ ही, इससे जाम की स्थिति से लेकर ट्रैफिक संबंधी सभी जानकारियां भी मिल सकेंगी। 10 दिसंबर को इस एेप को लांच किया जाएगा। प्रसिद्ध लैंडमार्क का भी पता बताएगा एेप...

- ट्रैफिक पुलिस द्वारा बनाया जाने वाला एेप आम जनता के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। इस एेप से लोग अपने रास्ते में पड़ने वाले शापिंग माल, दुकाने, अस्पताल, और इलाके का प्रसिद्ध लैंडमार्क भी पता कर सकेंगे।
- इस एेप के लिए ट्रैफिक पुलिस की एक स्पेशल विंग तैयार की जा रही है। जल्द ही वह प्रशिक्षण लेकर इस एेप को ऑपरेट करने के लिए तैयार हो जाएगी।

ये होंगी एेप की विशेषताएं
- इस एेप को कई सेक्शन में बांटा गया है। हर सेक्शन में अलग-अलग सूचनाएं दी जाएंगी।

# हेल्प पी - अगर किसी ड्राइवर का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। वह इस ऑप्शन के जरिए मैसेज करके ट्रैफिक पुलिस की मदद ले सकता है। जैसे क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को कहीं पहुंचाना हो। इसके लिए विभाग क्रेन का किराए जोड़ेगी।

# ट्रैफिक जोन- जीपीएस के जरिए यह बताएगा कि इलाके में कौन का लैंडमार्क, दुकान, मार्केट आदि कहां और कितनी दूर है। आपको अपने स्थान से उस जगह पहुंचने में कितना वक्त लगेगा।

# ट्रैफिक वॉयलेशन - किस मार्ग पर यातायात का दबाव है। ड्राइवर किस रास्ते से जाए, जहां उन्हें जाम न मिले। इसके अलावा वैकल्पिक मार्गो की जानकारी रहेगी।

# ट्रैफिक रिस्ट्रिक्शन - कौन सा मार्ग क्यों प्रतिबंधित है। ट्रैफिक अलर्ट-यह जानकारी देगा कि किन रास्तों पर प्रदर्शन व धरना चल रहा है।

# ट्रैफिक एडवाइजरी- दो दिन बाद के रूट डायवर्जन प्रोग्राम, जैसे वीआइपी मूंवमेंट, जुलूस पर डायवर्जन।

# रिपोर्ट इश्यूज - आम लोग रास्ते पर गड्डा होने, साइन एज, मार्ग की लाइट खराब होने के बारे में फोटो भेजकर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

# समिट सजेशन - जनता भी अपना सुझाव दे सकेगी।

#एप्रीसिएशन ऑफिसर - पुलिस अधिकारी व कर्मचारी के व्यवहार की रिपोर्ट जनता दे सकेगी।

# हेल्प लाइन - सभी इमरजेंसी नम्बर इस पर होंगे। फायर, एम्बुलेंस, पुलिस मदद से संबंधित सभी नम्बर इस पर देख सकेंगे।

#फ्रिक्वेंटली आस्क क्वेश्चन - इस सेक्शन में जनता अपनी समस्याओं को लेकर सवाल कर सकेगी। ट्रैफिक पुलिस उनकी समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी देगी.

क्या कहते हैं डीआईजी ट्रैफिक
- डीआइजी ट्रैफिक निदेशालय राजेश मोदक ने बताया " गुरुवार से निदेशालय में टेक्निकल टीम लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद से आए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दे रही है। इस एेप को प्ले स्टोर डाउनलोड कर सकेंगे। यह आपको बताएगा कि किन रास्तों पर जाम है। कौन सा रास्ता बेहतर रहेगा और कितने वक्त पर आप अपने गन्तव्य को पहुंच सकते हैं। इससे जनता को काफी सहूलियत मिलेगी।"

इस एेप की मदद से लोग किसी भी शहर से बैठकर अपनी गाड़ियों का चालान भर सकेंगे। (फाइल) इस एेप की मदद से लोग किसी भी शहर से बैठकर अपनी गाड़ियों का चालान भर सकेंगे। (फाइल)
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इस एप के लिए ट्रैफिक पुलिस की एक स्पेशल विंग तैयार की जा रही है। (फाइल)इस एप के लिए ट्रैफिक पुलिस की एक स्पेशल विंग तैयार की जा रही है। (फाइल)
इस एेप की मदद से लोग किसी भी शहर से बैठकर अपनी गाड़ियों का चालान भर सकेंगे। (फाइल)इस एेप की मदद से लोग किसी भी शहर से बैठकर अपनी गाड़ियों का चालान भर सकेंगे। (फाइल)
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